अर्जुन पटियाला 26 जुलाई 2019 को रिलीज एक बॉलीवुड फिल्म है, जिसका निर्देशन रोहित जुगराज ने किया है। अगर बात फिल्म के कलाकारों की करें तो फिल्म में कृति सेनन, दिलजीत दोसांझ, सनी लियोनी, वरुण शर्मा आदि कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म के माध्यम से सिल्वर स्क्रीन पर पहली बार दिलजीत दोसांझ और कृति सेनन रोमांस करते नजर आये। फिल्म की कहानी 'अर्जुन पटियाला' एक कॉमिडी फिल्म है जिसकी कहानी एक पुलिसवाले अर्जुन पटियाला (दिलजीत दोसांझ), उसके साथी ओनिड्डा सिंह (वरुण शर्मा) और एक टीवी रिपोर्टर रितु रंधावा (कृति सैनन) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म की कहानी में बहुत ही मजेदार तरीके इन दोनों पुलिस वालों के साथ ही रिपोर्टर भी मिलकर पंजाब एक शहर फिरोजपुर को अपराध मुक्त बनाने की कोशिश करते हैं। फिल्म की कहानी में भी कहानी है। एक राइटर अपनी कहानी लेकर प्रोड्यूसर (पंकज त्रिपाठी) के पास आता है और उन्हें अपनी स्क्रिप्ट सुनाना शुरु करता है। उसकी कहानी में हीरो है, हीरोईन है, रोमांस, एक्शन, ड्रामा, इमोशन और सनी लियोन का आईटम नंबर भी है। काल्पनिक कहानी के मुख्य किरदार हैं अर्जुन पटियाला (दिलजीत दोसांझ), जिसके माता पिता का सपना होता है कि उनका बेटा पुलिस वाला बने। वहीं, अर्जुन आईपीएस गिल (रॉनित रॉय) को अपना हीरो मानता है और उन्हीं की तरह स्पोर्ट्स में गोल्ड मेडल जीतकर पुलिस में भर्ती हो जाता है। फिरोजपुर का चौकी इंचार्ज बना अर्जुन अपने काम के प्रति ईमानदार और सजग है। आईपीएस गिल ने उसे थाने की जिम्मेदारी देते हुए कहा कि वह क्राइम फ्री जिला चाहते हैं। ऐसे में अर्जुन की मुलाकात होती है क्राइम रिपोर्टर रितु रंधावा (कृति सैनन) से। जहां अर्जुन क्रिमिनल्स का खात्मा करता जाता है, रितु से हर क्राइम सीन पर उसकी मुलाकात होती है। लिहाजा, दो- तीन रोमांटिक डायलॉग्स के बाद एक रोमांटिक गाना आता है और दोनों साथ हो जाते हैं। फिरोजपुर जिले की विधायक हैं प्राप्ती मक्कड़ (सीमा पाहवा), जिन्हें लोग 'प्रॉपर्टी मक्काड़' कहते हैं क्योंकि वह भी बेईमान है। खैर, क्राइम फ्री जिला करने की कोशिश में अर्जुन पटियाला को प्राप्ती कक्कड़ और लोकल गुंडा सकूल (मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब) जैसे कई अपराधियों से भिड़ना पड़ता है। लेकिन गुंडों के सफाया करते करते कहानी में कई ट्विस्ट एंड टर्न्स आते हैं, जो हास्यास्पद परिस्थिति बनाते हैं।
कृति सैनन और दिलजीत दोसांझ के रोमांस, वरूण शर्मा की बेबाक कॉमेडी के बावजूद फिल्म ठहाके मारकर हंसने या कुछ अनुभव करने का मौका नहीं देती। एक्शन, रोमांस, इमोशन, ड्रामा, कॉमेडी के दो घंटों के इस सफर में आपको थोड़ी बोरियत हो सकती है।