इंडियन आईडल 12 ग्रांड फिनाले - छह फाईनलिस्ट के लिए परफेक्ट देशभक्ति गाने, 15 अगस्त लाईव परफॉर्मेंस
15 अगस्त को इंडियन आईडल के 12वें सीज़न का ग्रांड फिनाले है जो 12 घंटे लाईव चलने वाला है। अब ज़ाहिर सी बात है कि राष्ट्रीय त्योहार पर होने वाले इस ग्रांड फिनाले में देशभक्ति का असर कूट कूट कर दिखेगा। पवनदीप राजन, निहाल तौरो, मोहम्मद दानिश, शनमुख प्रिया, अरूणिता कांजीलाल और सायली काम्बले, आखिरी बार फिनाले की ट्रॉफी जीतने के लिए लड़ेंगे।
और इन छह फाईनलिस्ट की परफॉर्मेंस का सबसे अहम पहलू होगा इनकी देशभक्ति प्लेलिस्ट। बीते कुछ दिनों में केसरी का गाना मेरी मिट्टी और राज़ी का गाना ए वतन आबाद रहे तू तो सबकी ज़ुबान पर चढ़ा ही होता है।

लेकिन अगर ये फाईनलिस्ट देशभक्ति के कुछ ऐसे रंग दर्शकों के सामने पेश करें जो इनकी आवाज़ पर तो फबे ही बल्कि एक बार फिर से किसी के भी दिल में इन गानों को सुनते रह जाने की ख्वाहिश जगा दे तो ये सफल फिनाले होगा। देशभक्ति के लिए किसी खास दिन की ज़रूरत नहीं और न ही इन गानों को सुनने के लिए। लेकिन वो कहते हैं सही समय पर सही काम करना यानि हर चीज़ का राइट टाइम। और ये राईट टाईम चुना है इंडियन आईडल के ग्रांड फिनाले ने।
तो हम बताते हैं वो 10 बेहतरीन गाने जो इन प्रतिभागियों की आवाज़ में आपके दिल तक पहुंचेंगे।

वतना वे - पवनदीप राजन
पिंजर का ये गीत लिखा है गुलज़ार साहब ने और शायद यही कारण है कि एक एक शब्द में बंटवारे का दर्द उबर कर आता है। गाने को आवाज़ दी है रूपकुमार राठौड़ ने और म्यूज़िक दिया है उत्तम सिंह ने। पवनदीप राजन की आवाज़ में ये गाना सीधा फैन्स की रूह में उतर जाएगा। वतना वे की कुछ बेहतरीन लाईनें।
हम ना रहे तो कौन सजाएगा तेरा वीरानामुड़ के हम भी देखेंगे और तू भी याद ना आना
गीतें कांचे बांट के, कर ली कर ली पुट्ठी
वतना वे
बंट गए तेरे आंगन
बुझ गए चूल्हे सांझें
लुट गई तेरी हीरें
मर गए तेरे रांझे

सरफरोशी की तमन्ना - मोहम्मद दानिश
द लेजेंड ऑफ भगत सिंह में जब ए आर रहमान ने राम प्रसाद बिस्मिल की ये कविता कंपोज़ की और सोनू निगम ने इसे आवाज़ दी तो ये गाना सीधे रूह तक पहुंचा था। इस गाने को अपनी आवाज़ में और अंदाज़ में आपकी रूह तक पहुंचा सकते हैं मोहम्मद दानिश। ये रहे इस गीत के कुछ बेहतरीन बोल।
डोरियां उम्मीद की ना, आज हमसे छूट जाएं
मिलके देखा था जिन्हें वो सपने भी ना टूट जाएं
हौसले वो हौसले क्या, जो सितम से टूट जाएं
खुश्बू बनके महका करेंगे हम
खिलखिलाती हुई फसलों में
साज़ बनके हम गुनगुनाएंगे
आने वाली हर नस्लों में

देस रंगीला - अरूणिता कांजीलाल
महालक्ष्मी अइय्यर की आवाज़ में फना का ये गीत अरूणिता कांजली की आवाज़ पर परफेक्ट बैठेगा। जितने प्यार से देश की खूबसूरती का बयान, प्रसून जोशी के बोल करते हैं उतनी ही खूबसूरत से अरूणिता की आवाज़ जतिन - ललित के इस कंपोज़िशन पर फबेगी।
सिंदूरी बालों वाला सूरज जो करे ठिठोली,
शरमीला खेतों को ढंक दे चूनर पीली पीली
धानी पगड़ी पहने मौसम है
नीली चादर ताने अम्बर है
नदी सुनहरी हरा समन्दर
है रे सजीला
देस मेरा रंगीला

