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बाटला हाउस

बाटला हाउस

Action | 15 Aug 2019 | U/A | 124 Mins
Hindi

2.5 /5 Users

3.5 /5 Filmibeat

बाटला हाउस कहानी

बाटला हाउस  2019 की बॉलीवुड थ्रिलर-ड्रामा है, जोकि 'बाटला (बटला) हाउस एनकॉन्टर' की वास्तविक घटना पर आधारित है, जिसे निखिल आडवाणी द्वारा निर्देशित किया गया है। फिल्म में  जॉन अब्राहम  मुख्य भूमिका मे हैं। जॉन ने फिल्म में डीसीपी संजीव कुमार यादव का किरदार निभाया है। इसके अलावा  मृणाल ठाकुर ,  नोरा फतेही  और  रवि किशन  भी प्रमुख भूमिका में हैं। यह फिल्म सितंबर 19, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर इलाके के बाटला हाउस में इंडियन मुजाहिद्दीन के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ मुठभेड़ पर आधारित है, जिसमें दो संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए। जबकि दो अन्य भागने में कामयाब हो गए। वहीं, एक और आरोपी ज़ीशान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ का नेतृत्व कर रहे एनकाउंटर विशेषज्ञ और दिल्ली पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा इस घटना में मारे गये थे। कई राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया था और इसके खिलाफ आवाज भी उठाई थी। कहा जाता है कि इस एनकाउंटर के समय सोनिया गांधी के आंखों में आंसू आ गये थे। लेकिन बाद में न्‍यायालय ने इसे सही करार देते हुए आतंक‍वादियों को सजा सुनाई थी।   फिल्‍म की पटकथा 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुई सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच के लिए डीसीपी संजीव कुमार यादव (जॉन अब्राहम) अपनी टीम के साथ बाटला हाउस एल-18 पहुंचते हैं। वहां के संदिग्ध आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में एक अफसर घायल हो जाता है, जबकि अफसर के के (रवि किशन) की मौत हो जाती है। यह मुठभेड़ तो कुछ वक्त में खत्म हो जाता है। लेकिन इसका प्रभाव दिल्ली पुलिस और खासकर संजीव कुमार यादव को लंबे समय तक शक के दायरे में लाकर खड़ा कर लेता है।  उस दिन बाटला हाउस में पुलिस ने आतंकियों को मारा था? या विश्वविद्यालय में पढ़ने वालों मासूम बच्चों को सिर्फ मज़हब की आड़ में नकली एनकाउंटर में खत्म कर वाहवाही लूटनी चाही थी? मीडिया से लेकर कई राजनीतिक पार्टियां इसे फेक एनकाउंटर का नाम देती हैं। दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगते हैं, लोग पुतले जलाते हैं। इस पूरे मामले में संजीव कुमार यादव को ना सिर्फ बाहरी उठा पटक से गुज़रना पड़ता है, बल्कि पोस्ट ट्रॉमैटिक डिसॉर्डर से भी जूझना पड़ता है।  इस पूरे सफर में संजीव कुमार का साथ देती हैं उनकी पत्नी नंदिता कुमार (मृणाल पांडे)। फिल्म में उनका किरदार छोटा लेकिन अहम है। खास बात है कि फिल्म में कहीं भी पुलिस वालों का महिमा मंडन नहीं किया गया है। लिहाजा, यह संतुलित लगती है। कई शौर्य पुरस्कारों से सम्मानित डीसीपी संजय कुमार यादव खुद को और अपनी टीम को बेकसूर साबित कर पाते हैं या नहीं? यह देखने के लिए आपको सिनेमाघर की ओर रुख करना पड़ेगा। फिल्‍म के बेहतरीन डायलॉग्‍स
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बाटला हाउस कास्ट एंड क्रू

बाटला हाउस क्रू जानकारी

निर्देशक / डायरेक्टर निखिल आडवाणी
कहानी रितेश शाह
छायाकार / सिनेमेटोग्राफर सौमिक मुखर्जी
संपादक माहिर जावेरी
संगीत / म्यूजिक अंकित तिवारी
निर्माता / प्रोड्यूसर भूषण कुमार, जॉन अब्राहम, निखिल आडवाणी
बजट TBA
बॉक्स ऑफिस TBA
OTT प्लेटफार्म TBA
OTT रिलीज डेट TBA

बाटला हाउस समीक्षक की समीक्षा

hindi.filmibeat.com
इसे जॉन अब्राहम की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में एक मान सकते हैं। डीसीपी संजीव कुमार यादव के किरदार में जॉन बेहद संयमित और मजबूत दिखे हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जब वह कानून के सामने कटघरे में खड़े होते हैं तो गुस्सा और विवशता दोनों ही जॉन के चेहरे पर झलकती है। फिल्‍म देखना बेहद ही आंनंद दायक है।

बाटला हाउस गाने

बाटला हाउस फिल्म क्रिटिक्स रिव्यू

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