मुकेश: मैं पल दो पल का शायर हूं... पल दो पल मेरी हस्ती है...
सुरों के सुरमाओं में से एक गायक मुकेश की आज पुण्यतिथि है। अपनी आवाज से सबका दिल जीतने वाले मुकेश का पूरा नाम मुकेश चन्द्र माथुर था। मुकेश चन्द्र माथुर का जन्म 22 जुलाई 1923 को एक कायस्थ परिवार में हुआ था। विकिपिडिया के मुताबिक मुकेश की आवाज़ की खूबी को अभिनेता मोतिलाल ने पहचानी थी। जो उन्हें मुंबई लेकर आये थे और एक हिन्दी फ़िल्म निर्दोष में काम दिलवाया था।
मुकेश की आवाज से सजी कई बेहतरीन फिल्में जैसे अनाड़ी, श्री 420, संगम, धर्मवीर, अमर अकबर अंथोनी, कुर्बानी, धर्मात्मा को लोग आज भी नहीं भूलें हैं। उनके दर्द भरी आवाज में वो कशिश थी लोग अपने आप उनकी ओर खिंचे चले आते थे। राजकपूर की आवाज बनें मुकेश साहब को हिंदी सिनेमा का लिजेंड कहा जाता है। 1974 में मुकेश को रजनीगन्धा फिल्म में कई बार यूं भी देखा है गाना गाने के लिये राष्ट्रिय पुरस्कार मिला था।
27 अगस्त 1976 को दुनिया को अलविदा कहने वाले मुकेश की मौत अमेरिका के मिशीगन में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी । भले ही आज मुकेश हमारे बीच ना हो लेकिन अपनी आवाज के रूप में वो आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं।
आईये जानते हैं महान फनकार मुकेश के बारे में कुछ खास बातें..


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