रियलिटी शो से प्रतिभा का विकास नहीं होता

ऐसे शोज़ से केवल चैनल का ही फायदा होता है। अगर वे वास्तव में ऐसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना चाहते हैं तो शो के खत्म होने के बाद भी इन्हें प्रशिक्षण देना चाहिए। तब जाकर कहीं ये प्रतिभा सचमुच किसी लायक बनेंगी।
जगजीत सिंह ने गज़ल की दुनिया में अपनी पहचान तब बनाई जब, जब नूरजहां, मलिका पुखराज, बेगम अख्तर, तलत महमूद और मेहदी हसन जैसे गज़ल गायकों का दबदबा चलता था। इन्होंने कहा कि संगीत के लिए समर्पण और रियाज की जरूरत होती है। यह अपने आप में बहुत बड़ा विषय है इसका अलग ही गणित और व्याकरण होता है। जब तक कोई इसका रियाज़ आच्छी तरह से नहीं करता तब तक वह अच्छा गायक नहीं बन सकता। इनका मानना है कि वास्तव में गजल गायकी शुरू करने से पहले गायक को 15 वर्ष तक संगीत सीखना ही चाहिए।


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