EXCLUSIVE: मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे, बॉलीवुड डेब्यू और रानी मुखर्जी पर अनिर्बान भट्टाचार्य- "मैं नर्वस था"

Anirban Bhattacharya Interview: आशिमा छिब्बर के निर्देशन में बनी फिल्म 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' 17 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ मुख्य किरदार निभाते दिखेंगे अनिर्बान भट्टाचार्य, जो इस फिल्म के साथ हिंदी सिनेमा में कदम रख रहे हैं।
बांग्ला फिल्मों के जाने माने चेहरा बन चुके अनिर्बान भट्टाचार्य 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिल्मीबीट के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कहा, "एक एक्टर के तौर पर मिस्टर चटर्जी जैसा किरदार निभाना मेरे लिए बड़ा अवसर था। यह किरदार असल जिंदगी के काफी करीब है। यह कोई मैजिकल या लार्डर देन लाइफ किरदार नहीं है। खासकर पटकथा इतने अच्छे से लिखी गई है, जिससे मुझे किरदार समझने में बहुत मदद मिली। आशिमा एक बेहतरीन निर्देशक हैं, उन्होंने किरदार को लेकर छोटी से छोटी बातों का भी ख्याल रखा है।"
अभिनेता ने आगे कहा कि वो हमेशा से इस फिल्म को लेकर बहुत कॉफिडेंट हैं। उन्होंने कहा, "मुझे और पूरी टीम को शुरुआत से ही इस कहानी को लेकर बहुत कॉफिडेंस है क्योंकि इसमें जो भावनाएं हैं, जिस यूनिवर्स, जिस बॉण्ड की ये बात कर रही है- मां और बच्चों की, मुझे नहीं लगता कि इससे स्ट्रॉन्ग कोई और इमोशन हो सकती है। लिहाजा, हम सबको ये पता था कि ये लोगों के दिलों को जरूर छूएगी।"

रानी मुखर्जी के साथ काम करने का अनुभव
फिल्म के लिए अप्रोच किये जाने को लेकर अभिनेता ने बताया, "कास्टिंग एजेंसी से मुझे कॉल आया कि निर्देशक आपसे बात करना चाहती हैं और फिर अगले ही दिन आशिमा ने मुझे कॉल किया। जूम मीटिंग पर हमारी बात हुई। ये मई 2021 की बात है। उस कॉल के बाद ही मुझे पता चला कि मैं फिल्म में फाइनल हूं। मुझे थोड़ा झटका लगा क्योंकि कोई ऑडिशन तक नहीं लिया गया था। फिर मैंने आशिमा को कॉल करके पूछा तो उन्होंने हंसकर कहा कि हम सबने आपका काम देखा है और आप इस रोल के लिए परफेक्ट हैं।"
रानी हर शॉट के लिए बहुत तैयारी से आती हैं
फिल्म में अनिर्बान रानी मुखर्जी के पति का किरदार निभा रहे हैं। रानी के साथ काम करने के अनुभव को बताते हुए उन्होंने कहा, "मैं पहले दिन बहुत नर्वस था क्योंकि पहला शॉट ही एक बहुत मुश्किल सीन का था। मैंने आशिमा को भी बोला कि कोई और सीन नहीं मिला आपको, पहले दिन शूट करने के लिए। लेकिन फिर धीरे धीरे हम सब कंफर्टेंबल हो गए। रानी के साथ काम करना बहुत ही शानदार रहा। मैं हर वक्त उनके प्रोसेस को समझने की कोशिश करता था। वो खुद अपने आप में एक institution हैं। अपने करियर में उन्होंने इतने सारे अलग अलग तरह के किरदार निभाए हैं, जिसे देखकर हर एक्टर प्रेरित होता है। लेकिन मैं कह सकता है कि उनका प्रोसेस काफी hidden है। वो हर शॉट के लिए बहुत तैयारी से आती थी। इधर कैमरा ऑन हुआ और उधर वो एकदम किरदार में ढ़ल जाती हैं।"

