OTT नई गाइडलाइन: नेटफ्लिक्स, अमेजन समेत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती, एडल्ट कंटेंट के लिए देनी होगी रेटिंग
गुरुवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने केंद्र की ओर से सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की। लंबे समय से ओटीटी को लेकर अश्लीलता व आपत्तिजनक कंटेंट के आरोप लगते रहे हैं और मामला कोर्ट तक भी पहुंचा है। जिसके बाद सरकार से लगातार गुहार लगाई जा रही थी कि ओटीटी के लिए नियम कायदे लाए जाएं। वहीं दूसरी तरफ ज्यादातर कलाकार हमेशा ही ओटीटी को बंदिशों से दूर रखने की मांग करते रहे हैं। आज सरकार ने बिना सेंसरशिप का नाम लिए ओटीटी पर कुछ सख्त नियम बनाएं। जिन्हें अब सभी कंपनियों को भारत में पालन करना होगा।
देशभर में इंटरनेशनल से लेकर स्वेदशी ढेर सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं। अब इन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्ती करने की नरेंद्र मोदी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रकाश जावड़ेकर ने साफ बताया कि अब वेब सीरीज हो या अन्य कंटेंट, ओटीटी पर प्रसारित होने वाले प्रोग्राम व फिल्मों को तीन स्तर से गुजरना होगा। इसके लिए सरकार ने तीन फेज़ तैयार किए हैं और ये सब निर्माताओं और ओटीटी प्लेटफॉर्म को स्वत: पालन करना होगा।

प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि उन्होंने खुद इस विषय को लेकर दो बार मीटिंग की है जहां उन्होंने ओटीटी से जुड़े लोगों को बुलाया और उन्हें ही इस बारे में नियम व सुझाव पेश करने को कहा लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। इसीलिए अब सरकार ने तय किया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए सरकार द्वारा बनाए तीन फ्रेमवर्क पर काम करें।
प्रकाश जावड़ेकर ने ये भी कहा कि जैसे फिल्मों के लिए सेंसर बोर्ड है और टेलीविजन के लिए प्रोग्राम कोड है लेकिन ओटीटी के लिए कुछ भी नहीं है। फ्रीडम के आधार पर कुछ लोग जिम्मेदारियों से पीछे हटते हैं। इसीलिए अब ओटीटी पर भी कंटेंट प्रसारित करने के लिए आजादी के साथ साथ जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।

1. डिसक्लोजर देना होगा
प्रकाश जावड़ेकर और रविशंकर प्रसाद ने बताया कि अब ओटीटी व वेबसाइट को अपना डिसक्लोजर देना होगा। कुछ चीजों को लेकर अन्य प्लेटफॉर्म की तरह ओटीटी को भी चेतावनी जारी करनी होगी। अभी सरकार किसी तरह के नियम कायदे नहीं बना रही है और न ही रजिस्ट्रेशन जरूरी कर रहे लेकिन सभी को अब अपनी जानकारी देनी होगी। ताकि शिकायतों का निवारण करने का एक मैकेनिज्म बनें।

2. ओटीटी पर सेल्फ रेगुलेशन, पूर्व जजों की बनेगी कमेटी
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओटीटी के नियम कायदों की बात करते हुए दोनों केंद्र मंत्रियों ने बार बार इसी बात को दोहराया। सबसे अहम प्वॉइन्ट आज की गाइडलाइन का यही है कि ओटीटी पर सभी को सेल्फ रेगुलेशन का पालन करना होगा। साथ ही इसके लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के रिटायर हो गए जजों की एक कमेटी बनाए जाएगी जिसमें ऐसी शिकायतों को सुना जाएगा।

3. सेंसर बोर्ड वाले एथिक्स कोड सेम रहेंगे
ओटीटी के लिए भी सेंसर बोर्ड के एथिक्स कोड एक समान रहेंगे जैसे अन्य प्लेटफॉर्म की तरह डिजिटल व सोशल मीडिया को भी हक नहीं है कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाया जाए व झूठ या अफवाहों को फैलाया जाए।
नई गाइडलाइन की अन्य जरूरी बातें

कंटेंट के बारे में जानकारी देनी होगी
केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि अब सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफॉर्म को कंटेंट के बारे में जानकारी देनी पड़ा करेगी। कब और कैसे किसने पब्लिश किया। इसका मतलब ये हुआ कि अब सरकार ओटीटी पर प्रसारित होने वाले कंटेंट पर नजर रखेगी।

ओटीटी पर पैरेंटल लॉक, बच्चों के लिए 13+, 16+, A श्रेणियां बनानी होंगी
प्रकाश जावड़ेकर ने नई गाइडलाइन की अहम बात ये भी बताई कि अब ओटीटी को भी फिल्मों की तरह आयु वर्ग का ख्याल रखना होगा। ओटीटी एप्लीकेशनस को पैरेंटल लॉक की सुविधा देनी होगी ताकि बच्चों के लिए सुविधा हो सके। उन्होंने कहा कि ओटीटी पर दर्शकों की उम्र के हिसाब से 13+, 16+, A श्रेणियां बनानी होंगी।

शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा
ओटीटी वालों को भी सोशल मीडिया की तरह यूजर्स की शिकायतों की सुनवाई करनी होगी। एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होगा जो कि दर्शकों की शिकायतों को नोट करें। हर छह महीनें में शिकायतों व निवारण को लेकर रिपोर्ट भी भेजनी होगी।
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