विक्ट्री वर्ष 2009 में रिलीज हुई एक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जिसका निर्देशन अजित पाल मंगत ने किया है। फिल्म में हरमन बावेजा, अमृता राव और अनुपम खेर मुख्य भूमिका में दिखाई दिए। कहानी: जैसलमेर का लड़का विजय शेखावत ( हरमन बावेजा) काफी संघर्ष के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने में कामयाब होता है। उसके पिता ( अनुपम खेर) चाहते है कि वो एक बहुत बड़ा क्रिकेटर बने। विजय क्रिकेट में बेहतर पारी खेलता है जिससे उसके प्रशंसको की संख्या में वृद्धि होने के साथ कई मंहगे प्रचार के मौके मिलते है। उसकी सफलता का असर उसके व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है। उसके गांव में उसकी प्रेमिका ( अमृता राव) अब भी उसका इंतजार कर रही है, जिसे वह भूल जाता है। सफलता और उच्च समाज में पहुंचकर विजय अपने आप को भूल जाता है। उसका प्रदर्शन खराब होने लगता है नतीजा उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है। इस घटना से उसके पिता को दिल का दौरा पड़ता है। तब विजय अपनी गलतियों को सुधारने का संकल्प लेता है और टीम में वापस जाने के लिए मेहनत शुरू करता है। एक महत्वपूर्ण मैच में सिर में चोट लगने के बावजूद भारत को जीता देता है। फिल्म को देखत वक्त किसी भी तरह का रोमांच पैदा नही होता है। फिल्म की पटकथा पर बेहतर काम नही किया गया है। केवल बड़े अंतरराष्ट्रिय स्तर के खिलाडि़यों को ले लेने से ही काम नही चल जाता है। हालांकि हरमन ने मेहनत करने की कोशिश की है लेकिन अच्छी पटकथा के अभाव में वे कुछ खास नही कर पाते है।