कुछ नया करने की भूख है
लंबे समय तक थियेटर से जुड़े रहने के बाद, अनिर्बान भट्टाचार्य ने साल 2015 में बांग्ला सिनेमा से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। उन्होंने टेलीविजन और वेब सीरीज में भी काफी काम किया है। मनोरंजन जगत में अपने सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपना काम एन्जॉय करता हूं। मुझमें अभी भी भूख है, इससे ज्यादा सकारात्मक बात और क्या हो सकती है। मैंने अलग अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं, और मुझे लगता है कि अब एक सीरीज और एक फिल्म का निर्देशन करने के बाद, मैं अभिनय को और ज्यादा एन्जॉय कर पा रहा हूं। निर्देशन ने अभिनय के प्रति मेरे प्यार को और बढ़ाया है। बेहतर करने की भूख अब भी बरकरार है। मुझे लगता है कि कुछ नई चीजें शुरु करने का यह एक अच्छा मौका है। एक अभिनेता को अपनी यात्रा में जरूरत अनुसार बदलाव करते रहना होता है। 2023 शायद मेरे लिए वह साल है जहां मैं बॉक्स को तोड़ सकता हूं और नए रास्ते पर नए सिरे से काम करना शुरू कर सकता हूं। इससे अच्छा क्या हो सकता है कि आज मेरे पास मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे जैसी फिल्म है।"
हिंदी फिल्मों का निर्देशन करने में सहज नहीं हूं
हालांकि उन्होंने हिंदी फिल्म का निर्देशन करने से फिलहाल इंकार किया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, "मैं हिंदी फिल्म बनाने को लेकर बहुत कॉफिडेंट नहीं हूं क्योंकि मेरी कल्पना भाषा से आती है। मेरी सोच की जड़ मेरी भाषा है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैं एक हिंदी फिल्म निर्देशक के रूप में अच्छा काम कर सकता हूं।"

बांग्ला सिनेमा की बिग बजट फिल्म 5-6 करोड़ में बन जाती है
अपने करियर में लिये गए फैसलों पर अनिर्बान कहते हैं, "एक एक्टर मान लीजिए अपने 20 साल के करियर में 40-50 रोल कर ले, तो सारे रोल तो अच्छे नहीं हो सकते ना। मुझे अपने क्रिएटिव फैसलों पर कभी पछतावा नहीं होता। हम बिजनेसमैन नहीं हैं कि हमें नफा-नुकसान गिनना पड़े। रचनात्मक फैसलों को कमर्शियल लाभ के आधार पर नहीं आंक सकते। मैंने बांग्ला सिनेमा में कई दमदार और प्रतिभाशाली निर्देशकों के साथ काम किया है और ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।"
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री के बीच का अंतर बताते हुए अभिनेता ने कहा, "यहां इंफ्रास्ट्रक्चर काफी बेहतर है। हम वहां अभी भी इस मामले में संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि वो एक छोटी इंडस्ट्री है। 5-6 करोड़ की फिल्म वहां की सबसे बड़े बजट की फिल्म है। लेकिन हमारे पास शानदार तकनीशियन हैं, शानदार अभिनेता और कहानियां हैं।"

बॉक्स ऑफिस को समझना है जरूरी
अनिर्बान मानते हैं कि आज के समय में बॉक्स ऑफिस हर किसी के लिए काफी मायने रखता है। वो कहते हैं, यह आज की भाषा बन चुकी है। मैं जब फिल्मों में आया था, उस समय पर भी बॉक्स ऑफिस को लेकर बातें होती थीं, लेकिन इतना ज्यादा शोर नहीं था। आज हर कोई इस बारे में बात करता है। मेरे मोहल्ले में जो मछली काटता है ना, उसे भी इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म का बॉक्स ऑफिस आंकड़ा पता है। सौ तरह के यू्ट्यूब चैनल और वेबसाइट्स दिन रात यही जानकारी देते हैं कि कौन सी फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई, कौन नहीं हुई; तो फिर इंसान के दिमाग में भी आ गया है कि अच्छा यही पैरामीटर है। कौन एक्टिंग अच्छा किया, कहानी कैसी थी, कहानी में कितना दम है, इन सब बातों से किसी को कोई लेना देना नहीं है।"
आने वाली फिल्में और सीरीज
अनिर्बान फिलहाल ब्योमकेश बख्शी वेब सीरीज 8वां सीजन कर रहे हैं। जिसे वो अपने दिल के करीब मानते हैं। इसके अलावा उनकी एक फैमिली कॉमेडी फिल्म है Abar Bibaho Obhijaan, जो जून में आने वाली है।


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