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50 साल बाद भी गुरूदत्त को लेकर क्यों खामोश हैं वहीदा?

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वो चंचल हैं, शोख हैं, बेइतंहा खूबसूरत हैं, उनके व्यक्तित्व की कशिश आज भी लोग बार-बार महसूस करते हैं। उनकी मुस्कान में लोगों को नशा दिखता है तो उनके आंखों के पैमाने आज भी बहुत लोग डूबने के लिए तैयार है.. क्योंकि वो चौहदवीं का चांद हैं...और चांद तो हमेशा ही जवां और खूबसूरत होता है...आप समझ गये होंगे कि हम किसकी बात कर रहे हैं.. जी हां हम बात कर रहे हैं बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री वहीदा रहमान की।

गुरूदत्त, वहीदा के अतित का वो हिस्सा है जिसे वो किसी शेयर नहीं कर सकती हैं

हिंदी सिनेमा की इस महान अदाकारा ने अपने फिल्मी जीवन में हर बड़े सितारे के साथ काम किया है और एक से बढ़कर एक खूबसूरत फिल्में दी हैं। आज वहीदा का जीवन एक किताब की शक्ल में आम आदमी के बीच में प्रकट हो चुका है और उस किताब का नाम है 'कंवरसेशंस विद वहीदा'. जिसे लिखा है लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर ने। कई फिल्मी हस्तियों के जीवन को कलमबद्ध करने वाली नसरीन की इस किताब का लोकार्पण वहीदा ने ही किया। वहीदा ने नसरीन को इस बात के लिए बधाई भी दी।

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इस किताब में वहीदा के जीवन से जु़ड़े हर खास बातों का जिक्र है सिवाय एक है.. और वो है गुरूदत्त से वहीदा का रिश्ता। इस मामले में नसरीन ने अपना पन्ना कोरा ही रखा है, जिसके बारे में जब वहीदा से लोगों ने जानना चाहा तो वहीदा एकदम से भड़क गयीं और उन्होंने गुस्से में बोला कि मैं इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहती, मेरी निजी जिंदगी से किसी को वास्ता नहीं होना चाहिए।

जहां तक गुरूदत्त के आत्महत्या का सवाल है तो मैं बता दूं कि मुझे नहीं लगता कि फिल्म 'कागज के फूल' की असफलता की वजह से वह अवसाद में थे,क्योंकि उसके तुरंत बाद उन्होंने 'चौदहवीं का चांद' बनाई, जो सुपरहिट हुई।"

ताज्जुब यह है कि गुरूदत्त की मौत के 50 साल बाद और एक अच्छी-खासी शादी-शुदा जिदंगी जीने वाली वहीदा रहमान आज भी गुरूदत्त के बारे में खुलकर बोलना नहीं चाहती हैं शायद इसलिए क्योंकि गुरूदत्त, वहीदा के अतित का वो हिस्सा है जिसे वो किसी शेयर नहीं कर सकती हैं और इतना वक्त गुजर जाने के बाद भी शायद आज भी उनके दिल से गुरूदत्त के लिए मुहब्बत खत्म नहीं हुई है।

गौरतलब है कि ऐसा कहा जाता है कि वहीदा और गुरूदत्त एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे लेकिन गुरूदत्त शादी-शुदा थे। गुरूदत्त की पत्नी और मशहूर गायिका गीता दत्त को उनके और अभिनेत्री वहीदा रहमान के रिश्ते पर एतराज था। इसलिए उनका दांपत्य जीवन काफी खराब रहा। दोनों में काफी झगड़े होते थे जो कि गुरूदत्त की परेशानी का बहुत बड़ा कारण था।

और यही नहीं प्यासा, साहब बीवी और गुलाम, चौदहवीं का चांद जैसी सिने जगत की बेहतरीन फिल्मों के हीरो गुरूदत्त उस समय दिवालिया हो गये जिस समय उनकी फिल्म 'कागज के फूल' फ्लॉप हो गयी। इस प्रहार से गुरूदत्त काफी टूट गये थे और गीता दत्त की वजह से वहीदा को भी वो प्रेमिका के रूप में अपना नहीं पाये जिसके चलते उन्होंने असमय मौत को गले लगा लिया था। गुरुदत्त 10 अक्टूबर, 1964 को अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे।

English summary
Veteran actress Waheeda Rehman, who has shared her life journey in the book "Conversations with Waheeda", was tight-lipped about her alleged relationship with filmmaker Guru Dutt.
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