ठग्स ऑफ हिंदुस्तान एक बॉलीवुड एक्शन से भरपूर फिल्म है, जिसका निर्देशन विजय कृष्णा आचार्य ने किया है। इस फिल्म में सभी नदे सितारे नजर आने वाले हैं, जिनमे अमिताभ बच्चन, आमिर खान, कैटरीना कैफ, फातिमा सना शेख शामिल हैं। यह एक पीरियड ड्रामा फिल्म है। फिल्म की कहानी फातिमा के किरदार के इर्द गिर्द घूमेगी। ठग्स ऑफ हिंदुस्तान 1839 में आई Meadows Taylor's की नॉवेल Confessions of a Thug पर आधारित है। इस फिल्म में एक ठग अपने पूरे गैंग के साथ अंग्रेज सरकार से टकराते दिखेगा। फिल्म सिनेमाघरों में 8 नवंबर 2018 को रिलीज हुई। जाने क्या है ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान में ख़ास कहानी ठग्स ऑफ हिंदोस्तान 1795 की कहानी दिखाती है। जिसकी जबरदस्त शुरूआत होती है उस सीन से जहां रौनकपुर के शासक, मिर्जा बेग (रौनित रॉय), उनकी बीवी और बच्चे को विश्वासघात द्वारा निर्मता से मौत के घाट उतार दिया जाता है। ये हरकत करने वाला और कोई नहीं बल्कि ब्रिटिश ऑफिसर क्लाइव (लॉयड ओवेन) है। इस शाही परिवार की आखिरी जीवित सदस्य होती है जाफिरा, जिसे उसके पिता के भरोसेमंद सेनापति खुदाबख्श बचा लेता है। फिल्म की कहानी 11 साल आगे पहुंचती है, जहां हमें दिखाया जाता है कि खुदाबख्स मसीहा बन चुका है जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। वहीं उसके साथ है बड़ी हो चुकी जाफिरा (फातिमा सना शेख)। जाफिरा अपने परिवार के साथ बर्बरता करने वाले अंग्रेजों से बदला लेने के लिए बेताब है। दोनों अपने लोहों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा करते हैं और इस फौज को नाम देते हैं 'आज़ाद'। 'आज़ाद' को धर दबोचने के लिए क्लाइव एक ठग से मदद लेता है, जिसका नाम है फिरंगी मल्लाह (आमिर खान)। विदेशी रंग ढंग वाले इस फिरंगी मल्लाह की फितरत किसी गिरगिट से कम नहीं है। फिरंगी मल्लाह एक ऐसा इंसान है जो कमाई के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और कोई भी रंग बदल सकता है। अपनी चालाकी के लिए मशहूर फिरंगी मल्लाह फिल्म का शातिर खिलाड़ी है।
दुर्भाग्य से, खराब निर्देशन और ढीला प्लॉट ने ठग्स ऑफ हिंदोस्तान को इतना कमजोर कर दिया कि अमिर और अमिताभ भी इस फिल्म को नहीं बचा पाए। फिल्म देखकर निकली ऑडिएंस ही खुद को ठगा सा महसूस करती रह गई।
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बड़े स्टार्स की मौजूदगी के बावजूद ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान की कमजोर स्क्रिप्ट और कहानी आपको निराश करती है। अगर आप आमिर खान और अमिताभ बच्चन के जबरदस्त फैन हैं, तो इस फिल्म को महज टाइम पास के लिए देख सकते हैं।
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फिल्म की कहानी दिलचस्प है लेकिन निर्देशन कमजोर. कहानी की रफ्तार कई जगह सुस्त हो जाती है। फिल्म की कहानी ऐसी है जो शायद सभी को पसंद ना आए। खासतौर पर अंग्रेजी फिल्में देखने वाली ऑडियंस को फिल्म के इफेक्ट प्रभावित न कर पाएं।