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    'मिर्ज़ापुर 2' REVIEW: दमदार किरदार, आतंक, षड्यंत्र और भौकाल का डबल डोज़

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    Rating:
    4.0/5

    निर्देशक- गुरमीत सिंह, मिहिर देसाई

    स्टारकास्ट- पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, दिव्येंदु शर्मा, रसिका दुग्गल, अंजुम शर्मा, अमित सियाल

    प्लेटफॉर्म- अमेज़न प्राइम वीडियो

    मिर्जापुर में आतंक, पॉवर और गद्दी हथियाने की यह लड़ाई और भी भीषण हो चुकी है। शादी के कत्लेआम से बचकर आने के बाद मुन्ना अब खुद को अमर समझ रहा है। वहीं, गुड्डू और गोलू बदले की आग में जल रहे हैं। अखण्डानंद त्रिपाठी उर्फ़ कालीन भईया की नजरें अब राजनीतिक पॉवर तक पहुंच चुकी है। और मिर्जापुर से आगे बढ़कर यह कहानी अब लखनऊ तक पहुंच चुकी है। लेकिन सवाल एक ही है- कौन बनेगा मिर्जापुर का राजा?

    अमेज़न प्राइम वीडियो की चर्चित वेब सीरिज मिर्जापुर का दूसरा सीजन स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो चुका है। 10 एपिसोड्स में बंटा यह सीरिज काफी दिलचस्प है। दूसरा सीज़न.. कहानी और किरदारों के जबरदस्त परफॉर्मेंस की बदौलत निराश नहीं करता है और अंत तक बांधे रखता है।

    मिर्जापुर 2

    मिर्जापुर 2

    मिर्जापुर 2 अब शहर में बंदूकों, हिंसा और सत्ता से ज्यादा लोगों के बारे में है। अपने भाई और अपने पत्नी को खोने के बाद, गुड्डू पंडित (अली फज़ल) बदला लेने के लिए तैयार है, जबकि मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु) मिर्जापुर की गद्दी संभालने के लिए उत्सुक है।

    कहानी

    कहानी

    "कुछ लोग बाहुबली पैदा होते हैं और कुछ को बनाना पड़ता है, इनको बाहुबली बनाएंगे", कालीन भईया अपने पिता सत्यानंद त्रिपाठी से कहते हैं। एक सीज़न के बाद आखिरकार कालीन भईया अब मुन्ना के काम से खुश हैं और उसे गद्दी का हकदार बनाने की बात सोचते हैं। लेकिन पहले सीज़न के मुकाबले यहां मिर्जापुर की गद्दी हथियाने के लिए ज्यादा दावेदार हैं। पहले सीज़न में जो किरदार दबे से थे, वो अब पूरी मजबूती के साथ सामने आए हैं, वहीं कई नए चेहरे भी दिखेंगे, जो मिर्जापुर की लड़ाई को और बड़ा बनाते हैं। अब यहां सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि पॉवर और पोजिशन की लड़ाई है। जौनपुर के बाहुबली रति शंकर शुक्ला का बेटा शरद (अंजुम शर्मा) भी अब खेल में शामिल है। कहानी बढ़ने के साथ साथ इन किरदारों की अहमियत भी बढ़ती जाती है।

    घायल शेर है गुड्डू

    घायल शेर है गुड्डू

    एक ओर जहां मुन्ना अपने पिता कालीन भईया से शहर का कार्यभार संभालने की सीख ले रहा होता है, वहीं, गुड्डू और गोलू गुप्ता ने त्रिपाठी की सत्ता छीनने का बदला लेने की योजना बनाई है। उनके लिए भी यह आसान काम नहीं है, लेकिन वह अपने कुछ वफादार दोस्तों और कई सत्ता के भूखे बिजनेस पार्टनर्स के साथ हाथ मिलाते हैं। गुड्डू अब एक घायल शेर है, पहले से और भयानक। अब उसे किसी बात का खौफ नहीं। वहीं, गोलू भी अब कॉलेज राजनीति से आगे बढ़कर हाथों में बंदूक उठा चुकी है।

    कट्टा के साथ साथ दिमाग का खेल

    कट्टा के साथ साथ दिमाग का खेल

    इस सीज़न में हर किरदार अब कट्टा के साथ साथ अपने दिमाग के साथ खेल खेलते नजर आ रहे हैं। पूरा नक्शा तैयार है, सिपाही तैनात हैं और साजिश बन चुकी है। अब मिर्जापुर की गद्दी किसके हाथों लगती है, यह जानने के लिए आपको अमेज़न प्राइम वीडियो पर जाकर यह सीज़न देखना होगा।

    निर्देशन

    निर्देशन

    पहले सीजन की बड़ी सफलता के बाद निर्देशक गुरमीत सिंह और मिहिर देसाई के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी कि दूसरा सीज़न भी उम्मीदों पर खरी उतरे। बता दें, इस बार भी वह दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहे हैं। पहले सीजन के मुकाबले मिर्जापुर 2 की थोड़ी धीमी लगती है, लेकिन आपको एपिसोड दर एपिसोड बिठाए रखने के लिए काफी है।

    क्षेत्र के मामले में सीरिज का दायरा बढ़ा है। कहानी मिर्जापुर, जौनकर, लखनऊ और बिहार के कुछ हिस्से को दिखाती है, जिसे कैमरे पर जबरदस्त उतारा गया है। वहीं, बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी और किरदारों को एक अलग रौब देती है।

    कुल मिलाकर, मिर्जापुर और इसके किरदारों का भौकाल देखने लायक है। फिल्मीबीट की ओर से सीरिज को 4 स्टार।

    यहां जानें 'मिर्जापुर सीजन 1' की पूरी कहानी

    मिर्जापुर 2 Exclusive Interview: 'इतने बेहतरीन कंटेंट का हिस्सा बनकर उम्मीदें बढ़ जाती हैं'

    English summary
    Mirzapur 2 Review: Amazon Prime Video web series gives you a double dose of stellar performaces, guns and voilence.
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