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    ऋषि कपूर की मौत से अमिताभ बच्चन को गहरा सदमा- मैं उसे देखने अस्पताल नहीं गया, डिलीट किया ट्वीट !

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    अप्रैल का आखिरी दिन हिंदी सिनेमा से दो सुपरस्टार को अपने साथ ले गया। ऋषि कपूर और इरफान खान के निधन की खबर ने सिनेमा को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। खासकर अमिताभ बच्चन को। दोनों ही स्टार ने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया है। हालांकि इरफान की निधन की खबर से जहां वह गम में डूबे ही हुए थे।

    ऋषि कपूर-इरफान को दिल्ली-मुंबई पुलिस की तगड़ी सलामी- तुमको याद रखेंगे गुरु हम, आज रुलाया भी खूबऋषि कपूर-इरफान को दिल्ली-मुंबई पुलिस की तगड़ी सलामी- तुमको याद रखेंगे गुरु हम, आज रुलाया भी खूब

    वहीं इस बीच उनके पुराने साथी ऋषि कपूर के निधन की खबर ने उन्हें गहरा सदमा दिया है। बैक टू बैक अमिताभ बीते दो दिन से ऋषि कपूर के लिए कई पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। हालांकि इस बीच उन्होंने वो पोस्ट अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट कर दी जहां पर उन्होंने पहली बार ऋषि कपूर के निधन की खबर लोगों के सामने रखी थी।

    आखिर ऐसा क्यों क्या है इसकी वजह अमिताभ बच्चन ने खुद अपने ब्लॅाग पर बताया है। जो कि बेहद दर्दनाक है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि आखिर वह अस्पताल ऋषि कपूर से मिलने क्यों नहीं कभी गए। बता दें कि ऋषि कपूर के निधन से अमिताभ पूरी तरह से दर्द में हैं।

    अमिताभ ने लिखा वो चला गया मैं टूट गया हूं

    अमिताभ ने लिखा वो चला गया मैं टूट गया हूं

    ऋषि कपूर अब इस दुनिया में नहीं रहे। इसकी खबर सबसे पहले अमिताभ बच्चन ने पोस्ट करके दी थी। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। अमिताभ ने लिखा था कि वो चला गया। ऋषि कपूर चले गए। उनका निधन दो गया और फिर लिखा मैं टूट गया हूं।

    अमिताभ ने बताया कि वह अपनी भीगी आंखों से

    अमिताभ ने बताया कि वह अपनी भीगी आंखों से

    कई लोगों ने उनसे सवाल किया सोशल मीडिया पर कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। अपने ब्लॅाग पर अमिताभ ने बताया कि वह अपनी भीगी आंखों से ऋषि कपूर की विदाई नहीं करना चाहते थे।

    मैं सोचता हूं कि जब वो गए होंगे तो जेंटल स्माइल के साथ

    मैं सोचता हूं कि जब वो गए होंगे तो जेंटल स्माइल के साथ

    अपने ब्लॅाग में उन्होंने लिखा कि मैं कभी उनके हंसमुख चेहरे पर पीड़ा का भाव देखना नहीं चाहता था। मैं सोचता हूं कि जब वो गए होंगे तो जेंटल स्माइल के साथ ही गए होंगे।मैंने उन्हें उनके घर, देवनगर कॅाटेज चेंबूर में देखा था। एक यंग ऊर्जावान, शरारती और आंखों में शरारत लिए चिंटू। उन दुर्लभ क्षणों में से एक जब मैं एक शाम राज जी के घर पर आमंत्रित किया गया था।

    वे अपने दादा पृथ्वी राज जैसे थे- अमिताभ बच्चन

    वे अपने दादा पृथ्वी राज जैसे थे- अमिताभ बच्चन

    मैंने उन्हें कई बार आरके स्टूडियो में देखा, जब वह बॅाबी के लिए एक एक्टर के तौर पर तैयार हो रहे थे। एक परिश्नमी और उत्साहित नौजवान। जो हर समय अपने रास्ते में आने वाली चीजों को सीखने के लिए तैयार रहता था। वे बहुत ही कॅान्फिडेंट होकर चलते थे। उनका स्टाइल बिल्कुल उनके महान दादा पृथ्वी राज जैसा था।

    उन्होंने कहा था मैं वापस आऊंगा- अमिताभ बच्चन

    उन्होंने कहा था मैं वापस आऊंगा- अमिताभ बच्चन

    अपने इलाज के समय भी उन्होंने कभी भी अपनी स्थिति पर अफसोस नहीं जताया। हमेशा यही होता था कि जल्दी मिलेंगे। अस्पताल जाने का रूटीन है। मैं जल्दी ही वापस आऊंगा। जीवन का जश्न उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला था।उनकी चाल को मैंने पहली फिल्म में नोटिस किया था। हमने कई फिल्मों में साथ काम किया। जब भी वो कोई चीज बोलते आप उनके शब्द पर भरोसा कर लेते।

    वह हास्य से जुड़ी चीजें खोज लेते थे

    वह हास्य से जुड़ी चीजें खोज लेते थे

    सेट पर उनका चंचल रवैया जबरदस्त था। यहां तक कि गंभीर सीन में भी वह हास्य से जुड़ी चीजें खोज लेते थे। केवल फिल्म के सेट पर ही नहीं। किसी भी फॅार्मल मीटिंग में भी वह रोशनी खोज लेते थे। हालात को हल्का कर देते थे। जब भी शॅार्ट को तैयार होने में समय लगता था तो वह अपने साथ प्लेइंग कार्डस लेकर आते थे। वह दूसरो के खेलने के लिए कहते थे. केवल मजे के लिए नहीं एक गंभीर प्रतियोगिता के लिए।

    English summary
    Amitabh bachchan delete Rishi Kapoor death news Tweet and revealed why he never visited him in hospital, Here read
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