खामेनेई का वो कानून जिसने दुनिया को चौंकाया, बच्चियों संग शादी करने का था नियम, शारीरिक संबंध बनाने की थी छूट
Ayatollah Ali Khamenei most brutal rule: 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान और विदेशों में रहने वाली कई ईरानी महिलाओं ने राहत की सांस ली है। कई लोगों ने इसे 36 साल लंबे उस दौर का अंत माना, जिसे वे महिलाओं के अधिकारों के लिहाज से एक कठिन और अंधकारमय समय मानती हैं।

महिलाओं को लेकर खामेनेई की सोच
खामेनेई कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके थे कि महिलाओं और पुरुषों की समानता का विचार सही नहीं है। उनका मानना था कि यह पश्चिमी देशों की सोच है। वह महिलाओं को 'नाजुक फूल' बताते थे और कहते थे कि उनकी सबसे अहम भूमिका मां बनना और घर संभालना है। उनके अनुसार पुरुष और महिला की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं और महिलाओं को जीवन में सहारे के रूप में पति की जरूरत होती है।
शादी से जुड़े सख्त नियम
खामेनेई के नेतृत्व में ईरान के कई कानून पारंपरिक शरिया कानून पर आधारित थे। इन कानूनों के कारण महिलाओं की स्वतंत्रता काफी सीमित हो जाती थी। ईरान में लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 13 साल है। हालांकि कुछ मामलों में अदालत या पिता की अनुमति मिलने पर इससे कम उम्र में भी शादी हो सकती है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा है।
बहुविवाह को कानून की मंजूरी
ईरान के कानून पुरुषों को एक से अधिक शादी करने की अनुमति देते हैं। इस व्यवस्था को लेकर भी महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाले लोग लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं।
ईरानी औरतों ने मनाया जश्न
खामेनेई की मौत की खबर के बाद कुछ जगहों पर महिलाओं ने अपनी खुशी जताते हुए अपने हिजाब उतार दिए। कुछ लोगों ने खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया।


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