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    ब्रेवहार्ट्स आर्मी वेब सीरीज़ रिव्यू: दिल तक नहीं पहुंच पाता है पांच 'आर्मी' कहानियों का ये गुलदस्ता

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    वेबसीरीज़ - Bravehearts Untold stories of heroes

    प्लेटफॉर्म - Dice Media यूट्यूब
    स्टारकास्ट - शक्ति कपूर, ओंकार कुलकर्णी, अनूप सोनी, अनुष्का कौशिक, वरूण तिवारी व अन्य
    डायरेक्टर - हैप्पी मोंगिया
    प्रोड्यूसर - अदिति श्रीवास्तव
    अवधि/एपिसोड - 30 मिनट/5 एपिसोड

    आर्मी, जवान, सैनिक, ये कुछ ऐसे शब्द हैं जो सुनते ही आप एक अलग भाव का अनुभव करते हैं। देशभक्ति, वीरता, शहादत, कुर्बानी, इन सारी भावनाओं से जितना इस देश का सैनिक सराबोर होता है उतना ही उस सैनिक के प्रति, किसी भी आम देशवासी के मन में सम्मान की भावना बढ़ती जाती है।

    यही कारण है कि आर्मी की कहानियां, किस्से, फिल्में सब कुछ 100 प्रतिशत हिट की गारंटी लेकर आती हैं। क्योंकि जब बात सेना की होती है तो देशवासी भी एक अलग ही जज़्बे के साथ वो कहानियां सुनते हैं या देखते हैं।

    इसका जीता जागता उदाहरण है उरी, शेरशाह और गुंजन सक्सेना जैसी फिल्में जिन्होंने बिना वक्त गंवाए लोगों के दिलों में झट से अपनी जगह बना ली। या फिर हाल ही में आई वेब सीरीज़ पंचायत में आर्मी से जुड़ा एक छोटा सा प्लॉट, इस पूरी वेब सीरीज़ का हीरो बनकर उभरा।

    तो ऐसी ही एक कोशिश की है Dice Media ने अपनी वेब सीरीज़ ब्रेवहार्ट्स में। Bravehearts एक गुलदस्ता है आर्मी से जुड़ी पांच अलग अलग कहानियों का। जिनमें से पहली रिलीज़ हो चुकी है और तीन कहानियां हमने देखी हैं। लेकिन क्या ये कहानियां दिल तक पहुंच पाती हैं? है इन कहानियों में खास, पढ़िए हमारी समीक्षा में।

    पूरी सीरीज़ का उद्देश्य

    पूरी सीरीज़ का उद्देश्य

    Bravehearts, आर्मी पर पहली Anthalogy कही जा रही है। यानि कि इस वेब सीरीज़ में पांच अलग अलग कहानियां हैं, पांच अलग अलग लोगों की, पांच बिल्कुल अलग अलग परिस्थितियों से लड़ते हुए आर्मी में शामिल होने की। इन पांच कहानियों में दिखता है युवाओं का जज़्बा, उनकी हिम्मत, उनके हौसले और उनके सपनों के सच होने की कहानी। लेकिन क्या उनके सपने आपको प्रभावित करते हैं, क्या उनका जज़्बा और उनकी हिम्मत, आपके दिल को छू लेती है? इस पर थोड़ा सा प्रश्नचिन्ह हम यहीं पर लगा देते हैं।

    पहली कहानी मास्टरजी

    पहली कहानी मास्टरजी

    पहली कहानी है मास्टर जी जहां मुख्य भूमिका में हैं शक्ति कपूर और ओंकार कुलकर्णी। मास्टरजी कहानी है एक अनाथ लड़के की जिसे आर्मी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाता है। वो सफल होता है लेकिन कैसे सफल होता है ये कहानी का मुख्य अंश है जो बिल्कुल नीरस है। ना ही उसका संघर्ष आपको उसके लिए कोई सहानुभूति जगा पाता है और ना ही उसके संघर्ष का साथी बने मास्टरजी यानि कि शक्ति कपूर की कहानी आपको भावुक कर पाती है। ये कहानी लगभग आधा घंटा की है और बेहद धीमी है।

