For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    क्या सही निशाना लगा पाएगी : स्ट्राइकर

    By Neha Nautiyal
    |

    कल रिलीज होने वाली फिल्म स्ट्राइकर में रंग दे बसंती फेम सिद्धार्थ चार साल बाद बॉलीवुड में वापसी करने जा रहे हैं। चंदन अरोड़ा की फिल्म है स्ट्राइकर। इससे पहले चंदन अरोड़ा 'मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं' और 'पति-पत्नी और वो' जैसी फिल्में बना चुके हैं। स्ट्राइकर की कहानी है 80 के दशक के बम्बई शहर की।ये शहर जब मुंबई नहीं बम्बई था। जब ये शहर तरक्की की गाड़ी पकड़ रहा था। जब बाला साहेब और मनसे जैसे तत्व बम्बई की जड़ों में नहीं घुस पाए थे। तब दाऊद जैसे भाई लोग बम्बई में अपनी ज़मीन तैयार कर रहे थे।

    ऐसे ही एक दौर में एक छोटे मोहल्ले का लड़का कैरम के खेल में सफलता हासिल करता है। लेकिन दुबई जाने की उसकी चाह वो सपना डुबो देती है अपराध की दुनिया से उसका सामना होता है। फिल्म में सिद्धार्थ ने सूर्या नाम के एक युवक का किरदार निभाया है जो कैरम का दीवाना है। कैरम एक ऐसा खेल जिसे भारत में क्रिकेट की तरह पूजा तो नहीं जाता लेकिन घर-घर में खेला खूब जाता है। हालांकि अब यह खेल भी बहुत ही सीमित हो गया है।

    12 साल की उम्र में जूनियर कैरम चैम्पियनशिप का खिताब जीतने वाले सूर्या की जिंदगी आगे क्या रुख इख्तियार करती है यही कहानी है स्ट्राइकर की । फिल्म में अनुपम खेर, पद्मप्रिया, आदित्य पंचोली भी हैं। सिद्धार्थ दक्षिण के एक बेहतरीन अभिनेता के तौर पर जाने जाते हैं। रंग दे बसंती में उनका काम बॉलीवुड के दर्शकों को भी पसंद आया था। स्ट्राइकर से उम्मीद है कि वह एक बेहतरीन फिल्म साबित होगी।

    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X