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राउडी को ओवरटेक करने के चक्‍कर में फरारी की सवारी

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शरमन जोशी की मेन लीड फिल्म फेरारी की सवारी बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी स्पीड से जा रही है। ऐसा लग रहा था कि अक्षय की राउडी राठौर के आगे किसी भी फिल्म का चल पाना कम से कम कुछ दिनों के लिए तो मुश्किल है पर फेरारी की स्पीड ने राउडी राठौर को पीछे तो नहीं छोड़ा पर उसके आगे निकलने की कोशिश में काफी हद तक उसे छू लिया।

15 जून को रिलीज हुई फिल्म फेरारी की सवारी ने पहले दिन 2.75 करोड़ का बिज़नेस किया जो कि कुछ खास नहीं था पर शनिवार और रविवार को इसके रिवेन्यू में काफी सुधार आया। शनिवार को कुल 3.75 का करोड़ का बिजनेस करके फिल्म ने अपने बजट का लगभग 30 प्रतिशत कलेक्शन कर लिया। प्रोफिट में रहने के लिए अभी फेरारी को थोडी और स्पीड बढ़ानी होगी।

अधिकांश अखबारों व वेबसाइट्स ने इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार दिये हैं और कहा "फेरारी की सवारी के डायलॉग हिरानी की मुन्नाभाई की तरह पंच लिए हुए नहीं है फिर भी डायलॉग में दिल को छू देने वाली बात है। सच तो ये है कि इस फिल्म को नापसंद करना बहुत ही मुश्किल है। फिल्म में दिल को छू देने वाली गहराई और ह्यूमुर है।"

फिल्म समीक्षक प्रतीक बरोडे ने फेरारी की सवारी को 5 में से 4.5 स्टार दिये हैं और कहा है "भावनाओँ और कॉमेडी की बड़ी डोज के लिए तैयार हो जाइये। बिना समय बर्बाद किये सिनेमाहॉल जाइये और फेरारी की सवारी करिए। फिल्म का निर्देशन, संगीत, कहानी, अभिनय सबकुछ बेहतरीन है। सिनेमाहॉल जाइये और फिल्म का आनन्द लीजिए।"

फिल्म के रिलीज होने से पहले विधु विनोद चोपडा़ ने इस फिल्म को दूसरो के द्वारा सुसाइडल अटैम्पट बताया था। क्योंकि शरमन पहली बार अपने 13 साल के फिल्मी करियर में पहली बार मेन लीड में नज़र आ रहे थे और राजेश मापुस्कर भी पहली बार किसी फिल्म का निर्देशन कर रहे थे। किसी भी नामचीन कलाकार का ना होना इस फिल्म का सबसे बडा़ निगेटिव प्वाइंट था। लेकिन इसके बावजूद रिलीज होने के बाद इस फिल्म ने अपनी नयी कहानी और शरमन जोशी, बोमन इरानी और बाल कलाकार रित्विक साहोर के बेहतरीन अभिनय के चलते बॉक्स ऑफिस पर सफलता तक का काफी सफर तय कर लिया।

काफी समय बाद संगीतकार प्रीतम के भी संगीत को काफी सराहना मिली ये शायद उनके वैष्णों देवी दर्शन का फल है। फिल्म को 15 जून को रिलीज करने के पीछे निर्देशक का असली मकसद था फिल्म को फादर्स डे को डेडीकेट करना चूंकि फिल्म की कहानी भी एक छोटे बच्चे कायो और उसके पिता रुसी पर आधारित है। पूरी फिल्म में पिता और उसके बेटे के प्यार भरे रिश्ते को बड़ी ही खूबसूरती से फिल्माया गया है। शरमन जोशी, बोमन इरानी जैसे बड़े अभिनेताओं के बावजूद फिल्म में रित्विक साहोर के अभिनय को काफी सराहना मिल रही है।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है कि इसके किरदारों को इतनी खूबसूरती से लिखा गया है और फिल्माया गया है कि दर्शक खुद को किरदारों से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। शरमन जोशी ने अपनी अभिनय प्रतिभा से यह साबित कर दिया कि किसी भी फिल्म को सफल बनाने के लिए उसमें बड़े बड़े किरदारों का होना जरुरी नहीं है जरुरी है उसके किरदारों के अभिनय में सच्चाई का होना।

English summary
With high performance on box office, Sharman Joshi's Ferrari Ki Sawaari is trying to overtake Rowdy Rathore.
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