भारत में सेफ महसूस नहीं कर रही 37 साल की ये मुसलिम बॉलीवुड एक्ट्रेस, देश छोड़ने के लिए किया बैग पैक
Mandana Karimi Leaving India: फिल्म और टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्री मंदाना करीमी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि वह जल्द ही भारत छोड़ने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।

एक बातचीत में मंदाना ने कहा कि फिलहाल वह ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकतीं, लेकिन देश छोड़ने तक कई बातों को निजी रखना जरूरी है।
सुरक्षा को लेकर लिया बड़ा फैसला
मंदाना करीमी का कहना है कि लगातार सक्रियता और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने की वजह से उन्हें अब असुरक्षित महसूस होने लगा है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से वह अपने देश ईरान के हालात पर खुलकर बोलती रही हैं। इसी कारण अब उन्हें लगने लगा है कि भारत में रहना उनके लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।
अभिनेत्री के मुताबिक, यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है।
ईरान के मुद्दों पर लगातार उठाती रही हैं आवाज
मंदाना करीमी कई सालों से ईरान की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं।
उन्होंने वहां के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की नीतियों की कई बार आलोचना की है और ईरान के आम लोगों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है।
मंदाना का कहना है कि भारत में रहते हुए भी उन्होंने ईरान के हालात पर लगातार सवाल उठाए और कभी चुप नहीं रहीं। हालांकि, इस सक्रियता का असर अब उनकी निजी जिंदगी और सुरक्षा पर भी पड़ने लगा है।
"मुझे हमेशा मिलती हैं जान से मारने की धमकियां"
बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कभी जान से मारने की धमकी मिली है, तो उन्होंने सिर्फ एक शब्द में जवाब दिया - "हमेशा।"
मंदाना ने कहा कि इस मुश्किल समय में उन्हें न तो दोस्तों का साथ मिला, न ही सरकार या मीडिया से कोई खास समर्थन मिला।
उनके मुताबिक, इन्हीं वजहों से अब उन्हें भारत पहले जैसा घर जैसा महसूस नहीं होता।
भारत छोड़ेंगी, लेकिन आवाज नहीं होगी बंद
हालांकि अभिनेत्री भारत छोड़ने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ईरान के लोगों के समर्थन में उनकी आवाज बंद नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि इस बार ईरान में बदलाव की मांग पहले से ज्यादा मजबूत और संगठित है। मंदाना ने आंदोलन से जुड़े नारों और ईरान के पूर्व शाही परिवार के सदस्य रेज़ा पहलवी का भी जिक्र किया।
उनका कहना है कि यह सिर्फ दबाव की लड़ाई नहीं है, बल्कि बदलाव की तैयारी का समय है।
"अपने लोगों के लिए फिर से सब झेलने को तैयार"
मंदाना करीमी का कहना है कि हालात भले ही मुश्किल रहे हों, लेकिन वह अपने देश और वहां के लोगों के लिए दोबारा भी यह सब झेलने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं।


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