कमांडो फिल्म मुझे अपनी काबिलियत के बल पर मिली- मनन शाह
मुंबई- 'सावन बैरी' गाने ने रिलीज होते ही इंरनेट की दुनिया में धूम मचा दी है। कमांडो फिल्म का ये गाना पिछले हफ्ते से टॉप 5 गानों की लिस्ट में बना हुआ है। इस गाने के जरिये संगीत की दुनिया में एक मकाम हासिल कर रहे म्यूसिक डायरेक्टर मनन शाह ने वनइंडिया की रिपोर्टर सोनिका मिश्रा से बातचीत के दौरान कमांडो फिल्म के संगीत से जुड़ी कई छोटी-छोटी और बहुत ही मनोरंजक बातें शेयर कीं। मनन शाह यूं तो निर्माता विपुल शाह के रिश्तेदार हैं और इत्तिफाकन कमांडो फिल्म जो कि मनन शाह की पहली फिल्म है उसके निर्माता भी। लेकिन मनन शाह का साफ कहना है कि ये फिल्म विपुल शाह ने उन्हें सिर्फ रिश्तेदार के नाते नहीं दी बल्कि मनन शाह ने अपनी काबिलियत और अपने संगीत को लेकर समझ के चलते हासिल की है। मनन शाह ने कमांडो फिल्म के गानों के बारे में कई सारी बातें शेयर की हैं। मनन शाह के इंटरव्यू की कुछ झलकियां यहां पेश हैं।
कमांडो फिल्म आपको कैसे मिली?
दिलीप सर जो कि फिल्म के निर्देशक हैं ने मुझे फिल्म की पूरी कहानी सुनाई। उनके दिमाग में फिल्म को लेकर कुछ अलग ही आइडिया था और उन्हें लगा कि मैं उनकी सोच को अपने संगीत में ढ़ाल पाउंगा। मैं इससे पहले प्रीतम को असिस्ट करता था और उनके साथ एक साल काम करने के बाद मुझे संगीत के कई बेसिक्स भी पता चले। प्रीतम के साथ काम करते-करते ही मैं खुद भी कंपोजिंग करने लगा था। मैंने विपुल शाह और दिलीप सर के लिेए गानों का एक बैंक बनाया और उसमें से कई गाने उन्होंने अपनी फिल्म कमांडो के लिए सेलेक्ट किये।
कमांडो फिल्म के गाने किस तरह बाकी गानों से अलग हैं?
कमांडो फिल्म के दो गाने लुट जावां और लेना देना बहुत ही अलग हैं। बहुत ही कम एक्शन फिल्मों में पंजाबी गाने होते है और कमांडो फिल्म उन फिल्मों में से एक है। फिल्म में थोड़ा और ड्रामा और इमोशन लाने के लिए हमने सावन बैरी जैसा रोमांटिक गाना भी फिल्माया है।
आपने कब फैसला किया कि आपको म्यूसिक डायरेक्टर बनना है?
हमेशा से मेरे मन में एक बात थी, आंखों में एक सपना था कि मैं एक दिन अच्छा म्यूसिक कंपोज करूं। मेरे अंदर एक सपना और एक चाहत थी की मैं एक बेहतरीन संगीतकार बनूं। लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि मैं मात्र 25 साल की उम्र में ही म्यूसिक डायरेक्टर बन जाउंगा। (हंसते हुए) म्यूसिक डायरेक्टर आम तौर पर 30 की उम्र में अपना करियर शुरु करते हैं लेकिन मेरी उम्र मात्र 25 साल ही है।
आपने कमांडो फिल्म के संगीत को अलग बनाने के लिए क्या किया?
कमांडो फिल्म के गीतों के शब्द, उनका संगीत काफी अलग है क्योंकि फिल्म मे पूरी तरह से लाइव म्यूसिक है। संगीतकारों ने फिल्म में लाइव म्यूसिक दिया है। जैसे कि अगर आप सावन बैरी गाने को सुनें तो इस गाने में बांसुरी और सारंगी की धुन काफी बेहतरीन तरीके से डाली गयी है। मुझे लगता है कि लाइव संगीत एक जादू पैदा करता है। लेना देना एक पंजाबी गाना है जिसमें हमने शहनाई की धुन यूज की है और ये धुन टिपिकल इंडियन क्लासिक शहनाई है ना कि शादियों में यूज की जाने वाली शहनाई। हमने ढुलकी का भी प्रयोग किया है।
आपको क्यों लगता है कि कमांडो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस करेगी?
मुझे ऐसा लगता है क्योंकि इस फिल्म में नया टैलेंट है। पूजा चोपड़ा और विद्धुत ने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। मैं विद्धुत का तब से फैन हो गया जब मैंन उन्हें पहली बार फोर्स फिल्म में देखा और उनकी दो साउथ इंडियन फिल्म देखी जिनमें उन्होंने बेहतरीन काम किया है। ये एक बेहतरीन फिल्म है और लोग इसे जरुर पसंद करेंगे।
कमांडो फिल्म के बारे में कुछ बताइये। ये फिल्म किस तरह से दूसरी फिल्मों से अलग है?
कमांडो फिल्म एक एक्शन फिल्म है। विद्धुत का एक्शन ही फिल्म की यूएसपी है। फिल्म में 7-8 बड़े फाइट सीन हैं जिनमें विद्धुत ने कालारिपायुत्तु (दक्षिण भारतीय मार्शल आर्ट फॉर्म) यूज की है। ये बहुत पुरानी मार्शल आर्ट फॉर्म है और कहा जाता है कि इसी से मार्शल आर्ट का जन्म हुआ था। इसके अलावा फिल्म में रोमांस बी है और निगेटिव शेड्स भी हैं। कमांडो एक ऐसी फिल्म है जिसमेमं हीरो और हिरोईन के ऊपर दो गाने फिल्माए गये हैं और इसके अलावा विलेन पर भी दो गाने शूट हुए हैं। लेना देना और मुंगड़ा (जो कि एक आइटम सॉंग है) गाने फिल्म के विलेन पर शूट किये गये हैं। दोनों गानों में निगेटिव शेड्स हैं जैसा कि फिल्म सत्या में 'सपने में मिलती है कुड़ी मेरी' गाना शूट किया गया था।
मनन शाह ने कमांडो फिल्म से जुडी़ और कौन सी बातें शेयर कीं ये जानने के लिए पढ़िये आगे की स्लाइड्स-


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