    लेखन है सबसे कमज़ोर कड़ी

    लेखन है सबसे कमज़ोर कड़ी

    इस कहानी का सबसे कमज़ोर पक्ष ज़ाहिर तौर पर इसका लेखन है। मास्टरजी की कहानी और उस अनाथ बच्चे की कहानी को एक सूत्र में लेखक हरमन सिंघा और संकल्प राज त्रिपाठी बुरी तरह विफल होते हैं। हालांकि, शक्ति कपूर को इतने समय बाद परदे पर देखना बेहद शानदार अनुभव हो सकता था और उनकी कास्टिंग, मास्टरजी के किरदार के लिए परफेक्ट थी। लेकिन डायरेक्टर हैप्पी मोंगिया, अपने एक्टर्स को इस्तेमाल कर पाने में विफल दिखते हैं।

    दूसरी कहानी

    दूसरी कहानी

    दूसरी कहानी का नाम है तुम्हारी यूनिफॉर्म जिसकी ओपनिंग काफी अच्छी है। ये कहानी है एक आर्मी ऑफिसर पति - पत्नी की।मुख्य भूमिकाओं में हैं अनुष्का कौशिक और वरूण तिवारी। ये कहानी, जितनी ही प्रभावी तरीके से शुरू होती है उतनी ही तेज़ी से निर्देशक हैप्पी मोंगिया के साथ से निकल जाती है। और एक बार फिर इसकी ज़िम्मेदारी काफी हद तक इस कहानी की लेखिका सहज कौर मैनी को लेनी पड़ेगी। 'तुम्हारी यूनिफॉर्म’ में अनुष्का कौशिक की मासूमियत स्क्रीन पर आपके दिल तक पहुंचती है। वहीं वरूण तिवारी भी इस कहानी को अंजाम तक ले जाने की पूरी कोशिश करते हैं।

    तीसरी कहानी

    तीसरी कहानी

    तीसरी कहानी का नाम है शूटर जवान। नाम से सामने है कि ये एक ऐसे लड़के की कहानी जिसके शूटिंग के टैलेंट को परख कर उसे एक काबिल आदमी, अपने जैसा काबिल बनाने का सपना दिखाता है। शूटिंग के साथ साथ ये सपना आर्मी में भर्ती होने का बन जाता है। इस कहानी में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं अनूप सोनी और रोहित परगाईं। अनूप सोनी की भूमिका किसी मेहमान कलाकार जैसी है वहीं रोहित परगाईं इस कहानी को अपने कंधों पर खींचने की एक सफल कोशिश करते हैं।

    एक बार फिर निराश करते हैं लेखक

    एक बार फिर निराश करते हैं लेखक

    एक बार फिर इस कहानी को सफलतापूर्वक दर्शकों तक ना पहुंचाने की ज़िम्मेदारी होती है लेखकों की टीम की जिसमें शामिल हैं संकल्प राज त्रिपाठी, राहुल राय और प्रतीक रैना। यही कारण है कि इस कहानी में हीरो बनने की काबिलियत होने के बावजूद ये भावनात्मक स्तर पर दर्शकों के दिल में कोई छाप नहीं छोड़ पाती है।

    क्यों करती हैं निराश

    क्यों करती हैं निराश

    ये वेब सीरीज़ एक अच्छा एक्सपेरिमेंट था लेकिन ये बुरी तरह निराश करता है केवल इसके लचर लेखन के कारण जो कहीं से भी दर्शकों से जुड़ पाने का काम नहीं कर पाता है। सभी कहानियों की थीम एक जैसी है, एक आर्मी का जवान जो किसी और को अपनी ही तरह जवान बनाने की प्रेरणा दे। लेकिन इन गुरू - शिष्य की जोड़ियों में आपस में ही कोई जुड़ाव नहीं दिखता है। और इसका कारण ये है कि इस गुरू - शिष्य की कड़ी को जोड़ता है Unacademy App जिसका इस्तेमाल, कहानी में इतने नीरस तरीके से किया गया है कि ये पूरी कहानी से आपका ध्यान चंद सेकंड्स में भटका देता है।

    Bravehearts का पहला एपिसोड यूट्यूब पर मौजूद है और आप चाहें तो इसे Dice Media के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं।

    English summary
    Bravehearts Army Web Series: Anthalogy of five stories about courage and bravery to be a part of the armed forces falls flat on emotions. Read full review.
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