मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे एक बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है, जो अशिमा चिब्बर द्वारा लिखित और निर्देशित है। फिल्म एक भारतीय दंपति की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिनके बच्चों को नॉर्वे की कल्याण सेवाओं ने उनसे छीन लिया था। इस फिल्म में रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में दिखाई दी है। रानी के अलावा, अनिर्बान भट्टाचार्य, नीना गुप्ता और जिम सरभ इस फिल्म में सहायक भूमिका में नजर आयें हैं। मोनिशा आडवाणी, निखिल आडवाणी और मधु भोजवानी इस फिल्म के निर्माता हैं। कहानी फिल्म शुरू होती है और देबिका (रानी मुखर्जी) एक गृहिणी है जो मातृत्व और नॉर्वे में अपने जीवन से जूझ रही है, दिखाया जाता है। देबीका के उसके पति अनिरुद्ध (अनिर्बान भट्टाचार्य) नॉर्वेजियन भाषा और वहां की चाल चलन को अपनाते हैं, लेकिन देबिका अपनी भारतीय जड़ों को बनाए रखती है। वो मुश्किल से टूटी फूटी अंग्रेजी में बात करती है। सब कुछ हमेशा के जैसे ठीक-ठाक चल रहा होता है लेकिन तभी उनकी जिंदगी अचानक से बदल जाती है, जब एक दिन नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज उनके बच्चों को जबरदस्ती उठाकर ले जाता है क्योंकि उन्हें लगता है कि दंपति अपने बच्चों की परवरिश करने के लिए अयोग्य हैं। नॉवे सरकार उन पर बच्चों को फोस्टर केयर में रखने का दवाब बनाती है। कारण बताया जाता है नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज कि कपल को बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव नहीं है.. वो बच्चों को हाथ से खाना खिलाते हैं और साथ सुलाते हैं। वहाँ के जजमेंट का आखिरी फैसला यह होता है कि दोनों बच्चे 18 साल की उम्र तक फोस्टर केयर में रहेंगे। इसके बाद, कैसे देबिका अपने बच्चों को वापस पाने के लिए वहां की सरकार से लड़ती है, नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज घोटाले का पर्दाफाश करती है.. इस संघर्ष में उसके पुराने रिश्ते भी टूटते हैं, लेकिन बच्चों के पाने के बाद उसे उसका सम्मान और आत्मविश्वास दोनों मिल जाता है। एक माँ अपने बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है यह सिर्फ सुना होगा आपने लेकिन किस हद तक जा सकती है, यही इस फिल्म में दिखाया गया है। सच्ची घटना यह फिल्म की स्टोरी एक सच्ची घटना से प्रेरित है, एक भारतीय जोड़ा जो नॉर्वे में अपनी जिंदगी यापन कर रहा होता है, और बीवी और माँ जिनका नाम सागरिका भट्टाचार्य है, वह अपने बच्चों को वापस पाने के लिए संघर्ष करती है। रिलीज डेट इस फिल्म का ट्रेलर 23 फरवरी 2023 को रिलीज हुआ है। यह फिल्म 17 मार्च 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।
फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ की देबिका उन तमाम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जिनको संघर्ष में किसी का साथ नहीं मिलता, पति का भी नहीं!
फिल्मीबीट हिंदी
'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' असल घटना पर आधारित है और यही बात फिल्म देखने के दौरान आपकी भावनाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। एक मां और बच्चे की दूरी आप इस तरह महसूस कर सकेंगे, जो आपके दिल को झकझोर कर रख देगा।