घनचक्कर वर्ष 2013 में आई एक ब्लैक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन राजकुमार गुप्ता और निर्माण रोनी स्क्रूवाला, सिद्दार्थ रॉय कपूर ने किया है। फिल्म में मुख्य भूमिका में इमरान हाश्मी, विद्या बालन नजर आये थे। फिल्म की कहानी इमरान हाशमी (संजय) और विद्या बालन (नीतू) शादीशुदा कपल हैं। इमरान हाशमी कुछ काम नहीं करता वो एक चोर है जो कि चोरी करके क्राइम करके पैसे कमाता है। लेकिन नीतू के कहने पर वो ये सारे काम छोड़ देता है। फिर एक दिन उसे कुछ लोग फोन करके बैंक लूटने के लिए कहते हैं और उसे 10 करोड़ देने का वादा करते हैं। नीतू संजय से कहती है कि इतने पैसे काफी होंगे उनकी पूरी जिंदगी के लिए। संजय पहले तो इस काम के लिए मना कर देता है लेकिन नीतू के कहने पर वो इसके लिए तैयार हो जाता है और बैंक लूटने जाता है। संजय और दो और क्रिमिनल मिलकर बैंक लूटते हैं और 30 करोड़ को तीनों में बांटते हैं। फिर बाकी दोनों क्रिमिनल संजय से कहते हैं कि वो पैसे अपने पास रखे और जब सब मामला ठंडा हो जाएगा तो वो लोग आकर पैसों को बांटेंगे। तीन महीने बाद जब वो दोनों क्रिमिनल संजय को फोन करते हैं तो संजय उन्हें पहचानने से इंकार कर देता है और वो दोनों संजय के घर घुसकर उसे पूछताछ करते हैं। संजय बताता है कि उसका एक्सीडेंट हुआ था और वो अपनी याद्दाश्त खो चुका है। दोनों क्रिमिनल संजय के घऱ पर ही रहने लगते हैं और उसकी याद्दाश्त वापस आने का इंतजार करते हैं। संजय को पैसों को लेकर कुछ भी याद नहीं आता। वो बार बार नीतू से पूछता है कि उसे कुछ पता है पैसों के बारे में तो वो कहती हैं कि उसे कुछ नहीं पता। संजय पूरी कोशिश करता है पैसों के बारे में याद करने की लेकिन उसे कुछ याद नहीं आता वो हर मुमकिन कोशिश करता है पैसों को ढ़ूंढ़ने की। लेकिन उसे नहीं पता चलता। इसके बाद दोनों क्रमिनल संजय के साथ क्या करते हैं? क्या संजय को पैसों को लेकर कुछ याद आता है? आखिर पैसे हैं किसके पास बस इन्हीं प्रश्नों के इर्द गिर्द फिल्म की कहानी घूमती है। कुल मिलाकर राजकुमार गुप्ता ने फिल्म को कॉमेडी बनाने की पूरी कोशिश की है लेकिन वो अपनी इस कोशिश में फेल हो गये।