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    JUST IN: सुपरस्टार रजनीकांत को मिलेगा 51वां दादा साहेब फाल्के पुरस्कार- सरकार ने किया ऐलान

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    सुपरस्टार रजनीकांत को 51वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को एलान किया है। कोरोना वायरस की वजह से इस बार सभी पुरस्कारों को घोषणा देरी से हुई है। हाल ही में नेशनल अवॉर्ड की घोषणा भी हुई है।

    दादा साहब फाल्के को भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड माना जाता है। रजनीकांत को 51वां दादा साहब फाल्के अवॉर्ड तीन मई को दिया जाएगा।

    प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- "हमें खुशी है कि देश के सभी भागों से फिल्मकार, अभिनेता, अभिनेत्री, गायक, संगीतकार सभी लोगों को समय समय पर दादा साहब फाल्के अवॉर्ड मिला है। आज इस साल का दादा साहब फाल्के अवॉर्ड महान नायक रजनीकांत को घोषित करते हुए हमें बहुत खुशी है। रजनीकांत बीते 5 दशक से सिनेमा की दुनिया पर राज कर रहे हैं और लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार दादा साहेब फाल्के की ज्यूरी ने रजनीकांत को ये अवॉर्ड देने फैसला लिया गया है।"

    सेलेक्शन ज्यूरी

    सेलेक्शन ज्यूरी

    इस साल सिलेक्शन ज्यूरी में आशा भोंसले, मोहनलाल, विश्वजीत चटर्जी, शंकर महादेवन और सुभाष घई शामिल रहे हैं। इन पांचों ज्यूरी ने बैठक करके एक राय से महानायक रजनीकांत को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड देने की सिफारिश की।

    सम्मान

    सम्मान

    प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा, "रजनीकांत ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से ये स्थान लोगों के दिल में जमा लिया है। ये उनका सही गौरव है।"

    दादा साहब फाल्के अवॉर्ड

    दादा साहब फाल्के अवॉर्ड

    दादा साहब फाल्के अवॉर्ड इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दादा साहब फाल्के ने पहला सिनेमा 1913 में राजा हरिशच्रंद बनाया था। तो उस राजा हरिशचंद्र सिनेमा के बाद ये पहले चित्रपट महर्षि कहलाने लगे और दादा साहब फाल्के की मृत्यु के बाद ये अवॉर्ड उनके नाम से रखा गया और आजतक 50 बार ये अवॉर्ड दिया गया है।

    मनोरंजन की दुनिया में शुरुआत

    मनोरंजन की दुनिया में शुरुआत

    रजनीकांत की असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ था। रजनीकांत फिल्मों में आने से पहले बस कंडक्टर की नौकरी करते थे। उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बालचंद्र की फिल्म 'अपूर्वा रागनगाल' से एंट्री ली थी। इस फिल्म में कमल हासन और श्रीविद्या भी थे। रजनीकांत ने अपने अभिनय की शुरुआत कन्नड़ नाटकों से की थी।

    बॉलीवुड में कदम

    बॉलीवुड में कदम

    साल 1983 में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रख दिया। उनकी पहली हिंदी फिल्म अंधा कानून थी। रजनीकांत ने इसके बाद सिर्फ तरक्की की सीढ़ियां चढ़ीं। आज वे दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े स्टार कहे जाते हैं।

    रजनीकांत

    रजनीकांत

    बता दें, रजनीकांत 12वें दक्षिण भारतीय हैं जिन्‍हें यह अवॉर्ड मिला है। इससे पहले डॉ. राजकुमार, अक्‍कीनेनी नागेश्‍वर राव, के बालाचंदर जैसे लोगों को यह पुरस्‍कार दिया जा चुका है।

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    English summary
    51st Dadasaheb Phalke Award will be conferred to superstar Rajinikanth, announces Union Minister Prakash Javadekar.
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