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INTERVIEW: शाहरुख खान के साथ एक फुल रोमांटिक फिल्म करना चाहती हूं- कृति सैनन

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बॉलीवुड में 5 साल गुज़ार चुकीं एक्ट्रेस कृति सैनन ने काफी कम समय में दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। बरेली की बर्फी की बिट्टी हो या लुका छुपी की रश्मी त्रिवेदी, कृति सैनन हर किरदार में परफेक्ट दिखी हैं। यही वजह है आज वह साल में एक के बाद एक चार फिल्में तक कर रही हैं। कृति की ताजा फिल्म 'अर्जुन पटियाला' 26 जुलाई को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले कृति ने मीडिया से अपनी खुशी, अपना अनुभव साझा किया। इंटरव्यू में उन्होंने अपनी फिल्में, अपने किरदार से लेकर व्यकितगत जीवन पर भी खुलकर बातें की।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

इस फ़िल्म में आप पत्रकार की भूमिका निभा रहीं हैं, उसके लिए कोई खास तैयारी?

इस फ़िल्म में आप पत्रकार की भूमिका निभा रहीं हैं, उसके लिए कोई खास तैयारी?

किसी पत्रकार को फॉलो तो नहीं किया। चूंकि यह एक कॉमेडी फिल्म है, सब कुछ मस्ती मज़ाक में चलता है। मैं फिरोजपुर की एक क्राइम रिपोर्टर का किरदार अदा कर रही हूँ। तो छोटे शहरों के रिपोर्टर का अंदाज़ एक अलग होता है, मैंने वो पकड़ने की कोशिश की है। फिल्म में मेरा किरदार अपने प्रोफेशन को लेकर काफी गंभीर है।

फ़िल्म में आपका किरदार काफी स्ट्रांग मालूम पड़ता है। असल जिंदगी में मानसिक तौर पर आप कितनी स्ट्रांग हैं?

फ़िल्म में आपका किरदार काफी स्ट्रांग मालूम पड़ता है। असल जिंदगी में मानसिक तौर पर आप कितनी स्ट्रांग हैं?

स्ट्रांग तो मैं हूँ। मुझे लगता है कि अपनी सोच और राय को लेकर मैं काफी स्ट्रांग हूँ। जो मुझे सही लगता है, मैं उसके लिए आवाज़ ज़रूर उठाती हूँ। शायद इसीलिए मुझे पर्दे पर भी वैसे ही किरदार ज्यादा पसंद आते हैं। मुझे डरी सहमी जैसी लड़की का किरदार पसंद नहीं, यदि उसमें कोई शेड ना हो तो। जैसे क्वीन का किरदार लें तो, वो काफी सहमी लड़की थी, लेकिन उसमें एक ग्राफ था। मुझे ऐसे किरदार पसंद हैं।

आपने अब तक दो- तीन फिल्में ऐसी की हैं, जिसमें हल्की फुल्की कॉमेडी है। ऐसे में आप किन बातों का रखती हैं कि आपका अभिनय दोहराया गया ना लगे?

आपने अब तक दो- तीन फिल्में ऐसी की हैं, जिसमें हल्की फुल्की कॉमेडी है। ऐसे में आप किन बातों का रखती हैं कि आपका अभिनय दोहराया गया ना लगे?

ज्यादातर मैं डाइरेक्टर के निर्देश पर चलने की कोशिश करती हूं। लेकिन हां, यदि किसी सीन को फिल्माते वक्त मुझे ऐसा लगता है कि ऐसा कुछ मैंने पहले भी किया है, तो मैं निर्देशक से सलाह मशवरा जरूर करती हूं। यूं भी हर फिल्म का फ्लेवर अलग होता है। बरेली की बर्फी हो या लुका छुपी या अर्जुन पटियाला.. तीनों फिल्म में मेरे किरदार का बैकग्राउंड अलग है, लिहाजा सोच और अंदाज में भी बदलाव महसूस होता है। मुझे लगता है कि कॉमेडी काफी हद तक रिएक्शन पर भी निर्भर करता है। मैं रियल लाइफ में कुछ खास फनी नहीं हूं.. लेकिन स्क्रीन पर कॉमेडी करना मुझे पसंद है।

आप एक साल में चार- चार फिल्में कर रही हैं। कहीं अक्षय कुमार को टक्कर देने का इरादा तो नहीं?