ये दुनिया एक दुलहन - सायली काम्बले
छेड़ा जब मल्हार किसी ने, झूम के सावन आया
आग लगा दी पानी में जब दीपक राग सुनाया
ये दुनिया एक दुल्हन, ये माथे की बिंदिया
परदेस के इस गीत को कंपोज़ किया था ए आर रहमान ने और आवाज़ दी थी कविता कृष्णमूर्ति ने। इस गीत में देशभक्ति का अलग रंग देखने को मिलता और ये रंग अपनी आवाज़ में घोलकर पेश कर सकती हैं सायली काम्बले।

ये जो देस है तेरा - निहाल तौरो
रहमान साहब का कंपोज़ किया एक और गीत जो दिल में उतर जाता है वो है स्वदेस का टाईटल ट्रैक। इस गीत को परफेक्ट तरीके से निभा सकते हैं निहाल तौरो। गीत के बोल लिखे थे जावेद अख्तर ने, ये रही कुछ शानदार लाईनें।
मिट्टी की है जो ख़ुश्बू, तू कैसे भुलायेगा
तू चाहे कहीं जाये, तू लौट के आयेगा
नई-नई राहों में, दबी-दबी आहों में
खोये-खोये दिल से तेरे कोई ये कहेगा
ये जो देस है तेरा, स्वदेस है तेरा
तुझे है पुकारा
ये वो बंधन है जो कभी टूट नहीं सकता

मां तुझे सलाम - शनमुख प्रिया
कोई भी देशभक्ति गाना, रहमान साहब के गाने मां तुझे सलाम के बिना पूरा नहीं होता है। और इस गाने को इंडियन आईडल फाईनलिस्ट शनमुखप्रिया से बेहतर कोई नहीं निभा सकता। गीत को लिखा था महबूब ने। ये रही इस गीत की कुछ शानदार लाईनें।
यहाँ वहां सारा जहाँ देख लिया है
कहीं भी तेरे जैसा कोई नहीं है
अस्सी नहीं सौ दिन दुनिया घूमा है
नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं
मैं गया जहाँ भी बस तेरी याद थी
जो मेरे साथ थी
मुझको तड़पाती रुलाती
सबसे प्यारी तेरी सूरत
प्यार है बस तेरा प्यार ही
मां तुझे सलाम
वंदे मातरम

रंग दे बसंती
ए आर रहमान साहब का कंपोज़ किया ये गाना, दलेर मेहंदी और चित्रा की आवाज़ में तो अमूमन सभी ने सुना है लेकिन ज़रा सोचिए कि अगर इंडियन आईडल की ये तीन लड़कियां इस गाने को अपने अंदाज़ में पेश करें, इसका रूप ही बदल जाएगा। गीत को लिखा है प्रसून जोशी। इस गीत के कुछ बेहतरीन बोल।
थोड़ी सी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की
थोड़ी सी ख़ुशबू बौराई सी मस्त पवन की
थोड़ी सी धोकने वाली धक-धक धक-धक धक-धक साँसें
जिनमें हो जुनून जुनून वो बूंदे लाल लहू की
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा

संदेसे आते हैं
जब देशभक्ति गानों की बात हो तो कभी भी कोई भी प्लेलिस्ट, संदेसे आते हैं के बिना पूरी नहीं होती है। बॉर्डर के इस गाने को कंपोज़ किया था इंडियन आईडल जज अनु मलिक ने। गाने को आवाज़ दी थी रूपकुमार राठौड़ और सोनू निगम ने। और इस गाने के भाव, इंडियन आईडल के तीन पुरूष प्रतिभागियों की आवाज़ पर खूब जंचेंगे। गाने को लिखा था जावेद अख्तर, पढ़िए कुछ शानदार लाईनें
मोहब्बत वालों ने, हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने,
दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने,
और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे, के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है

कंधों से मिलते हैं कंधे
लक्ष्य का ये गीत हर उस सैनिक की पुकार है जो सरहदों पर तैनात खड़ा है देश की रक्षा के लिए। गीत को लिखा था जावेद अख्तर ने, म्यूज़िक था शंकर एहसान लॉय का और इसे गाया था शंकर महादेवन, कुणाल गांजावाला, सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़, हरिहरन और विजय प्रकाश ने। ऐसे में इंडियन आईडल के सारे फाईनलिस्ट मिलकर ये गाना गा दें तो मज़ा ही आ जाए।
इस गीत के कुछ बेहतरीन बोल।
कंधों से मिलते हैं कंधे, क़दमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं
निकले हैं मैदाँ में हम जां हथेली पर लेकर
अब देखो दम लेंगे हम जा के अपनी मंज़िल पर
अब तो हमें आगे बढ़ते है रहना
अब तो हमें साथी है बस इतना ही कहना
अब जो भी हो शोला बन के पत्थर है पिघलाना
अब जो भी हो बादल बनकर पर्वत पर है छाना


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