कहानी की Band: सलमान खान की 'सुल्तान'.. सुपरस्टार हैं तो LOGIC की क्या जरूरत!
सलमान खान की ताजा रिलीज फिल्म 'सुल्तान' हिट साबित हो चुकी है। अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को समीक्षकों के साथ साथ दर्शकों का भी खूब प्यार मिला। बॉक्स ऑफिस पर तो फिल्म ने धमाल ही कर दिया। और हमें पूरी उम्मीद है कि आपने अब तक फिल्म देख भी ली होगी।

खैर, 'सुल्तान' एक ऐसी फिल्म है, जिसमें यदि सलमान खान न होते तो शायद कोई भी एक्टर इस फिल्म को नहीं बचा सकता था। काफी ढ़ीली स्क्रिप्ट को सलमान ने अपने ताबड़तोड़ एक्टिंग से इतना शानदार कर दिया है कि दर्शकों को सिर्फ सलमान और सलमान से ही मतलब रह गया है।
पहले ही दिन.. सुल्तान ने तोड़ा ये धमाकेदार बॉक्स ऑफिस RECORD
कोई भी चीज परफेक्ट नहीं होती, उसी तरह सुल्तान में भी आपको एक नहीं, बल्कि कई कमजोरियां दिखेंगी। क्योंकि फिल्म में सलमान खान हैं इसलिए एक बार तो यह फिल्म जाकर जरूर देंखे, लेकिन फिर भी फिल्म में कई ऐसी चीज़ें हैं जहां निर्देशक ने लॉजिक बिल्कुल कहीं पीछे छोड़ दिया है।
यहां पढ़िए कि सुल्तान की कौन सी सीन देखकर आप कहेंगे- ये सीन कुछ हजम नहीं हुआ!
3 महीने में इतनी कुश्ती- महज तीन महीने में सलमान खान इतनी कुश्ती सीख जाते हैं कि वह राज्य स्तर, राष्टीय स्तर ही नहीं विश्व विजेता भी बन जाते हैं। तो बाकी पहलवान उस गांव में क्या कर रहे थे..
अनुष्का की अंग्रेजी- कहने को अनुष्का उर्फ आर्फा दिल्ली से पढ़ी- लिखी थीं। एक सीन में आर्फा खुद सुल्तान को कहती भी है कि मेरी ओर देखो और खुद को देखो। फिर इंग्लिश मीडियम में पढ़ी लड़की.. सुल्तान को 'सिट गाई'.. कैसे बोल जाती है। ये कैसी इंग्लिश हुई भई..
'सुल्तान' देखकर ये बॉलीवुड KHAN जरूर होंगे सुपर HAPPY
मैंने तो अपना गोल्ड जीत लिया- राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रह चुकीं आर्फा के हाथों में ओलंपिक की लेटर रहती है। लेकिन उसी वक्त उसे पता चलता है कि वह प्रेग्नेंट है। आर्फा के पिता उसे डांटते हैं कि उसने अपने सपने के बारे में क्यों नहीं सोचा, जो कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना था.. तब आर्फा बोलती है- मैंने तो अपना गोल्ड जीत लिया.. और नाचते हुए सुल्तान को दिखाती है। I mean WTF.. ऐसी बातें शायद ही कोई खिलाड़ी करे..
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पसलियां टूट गई.. लेकिन जीत मेरी है- हमारी बॉलीवुड फिल्मों में हीरो को हारना allowed नहीं होता। आप हीरो हैं और जीतना तो आपको ही है.. भले ही आपकी पसलियां क्यों ना टूट गई हों.. भले ही आप मरने की कगार पर क्यों ना हों.. लेकिन जीत आपकी है।
क्लाईमैक्स सीन- आर्फा सुल्तान से मिलने आती है। सारे गिले- शिकवे दूर होते हैं। जहां अनुष्का सुल्तान को बताती है कि वह उससे सालों तक इसीलिए गुस्सा थी क्योंकि- बच्चा खोने का दर्द बाप से ज्यादा मां को होवे है.. और फिर उसे टूटी पसलियों के साथ वापस रिंग में भेज देती है। आर्फा चाहती तो सुल्तान को रोक सकती थी। और कोई शक नहीं कि सुल्तान आर्फा की मान भी लेता। So, Selfish आर्फा..


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