बोल्ड सीन और विवादित विषय के कारण 5 साल से अटकी थी रंगरसिया
केतन मेहता बॉलीवुड के इकलौते डायरेक्टर हैं जो अपनी कहानी से दर्शकों को शर्मसार करने की कुव्वत रखते हैं। उनकी कहानियों में होती है सच्चाई। विषय ऐसा कि अंदर तक झकझोर दे। हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाए कि हम किस तरफ जा रहे हैं।
निर्देशक केतन मेहता की फ़िल्म 'रंगरसिया' पांच साल के लंबे इंतज़ार के बाद पर्दे पर उतरने वाली है। केतन ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया कि उनकी फ़िल्म बेहद संवेदनशील और विवादास्पद विषय पर बनी है।
ये फिल्म पहले सेंसर बोर्ड में अटकी रही। बाद में डिस्ट्रीब्यूटर इसे घाटे का सौदा मानने लगे। आख़िरकार नवंबर में यह लोगों तक पहुंच पाएगी। सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म में नग्न दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए इसे पास करने से मना कर दिया था। इसलिए साल 2008 से यह फ़िल्म रिलीज़ को तरस रही है। रंगरसिया के मुख्य किरदारों में रणदीप हुड्डा और नंदना सेन हैं। यह फ़िल्म भारतीय पेंटर राजा रवि वर्मा के जीवन पर आधारित है।
केतन मेहता बताते हैं कि यह फ़िल्म अभिव्यक्ति की आज़ादी को रेखांकित करती है। फ़िल्म के विषय को विस्तार से बताते हुए केतन कहते हैं कि राजा रवि वर्मा की तस्वीरों को आप भारतीय सिनेमा की प्रेरणा कह सकते हैं। मेरी फ़िल्म रवि वर्मा की तस्वीरों, उनकी प्रेम कहानी और कोर्ट में उन पर हुई कार्रवाई पर आधारित है।
केतन मेहता की आख़िरी फिल्म 'मंगल पांडेय- द राइज़िंग' थी जिसमें आमिर ख़ान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। केतन का कहना है कि वो ऐसी कोई व्यावसायिक फ़िल्म तब तक नहीं बनाना चाहते जब तक उनके पास कोई बेहद दमदार कहानी ना हो।
अब देखना यह है कि जिस तरह यह फिल्म रिलीज से पहले ही सुर्खियां बटोर रही है क्या रिलीज के बाद दर्शक भी फिल्म के लिए उसी तरह से टूटेंगे। फिल्म नवंबर के पहले सप्ताह में रिलीज हो रही है।


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