रियल लाइफ 'Mrs Chatterjee' सागरिका चक्रवर्ती आज भी रह रही हैं बच्चों से अलग, जानें क्या है वजह

Sagarika Chakraborty living away from kids: सिने प्रेमियों को रानी मुखर्जी की फिल्म 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' काफी पसंद आई है। यह एक मां की असली कहानी है जो अपने बच्चों के लिए पूरी नॉर्वे अथॉरिटी से भिड़ जाती है। लोगों को फिल्म ने पूरी तरह से इमोशनल कर दिया। फिल्म के अंत में दिखाया जाता है कि देबिका को आखिरकार अपने बच्चों की कस्टडी मिल जाती है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस महिला के असल संघर्ष की यह कहानी है, उनके साथ क्या हुआ है? रियल लाइफ मिसेज चटर्जी यानी सागरिका चक्रवर्ती की कहानी असल जिंदगी में फिल्म से बिल्कुल अलग है जिसके बारे में जानकर शायद आप विश्वास भी ना कर पाएं।
आप भी यही सोच रहे होंगे कि क्या सागरिका अपने दोनों बच्चों के साथ अब खुशी-खुशी रह रही हैं? तो हम आपको बता दें कि असल सच्चाई इससे कोसों दूर है। Ei Samay की एक रिपोर्ट के अनुसार सागरिका चक्रवर्ती जिनके ऊपर यह फिल्म बनाई गई है वो असल जिंदगी में अभी भी बच्चों से अलग रह रही हैं।

अलग हो चुके हैं मि. एंड मिसेज चटर्जी
जैसा कि फिल्म में भी दिखाया गया है कि इस पूरे प्रकरण के दौरान दोनों के रिश्तों में दरार आ जाती है। वहीं, असल जिंदगी में भी सागरिका चक्रवर्ती और उनके पति अनुरुप भट्टाचार्या अलग हो चुके हैं।

अनुरूप ने नहीं किया सपोर्ट
इंटरव्यू में सागरिका ने कहा कि, अनुरूप ने बच्चों के लिए एक रुपए तक नहीं दिए और ना ही वो नॉर्वे से वापस लौटे। उनके अनुसार, फिल्म में यह दिखाया गया कि रानी मुखर्जी को बच्चों को वापस पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी लेकिन असल जिंदगी में इसके बाद आत्मनिर्भर बनने के लिए भी उन्हें एक लंबा संघर्ष करना पड़ा।

की पढ़ाई
सागरिका ने कहा- 'अभिज्ञान और ऐश्वर्या को वापस पाने के बाद मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी ताकि उनका पालन पोषण कर सकूं। मैंने सॉफ्टवेयर की पढ़ाई की। मेरे पिता दिल के मरीज हैं, मेरे बच्चे वहीं, इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार को चलाने के लिए मुझे बहुत सारे पैसों की जरूरत थी। चार लोगों की जिंदगी मुझ पर निर्भर थी। मैं कोलकाता छोड़कर बाहर रहने और पैसे कमाने के लिए मजबूर हो गई।'

कहां है सागरिका
सागरिका चक्रवर्ती ने इस इंटरव्यू में खुलासा किया कि वो लंबे समय तक नोएडा में रह रही थीं। लेकिन, अब वो पुणो शिफ्ट हो चुकी हैं। ऐश्वर्या और अभिज्ञान का पालन पोषण उनके नाना नानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा- 'सभी लोगों ने मेरे बच्चों को वापस पाने का संघर्ष देखा है लेकिन अब मैं एक और किताब बच्चों को पाने के बाद के संघर्ष पर लिखने की सोच रही हूं।'


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