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    REVIEW..खराब स्क्रीनप्ले ही बन गई फिल्म की दुश्मन..ऐसी है अर्जुन रामपाल की 'डैडी' !

    By Madhuri
    |

    Rating:
    2.0/5
    Star Cast: अर्जुन रामपाल, ऐश्वर्या राजेश, निशिकांत कामत, राजेश श्रींगारपुरे, फरहान अख्‍तर
    Director: अशिम आहलुवालिया

    क्या है खास : अर्जुन रामपाल, प्रोडक्शन डिज़ाइन।

    क्या है बकवास : फिल्म की धीमी गति सारा मज़ा किरकिरा कर देगी।

    कब लें ब्रेक : इंटरवल में।

    शानदार पल : फिल्म में ऐसा कुछ खास नहीं है जो अापके साथ रह जाए।

    अर्जुन रामपाल डैडी में कोशिश करते दिखते हैं लेकिन दिक्कत यही है कि कई जगह उनकी कोशिश समझ आ जाती है। फिल्म की गति इतनी धीमी है कि आप चाह कर भी इससे बंधे रहने में नाकामयाब हो जाते हैं।

    अर्जुन रामपाल को अपनी कोशिश के पूरे नंबर मिलने चाहिए। काफी समय बाद वो अकेले किसी फिल्म को अपने कंधों पर खींच रहे हैं। लेकिन डैडी के डायरेक्टर निशिकांत कामत उनका साथ नहीं देते हैं।

    Daddy Public Review | Arjun Rampal | Aishwarya Rajesh | Farhan Akhtar | FilmiBeat
    फिल्म का प्लॉट

    फिल्म का प्लॉट

    ये फिल्म अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गुलाब गवली के जीवन पर आधारित है, जिसका किरदार निभा रहे हैं अर्जुन रामपाल। ये कहानी है 1960 के दशक के आसपास की जब मुंबई में एक के बाद एक कपड़ा मिल बंद कर दी जा रही थीं। जिसके बाद सैकड़ों लोग बेरोज़गार हो गए थे। जिसमें अरुण गुलाब गावली (अर्जुन रामपाल) भी शामिल थे।

    बनाता है गैंग

    बनाता है गैंग

    इसके बाद अरुण अपने कुछ साथियों के साथ रामा नाइक (राजेश), बाबू रेशिम (आनंद) अपनी खुद की एक गैंग बनाता है। 70 से 80 के दशक तक मध्य मुंबई के इलाके का बेताज बादशाह बन जाता है। गवली का उदय ही उसे दाऊद इब्राहिम का दुश्मन बना देता है। फिल्म में दाऊद के किरदार को मकसूद (फरहान) का नाम दिया गया है।

    निर्देशन

    निर्देशन

    वहीं फिल्म का निर्देशन भी बेहतर हो सकता था। एक अच्छा निर्देशन देने में अशिम आहलुवालिया सफल नहीं हो सके। कमज़ोर संवाद आपको निराश कर सकते हैं। इसमें गावली को एक पारिवारिक आदमी दिखाने में ज्यादा समय दे दिया गया है।

    परफॉर्मेंस

    परफॉर्मेंस

    बात की जाए परफॉरमेंस की तो इसकी एक शानदार चीज़ है तो वो है बस अर्जुन रामपाल। गावली के किरदार के अर्जुन ने पूरी तरह से न्याय किया है। उनकी बॉडी लैंग्वेज शानदार थी, उनकी एक्टिंग काफी अच्छी रही। हालांकि उनकी प्रोस्थेटिक नाक आपको थोड़ी अजीब लग सकती है। निशिकांत कामत की एक्टिंग भी ठीक ठाक रही। फरहान अख्तर, जिनका फिल्म में कैमियो बताया गया, उस हिसाब से किरदार लंबा है। अगर हम कहें कि फरहान पर मकसूद का किरदान जचा नहीं, तो गलत नहीं होगा।

    तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    बात की जाए तकनीकी पक्ष की तो फिल्म की एडिटिंग पर और काम करना चाहिए था। स्क्रिप्ट में काफी कमी रह गई। फिल्म का खराब स्क्रीनप्ले ही इसका दुश्मन बन गया, ये कहना गलत नहीं होगा।

    फिल्म के गाने

    फिल्म के गाने

    बात की जाए गानों की तो इसके गाने भी आपको ज्यादा इम्प्रेस नहीं कर पाएंगे। ज़िंदगी मेरा डांस डांस, आला रे आला गणेशा गानें आपपर कोई असर नहीं डालेंगे।

    वर्डिक्ट

    वर्डिक्ट

    एतक डार्क फिल्म की क्षमता इसमें है लेकिन कहीं ना कहीं ये फिल्म इम्प्रेस करने में मार खा गई है। इसमें एक डायलॉग है जब गावली की पत्नी पुलिस ऑफिसर को कहती है कि अगर आप एक चौल में पैदा हुए होते और वो (गावली) एक पुलिस ऑफिसर के घर तो अाप एक गुंडा होते और वो पुलिस ऑफिसर। यही डायलॉग है फिल्म की जान।

    English summary
    Arjun Rampal Daddy Movie Review Story Plot Rating.
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