Cold Case Movie Review: रहस्य, हॉरर और क्राइम का अनोखा कॉम्बिनेशन, पृथ्वीराज सुकुमारन की कमाल एक्टिंग
Cold Case Malayalam Movie Review: बॉलीवुड फिल्मों का फ्लेवर अगर आपको अब नहीं सुहाता, तो मलयालम सिनेमा को ट्राई करना तो बनता है बॉस। अगर आप सोच रहे हैं कैसे इस सिनेमा को एक्सप्लोर करें तो हम आपको लिए लाए हैं एक नई सीरीज, जिसमें आप मलयालम सिनेमा के AtoZ के बारे में बताएंगे।

अब तक A से Avesham का रिव्यू कर चुके हैं, B से Bhoothakaalam का रिव्यू कर चुके हैं और अब C से Cold Case का रिव्यू करने जा रहे हैं। ये फिल्म 30 जून 2021 को रिलीज हुई थी। आइए एक नजर इस फिल्म के रिव्यू पर डालें-
क्या है कहानी
फिल्म Cold Case की कहानी एक रहस्यमयी घटना से शुरू होती है। समुद्र किनारे मछली पकड़ने वाले एक व्यक्ति को कचरे में लिपटी हुई एक इंसानी खोपड़ी मिलती है। यह मामला लोकल पुलिस तक पहुंचता है और जांच की जिम्मेदारी ACP सत्यजीत को सौंपी जाती है, जिसका किरदार पृथ्वीराज सुकुमारन ने निभाया है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, मामला सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं रह जाता, बल्कि इसमें अजीब और डरावनी घटनाएं भी जुड़ने लगती हैं। पुलिस जांच और पैरानॉर्मल (अलौकिक) एंगल साथ-साथ चलते हैं। पूरी कहानी इसी बात पर टिकी है कि हत्या के पीछे कौन है और इन रहस्यमयी घटनाओं का सच क्या है।
कैसी है फिल्म?
Cold Case एक सस्पेंस थ्रिलर है जिसमें हॉरर का तड़का लगाया गया है। फिल्म का आइडिया नया और दमदार है। क्राइम इन्वेस्टिगेशन और डर का कॉम्बिनेशन सुनने में काफी दिलचस्प लगता है।
हालांकि, फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी प्रेजेंटेशन है। डायरेक्टर ने बहुत सारे एलिमेंट्स एक साथ डालने की कोशिश की है, जिससे कहानी जरूरत से ज्यादा उलझ जाती है। पहले हाफ में कुछ सीन आपको बांधते हैं, लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और सस्पेंस कमजोर हो जाता है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते असर उतना दमदार नहीं रह जाता जितनी उम्मीद होती है।
कैसी है एक्टिंग?
एक्टिंग के मामले में फिल्म मजबूत नजर आती है। पृथ्वीराज सुकुमारन ने ACP के रोल में शानदार काम किया है। उनका सीरियस अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को संभालता है। अदिति बालन अपने किरदार में इंपैक्टफुल लगी हैं। सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी अपने रोल ईमानदारी से निभाए हैं। कुल मिलाकर, एक्टिंग फिल्म की बड़ी ताकत है।
फाइनल रिव्यू
Cold Case एक ऐसा सस्पेंस थ्रिलर है जिसकी कहानी का आइडिया काफी अच्छा है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और जरूरत से ज्यादा उलझी हुई कहानी इसकी पकड़ ढीली कर देती है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी तारीफ के काबिल है, लेकिन एडिटिंग और क्लाइमैक्स पर और काम किया जा सकता था।
अगर आप पृथ्वीराज सुकुमारन के फैन हैं या स्लो-बर्न मिस्ट्री फिल्में पसंद करते हैं, तो एक बार इसे देख सकते हैं। लेकिन तेज रफ्तार और दमदार सस्पेंस की उम्मीद लेकर बैठेंगे, तो थोड़ी निराशा हाथ लग सकती है।
इस फिल्म को आप OTT प्लैटफॉर्म प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।


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