जावेद अख्तर को पहले पद्म सम्मान मिलने से खफा हैं सलीम खान
कहते हैं कि प्रोफेशन के बीच में जब दोस्ती आ जाए तो दोनों को साथ लेकर चलना मुश्किल होता है। ऐसा ही सालों पहले हुआ था जावेद अख्तर और सलीम खान के बीच जिसकी खटास आज तक सलीम खान के दिल में है। और उन्होंने अपना ये दुख बांटा एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में।
सलीम खान ने अपनो पद्म पुरस्कार को नामंज़ूर करने की असली वजह बताई जो काफी हद तक जायज़ है। उनके मुताबिक मीडिया में जो खबरें थीं, उससे उन्हें लगा कि उन्हें पद्मभूषण दिया जा रहा है, लेकिन मिनिस्ट्री से फोन आने पर उन्हें पता चला कि उन्हें पद्मश्री दिया जा रहा है।
जावेद अख्तर को सम्मान मिलने के बाद सलीम खान अब तक पद्म सम्मान का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन चौथे नागरिक सम्मान यानी पद्मश्री दिए जाने के ऐलान ने सलीम खान को निराश कर दिया।
सलीम खान की मानें तो जावेद अख्तर को पद्म भूषण और पद्मश्री दोनों दिया जा चुका है, तो इतने सालों बाद सरकार को सलीम खान कैसे याद आए। उनकी आधे दशक से ज़्यादा इंडस्ट्री में मेहनत का जो फल मिल रहा है, वो शायद उनके काम का अपमान होगा। फिल्म इंडस्ट्री में लेखक सलीम-जावेद की जोड़ी मशहूर रही है। दोनों ने एक के बाद एक सीता और गीता, शोले, दीवार, जंजीर , डॉन, जैसी 11 हिट फिल्में दीं।


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