Lucifer Movie Review: मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े हीरो से भिड़े विवेक ओबेरॉय, ट्वि्स्ट ऐसे कि हिल जाएगा दिमाग!
Lucifer Malayalam Movie Review: अगर आप भी बॉलीवुड में सेम मसाला फिल्में देख-देखकर ऊब गए हैं तो एक बार हमारे कहने से मलयालम सिनेमा को एक्सप्लोर करें। मलयालम सिनेमा लगातार अपनी कहानी से लोगों को हैरान कर रहा है। अब अगर आप ये सोच रहे हैं कि आखिर कैसे मलयालम सिनेमा को एक्सप्लोर करेंगे तो हम आपके लिए लाए हैं एक खास सीरीज।

इस सीरीज है मलयालम सिनेमा का AtoZ. जहां हमने अब तक A- Aavesham, B- Bhoothkaalam, C- Cold Case, D- Drishyam, E- Eko, F- Family, G- Golam, H- Hridyam, I- Iratta, J- Jana Gana Mana, K- Kannur Squad का रिव्यू किया है और आज हम L- Lucifer का रिव्यू करने जा रहे हैं।
क्या है कहानी
लूसिफर की कहानी केरल के मुख्यमंत्री पी. के. रामदास की अचानक मौत से शुरू होती है। उनकी पार्टी में सत्ता की होड़ मच जाती है और यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि अगला नेता कौन बनेगा। रामदास का साला बॉबी (विवेक ओबेरॉय) सत्ता हथियाने के लिए चालबाजी और पैसे का इस्तेमाल करता है, साथ ही देश में नशीले पदार्थ फैलाने की साजिश भी रचता है। लेकिन उसके सामने खड़ा होता है स्टीफन नेडुमपल्ली (मोहनलाल), जो रामदास का सबसे भरोसेमंद साथी है। स्टीफन की शांति, समझदारी और ताकत सत्ता के खेल में उसकी राह आसान नहीं होने देती। कहानी में राजनीति, सत्ता की लड़ाई और पारिवारिक रिश्तों का कॉम्बिनेशन है, जो दर्शकों को बड़े पर्दे पर बांधे रखता है।
कैसी है फिल्म
फिल्म एक मास एंटरटेनर है, जिसमें राजनीतिक ड्रामा और मसाला मनोरंजन का बैलेंस है। पहले पार्ट में कहानी सरल और समझने में आसान है, जिसमें सत्ता और निजी रिश्तों पर जोर दिया गया है। लेकिन दूसरा पार्ट आते-आते कहानी में ट्वि्स्ट आने लग जाते हैं। दूसरे पार्ट में बड़े एक्शन सीन, पंच डायलॉग्स और मसाला इफेक्ट्स शामिल हैं, जिससे फिल्म में रोमांच और मनोरंजन दोनों बढ़ जाते हैं। बड़े पर्दे पर फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और विजुअल्स दर्शकों को बांधे रखते हैं।
कैसी है एक्टिंग
मोहनलाल फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण हैं। उनका शांत और गंभीर अंदाज, स्टाइलिश एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को जीवंत बनाता है। उनके कुछ सीन पुराने हिट किरदारों की याद दिलाते हैं, जो फैंस के लिए खास अनुभव हैं। विवेक ओबेरॉय ने खलनायक बॉबी के रोल में शानदार काम किया है। मंजन वारियर, तोविनो थोमस, इंद्रजीत सुकुमारन और सई कुमार जैसे सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी अपने रोल्स को मजबूती से निभाया है। कुल मिलाकर एक्टिंग फिल्म का मजबूत हिस्सा है और मोहनलाल के फैंस के लिए यह अनुभव खास बनाती है।
कैसा है डायरेक्शन
प्रिथ्वीराज सुकुमारन ने अपने डायरेक्शन में मोहनलाल जैसे बड़े स्टार को अच्छी तरह संभाला है। फिल्म का स्क्रीनप्ले सरल और सीधा है, जिसमें पॉलिटिकल मसाले और पर्सनल संघर्ष का बैलेंस है। तकनीकी रूप से फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक भी मजबूत हैं, जो बड़े पर्दे पर कहानी के मसाला और थ्रिलर अनुभव को और बढ़ाते हैं। कुछ हिस्सों में फिल्म की स्पीड धीमी लगती है, लेकिन बड़े सीन और मसाला एंटरटेनमेंट इसे फुल‑फ्लेज्ड मसाला फिल्म बनाते हैं।
फाइनल रिव्यू
लूसिफर एक स्टाइलिश और मसालेदार राजनीतिक थ्रिलर है, जिसमें सत्ता, राजनीति और फैमिली ड्रामा का अच्छा कॉम्बिनेशन है। मोहनलाल की एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म का मैन अट्रैक्शन हैं। बड़े एक्शन सीन, मसाला डायलॉग्स और स्टारडम ने फिल्म को फैंस के लिए मनोरंजक बनाया है। अगर आप मोहनलाल के फैन हैं या राजनीतिक मसाला थ्रिलर और बड़े एक्शन सीन पसंद करते हैं, तो लूसिफर आपके लिए देखने लायक फिल्म है।
कहां देखें फिल्म
आपको बता दें, मोहनलाल और विवेक ओबेरॉय स्टारर ये फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई थी। ये फिल्म कई OTT प्लैटफॉर्म पर अवेलेबल है। अगर आप इस दक्षिण भाषा जैसे- मलयालम, तमिल और तेलुगु वर्जन में देखना चाहते हैं तो इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं। अगर आप इसे हिंदी डब में देखना चाहते हैं तो आप इस फिल्म को सोनी लिव पर देख सकते हैं।


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