आप एक साल में चार- चार फिल्में कर रही हैं। कहीं अक्षय कुमार को टक्कर देने का इरादा तो नहीं?

(हंसते हुए) उन्होंने ही मुझे बोला है कि ज्यादा से ज्यादा फिल्में करो। वैसे फिल्म की रिलीज प्रोड्यूसर के हाथों में होती है, तो कई बार ऐसा होता है सभी फिल्में एक साथ आ जाती हैं। वैसे हां, ये साल मेरा काफी व्यस्त रहा है। मैं एक फिल्म के सेट से दूसरे फिल्म की सेट पर बिना मुंबई आए पहली बार गई हूं। और यह काफी अच्छा अहसास है।

आज की अभिनेत्रियों में किसका काम आप पसंद करती हैं या किसे कंपिटिशन मानती हैं?

आज की अभिनेत्रियों में किसका काम आप पसंद करती हैं या किसे कंपिटिशन मानती हैं?

मैं कंपिटिशन को काफी अलग तरह से देखती हूं। मैं दूसरे के काम को भी काफी गंभीरता से देखती हूं लेकिन तुलना नहीं करती। मैं उन्हें सराहती हूं, उनसे सीखने की कोशिश करती हूं। बहुत सारी एक्ट्रेसस हैं, जो बेहतरीन काम कर रही हैं। दीपिका, आलिया, कंगना, प्रियंका इन सबके काम मुझे पसंद हैं, मुझे प्रेरणा मिलती है।

एक के बाद एक आपकी फिल्में सफल हो रही हैं, ऐसे में स्क्रिप्ट के चुनाव का तरीका बदला है?

एक के बाद एक आपकी फिल्में सफल हो रही हैं, ऐसे में स्क्रिप्ट के चुनाव का तरीका बदला है?

मेरा तरीका बदला नहीं है। मैं आज भी अपने दिल की ही सुनती हूं। मैं एक स्क्रिप्ट को ऑडियंस की तरह सुनती हूं और यदि कहानी क्लिक कर जाए तो फिल्म कर लेती हूं। मैं दर्शक की तरह सोचती हूं कि मुझे ये फिल्म देखने में मजा आएगा या नहीं। जब 'बरेली की बर्फी' की स्क्रिप्ट मैंने सुनी थी, तो शुरुआत के 20 मिनट में ही मुझे पता था कि ये फिल्म मैं कर रही हूं। कभी कभी होता है कुछ निर्देशक हैं या कुछ ऐसे लोग हैं, जिनके साथ आपको काम करना है, तो यदि आपको वह अवसर मिलता है आप ले लेते हैं।

बरेली की बर्फी हो या लुका छुपी, आप अपने किरदारों से लड़कियों को इंस्पायर भी कर रही हैं। इसे किस तरह देखती हैं?

बरेली की बर्फी हो या लुका छुपी, आप अपने किरदारों से लड़कियों को इंस्पायर भी कर रही हैं। इसे किस तरह देखती हैं?

यदि ऐसा है तो मुझसे ज्यादा खुश और कोई नहीं होगा। मैं खुद भी शायद हूं वैसी, आजाद.. और मैं चाहती हूं कि सभी लड़कियां आजादी के साथ रहें, बिना किसी दवाब। अपने हक को पहचाने और आवाज उठाएं। मुझे लगता है कहीं ना कहीं मेरे किरदार ऐसे ही हैं, जो सवाल उठाना जानते हैं।

फिल्म इंडस्ट्री में आपने 5 साल पूरे कर लिये हैं। इस सफर से कितनी संतुष्ट हैं?

फिल्म इंडस्ट्री में आपने 5 साल पूरे कर लिये हैं। इस सफर से कितनी संतुष्ट हैं?

