मद्रास कैफे में लिट्टे का गलत रूप नहीं: जॉन अब्राहम
23 अगस्त को पर्दे पर जॉन अब्राहम निर्मित फिल्म मद्रास कैफे पहुंच रही है। जहां इस फिल्म के पहले और बाद में बड़ी फिल्मों की रिलीज ने जॉने की आंखों की नींदें उड़ायी हैं वहीं दूसरी ओर तमिल संगठनों ने फिल्म के लिए बवाल शुरू कर दिया है।
तमिल संगठनों ने कहना शुरू कर दिया है कि फिल्म में लिट्टे के रूप को गलत ढंग से दिखाया गया है जिसके कारण वह फिल्म रिलीज पर रोड़ा अटका रहे हैं।

इससे पहले कि कोई बवाल मचे जॉन ने स्थिति को गंभीरता को समझते हुए सफाई दी है कि उनकी फिल्म में किसी व्यक्ति विशेष या संगठन विशेष पर कोई टिका-टिप्पणी नहीं की गयी है औऱ ना ही किसी को आतंकवादी कहा गया है। जॉन तो विरोध करने वालों के लिए एक फिल्म का प्रीव्यू शो करने के लिए भी तैयार हैं।
हालांकि जॉन ने कहा कि फिल्म कुछ सत्य तथ्यों पर जरूर है गौरतलब है कि तमिल समर्थक संगठन नाम तमिजार के संस्थापक सीमन ने लिट्टे को गलत तरीके से दिखाये जाने के बारे में पता चलने पर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
फिल्म ने निर्देशक शुजीत सरकार हैं तो वहीं फिल्म में नरगिस फाखरी भी है जिनकी एक्टिंग से प्रभावित शुजीत ने कहा कि नरगिस ने इस फिल्म में बेहतरीन अभिनय किया है एक्टिंग के लिहाज से मद्रास कैफे ही उनकी पहली फिल्म होगी।


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