मैरीकॉम एक जीवनी नहीं बल्कि तपस्या है: प्रियंका चोपड़ा
फिल्म के लिए प्रियंका चोपड़ा अपनेआप को मैरीकॉम जैसा गठिला बनाने की कोशिश की है, प्रियंका ने कहा था कि उन्होंने वजन कम किया था ताकी वो अपने रोल के साथ न्याय कर सके। प्रियंका ने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है कि वह मैरीकॉम को रोल कर पायीं।
प्रियंका का पूरी कोशिश है कि वह अपने रोल से न्याय कर सके इसलिए उन्होंने इस रोल को चरितार्थ करने के लिए सारे दांव लगा दिया है। प्रियंका ने साफ कहा कि यह फिल्म मैरीकॉम के जीवन पर जरूर है लेकिन उनकी जीवनी नहीं हैं, यह फिल्म उनकी तपस्या की कहानी है। मैरिकॉम ने ओलंपिक में भारत को सम्मान दिला कर भारत का सीना चौड़ा कर दिया है जिसके बाद ही संजय के मन में फिल्म बनाने का आईडिया आया।
मैरिकॉम.. के लिए प्रियंका ने सच में मुक्के खाये...
भंसाली ने मेरी काम के किरदार के लिए प्रियंका के चयन का स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि शारीरिक समानता ज्यादा महत्वपूर्ण है, बजाय इसके कि कलाकार ने किरदार की आत्मा को बिल्कुल सही तरीके से समझा और जाना है।
हॉलीवुड फिल्म 'चैपलिन' में अभिनेता रॉबर्ट डॉउनी जूनियर भी चार्ली चैपलिन की तरह नहीं दिखते। फिल्म 'हार्टबर्न' में मेरिल स्टीप नोरा एफरॉन से नहीं मिलतीं, 'अनटचेबल्स' में रॉबर्ट डी नीरो भी अल कैपोन की तरह नहीं लगते और 'द डोर्स' में वैन किलमर भी जिम मॉरिसन से नहीं मिलते।"
भंसाली ने कहा, "अब जब फिल्म पूरी हो गई है, तो ऐसा लग रहा है कि प्रियंका के अलावा मेरी कोम का किरदार कोई और निभा ही नहीं सकता था। उसने उस किरदार को जिया है। उसने किरदार के रग-रग को आत्मसात किया है।" एम. सी. मेरीकोम की जीवनी पर बनी फिल्म 'मेरी कोम' पांच सितंबर को सिनेमाघरों में आ रही है।


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