मैं खुश हूं। मैं घर में वैसी लड़की थी जो ज्यादा लोगों से मिलती जुलती नहीं थी, जो स्टेज पर जाने से डरती थी, पार्टी में जाना मुझे पसंद नहीं था। तो फिल्मी दुनिया में आकर और यहां तक पहुंच कर मैं खुश हूं। मुझे खुद पर गर्व है। हां, मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं रहा और मैं इस सफर में बिल्कुल ही नई थी। लेकिन यहां कई लोग मुझे जिन्होंने मुझपर विश्वास दिखाया और साथ दिया। कहीं ना कहीं आपको कुछ ऐसे लोग चाहिए होते हैं जो देखकर बोलें कि हां, तुम कर सकती हो। वहां से खुद पर विश्वास बढ़ता है। मैंने थियेटर वैगेरह भी नहीं किया है, तो मैंने सबकुछ फिल्म के सेट पर ही सीखा है। हर फिल्म के साथ मैं सीखती गई। आज मैं खुश हूं, लेकिन संतुष्ट नहीं। मुझे अभी बहुत काम करना है।

आपके शाहरुख खान, अक्षय कुमार जैसे सितारों के साथ भी काम किया है, जो सालों से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। कैसा अनुभव रहा?

आपके शाहरुख खान, अक्षय कुमार जैसे सितारों के साथ भी काम किया है, जो सालों से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। कैसा अनुभव रहा?

शाहरुख सर के साथ मैंने काम किया है, लेकिन मैं एक फिल्म में उनके अपोजिट जरूर काम करना चाहूंगी। वो भी एक रोमांटिक फिल्म। मुझे लगता है कि उनके बेहतर रोमांस कोई नहीं कर सकता। वहीं, अक्षय सर के साथ भी काम करना बहुत मजेदार रहा। शाहरुख हों या अक्षय.. ये सभी स्टार्स इतनी एनर्जी से काम करते हैं कि इन्हें देखकर ही काम के प्रति उत्साह बढ़ जाता है। इतने सालों तक काम करने के बाद भी इनमें गजब की एनर्जी है, गजब का लगन है।

तापसी पन्नू हों राधिका आप्टे, आजकल कई अभिनेत्रियां महिला प्रधान फिल्में की ओर रुख कर रही हैं। आप ऐसी कोई फिल्म करना चाहेंगी?

तापसी पन्नू हों राधिका आप्टे, आजकल कई अभिनेत्रियां महिला प्रधान फिल्में की ओर रुख कर रही हैं। आप ऐसी कोई फिल्म करना चाहेंगी?

दरअसल, पिछले एक- डेढ़ महीने में मुझे लगभग 10 फिल्मों की स्क्रिप्ट मिली हैं, जो महिला प्रधान है। मैं खुश हूं कि ऐसी कहानियां लिखी जा रही है.. और वो कहानियां मेरे पास आ रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं ये कर सकूंगी। मैं फिलहाल एक थ्रिलर फिल्म कर रही हूं।

आजकल बॉयोपिक फिल्में काफी बन रही हैं, आप किसका बॉयोपिक निभाना चाहेंगी?

आजकल बॉयोपिक फिल्में काफी बन रही हैं, आप किसका बॉयोपिक निभाना चाहेंगी?

मधुबाला या मीना कुमारी.. मैं इनकी जिंदगी की कहानी जानने की इच्छुक हूं। इन्हें पर्दे पर जरूर उतारना चाहूंगी यदि मौका मिले तो।

कोई शक नहीं आने वाली फिल्मों के साथ कृति और भी सफल फिल्में अपने नाम करेंगी। अर्जुन पटियाला के बाद इस साथ कृति हाउसफुल 4 में नजर आने वाली हैं, जिसमें उनके साथ अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, बॉबी देओल, कृति खरबंदा आदि हैं। वहीं, आशुतोष गोवारिकर की पीरियड ड्रामा 'पानीपत' में कृति अर्जुन कपूर के साथ दिखेंगी।

English summary
Kriti Sanon is ready with her upcoming film Arjun Patiala. Before film release, she had an chit chat with media, where she talked about her choices of roles, competition and upcoming movies.
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