रक्षा बंधन एक आगामी बॉलीवुड ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन आनंद एल राय ने किया है। फिल्म में अक्षय कुमार और भूमि पडनेकर लीड रोल में नज़र आयें हैं। हिमांशु शर्मा ने फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा है। इस फिल्म की शूटिंग 21 जून 2021 को शुरू हुई थी। फिल्म का 11 अगस्त 2022 को रिलीज हुई है। फिल्म का कास्ट और क्रू कहानी फिल्म की कहानी एक भाई और उसकी चार छोटी बहनों पर बेस्ड हैं, जहाँ वह दिन-रात मेहनत करता है के उसकी चारो बहनों की शादी अच्छे से हो जाए। लेकिन हर बार दहेज़ कम पड़ जाता है। फिल्म दहेज प्रथा कुरीति का विरोध करती हैं। फिल्म के डायलाग कहानी शुरू होती है लाला केदारनाथ जी से, जो 4 बहनों में सबसे बड़े और इकलौते भाई हैं और दिल्ली के चांदिनी चौक में वह अपनी एक गोल गप्पे की दुकान चलाते हैं, इस दूकान को उनके पिता ने शुरू किया था, कहा जाता है उनके यहाँ के गोल गप्पे यदि प्रेग्नेंट औरतें खाये, तो उनके घर लड़का ही जन्म लेता है। लाला केदारनाथ और उनकी चार बहनों को छोड़ कर उनके माता पिता पहले ही स्वर्ग सिधार चुके हैं और अब लाला केदारनाथ जी के ऊपर उनकी चार बहनों की देखभाल और शादी की जम्मेवारी है । लाला ने अपनी मरती मां से वादा किया कि वह तभी शादी करेगा जब वह अपनी बहनों की शादी अच्छे घरों में न करवा दे, वह इस जिम्मेदारी को पूरा करेगा। अपने पारिवारिक मूल्यों को कायम रखते हुए वह अपनी बहनों की शादी कराने के लिए अथक प्रयास भी कर रहे हैं। वहीं, निजी मोर्चे पर भी लाला को अपने बचपन के प्यार सपना के साथ रोमांटिक लाइफ में दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है, क्योंकि सपना के पिता ये चाहते हैं, के सपना की शादी जल्द से जल्द हो जाये, लेकिन लाला अपनी चारो बहनों की बिना शादी करवाए खुद शादी करने को तैयार नहीं है। इसी प्लाट पर पूरी फिल्म की कहानी इर्द गिर्द घूमती है। अब देखना यह है, के लाला अपनी 4 प्रिय बहनों की शादी का वादा कैसे पूरा करता है। देखें फिल्म के पोस्टर और अनदेखी तस्वीरें फिल्म का ट्रेलर 21 जून 2022 को रिलीज हुआ है। फिल्म का पहला गाना ' तेरे साथ हूँ मैं' 29 जून 2022 को रिलीज हुआ है। फिल्म के गीत
भाई- बहनों के रिश्ते पर बनी और दहेज प्रथा के मुद्दे को दिखाती यह फिल्म अपने मैसेज को देने में बहुत लापरवाही बरतती है। फिल्म का लेखन बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है, जिससे सारे किरदार और परिस्थितियां झूठी प्रतीत होती हैं।
Tv9 भारतवर्ष
फिल्म रक्षा बंधन में समाज की जिस बुराई को प्रमुखता से दिखाया गया- वो दहेज प्रथा है. ये फिल्म दहेज प्रथा के खिलाफ एक चुनौती बनकर उभरी है