बिग बॉस ओटीटी: दिव्या अग्रवाल ने उड़ाया नेहा भसीन की गंदी अंडरवियर का मज़ाक, मीडिया ने कहा - शर्म करो
बिग बॉस ओटीटी के आखिरी हफ्ते मीडिया घर में आई और एक बहुत ही बड़ी बात का मुद्दा बहुत ही बेशर्मी से बनाया गया। एक जर्नलिस्ट ने दिव्या अग्रवाल से पूछा कि हर वक्त आप महिलाओं के समर्थन की बात करती हैं लेकिन जब आपने नेहा के गंदा अंडरवियर देखा तो आपने पहले लड़कियों को बुलाकर इस बात का मज़ाक उड़ाया और फिर घर के लड़कों को भी जाकर उस अंडरवियर के धब्बों पर बात की।
दिव्या ने मीडिया के सामने अपनी गलती नहीं मानी और कहा कि ये पुरूष और महिला का मुद्दा नहीं बल्कि स्वच्छता का मुद्दा है। वो अंडरवियर गंदी थी और ऐसे ही बेसिन के पास पड़ी हुई थी। मीडिया के घर से जाने के बाद इस बात पर जमकर बहस हुई।

नेहा चाहती थीं कि दिव्या अपनी गलती समझें कि उन्होंने नेहा के vaginal discharge के बारे में कैमरे और लड़कों के सामने बात की। दिव्या घड़ी घड़ी अपनी बात बदलती रहीं। पहले उन्होंने कहा कि ये अंडरवियर लड़की का है या लड़के का ये कोई मुद्दा ही नहीं है। और उन्होंने चड्ढी पर लगे धब्बों की बात नहीं की थी। इसके कुछ समय बाद उन्होंने इस बात का मुद्दा बनाया कि शमिता भी मूस के शरीर और उनके स्तन के बारे में बात करती हैं। प्रतीक ने पूरी बात में शमिता और दिव्या दोनों को ही गलत बताया।
इसके कुछ मिनटों बाद ही दिव्या ने अपनी कहानी में एक और मुद्दा जोड़ा कि शमिता ने मुझे वो अंडरवियर दिखाते हुए कहा कि देखो कितना गंदा है। और मुझे मजबूर किया कि मैं पूछूं वो किसका है। दिव्या पूरे मुद्दे पर अपनी गलती मानती नहीं दिखीं वहीं घर के लड़के दोनों पक्षों को सुनकर इस मामले को सुलझाने की कोशिश करते दिखे। अब ट्विटर पर भी इस मामले में बहस छिड़ चुकी है कि पूरे मुद्दे में कौन सही था और कौन गलत।

सभी गलत हैं
कुछ यूज़र्स ने इस पूरी लड़ाई में दोनों ही पक्षों को गलत ठहराते हुए कहा कि ये दोनों ही बातें गलत थीं। चाहे शमिता और नेहा का मूस के स्तन पर बात करना हो या फिर दिव्या का नेहा भसीन की अंडरवियर पर बात करना हो। सभी इन मामलों में गलत हैं और सभी को एक दूसरे से माफी मांगनी चाहिए।

किन लोगों में शो जीतने के गुण
कुछ लोगों ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि किस तरह शमिता शेट्टी, नेहा भसीन और प्रतीक सहजपाल ने मीडिया के साथ सम्मान के साथ बर्ताव किया वहीं दिव्या अग्रवाल और निशांत भट्ट मीडिया को भी नीचा दिखाने में लगे रहे। लोगों ने इस बात से परख लिया है कि किस प्रतिभागी में ये शो जीतने के गुण हैं।

प्रतीक की समझदारी
प्रतीक सहजपाल इस पूरे मुद्दे पर हर किसी से बात करते दिखे और हर किसी का पक्ष जानने की कोशिश करते दिखे। एक यूज़र ने इस ओर लोगों का ध्यान खींचते हुए कहा कि इस समय घर के सबसे समझदार सदस्य प्रतीक सहजपाल ही दिख रहे हैं।

दोनों की गलती साफ दिखी
एक यूज़र का मानना है कि शमिता और नेहा जो भी ज्ञान देते हैं उन्हें उस पर अमल भी करना चाहिए। शमिता और नेहा, इस बात पर नाराज़ हैं कि दिव्या उनसे माफी नहीं मांग रही हैं। तो आप अभी तुरंत कैमरा पर मूस से माफी क्यों नहीं मांगती हैं। एक 20 साल की लड़के के शरीर और निजी अंगों के बारे में आपने भी बात की। बाकी घरवालों को घर के बाहर जाकर इस मामले को देखना चाहिए और तब कोई फैसला लेना चाहिए।

नेहा भसीन पर भी उठे सवाल
लोगों ने नेहा भसीन और दिव्या के बारे में बात करते हुए पूछा कि जब दिव्या को पीरियड्स हो रहे थे और नेहा ने उनके फूले हुए शरीर का मज़ाक उड़ाया था, क्या तब वो सही था? वहीं नेहा के करण नाथ के अंडरवियर से खेलने और उसकी साईज़ के बारे में डिस्कस करके मज़ाक उड़ाने पर भी सवाल उठे।

घर के लड़कों की तारीफ
लोगों ने घर के लड़कों की तारीफ करते हुए कहा कि निशांत भट्ट और राकेश बापट सही काम कर रहे हैं दिव्या को समझाकर। दोनों को दिव्या को समझाना चाहिए कि उनका माफी मांगना कितना ज़रूरी है। प्रतीक सहजपाल भी पूरे मामले को बेहद परिपक्व तरीके से हैंडल करते नज़र आए।

शांति से निपट जाए मामला
निशांत भट्ट इस मामले में काफी हद तक दिव्या का साथ देते दिखे और मूस के लिए भी स्टैंड लेते दिखे। यूज़र्स ने इस बात को पसंद किया कि घर के पुरूष जहां चाहते थे कि इस मामले पर और बात ना हो और ये शांति से निपट जाएं वहीं घर की महिलाएं इस बारे में लगातार बात और झगड़ा करते हुए इसे और बाहर लेकर आती दिखीं।

शमिता ने शुरू की थी पूरी बात?
एक और यूज़र ने सारी सिचुएशन को साफ साफ बताते हुए कहा - अंडरवियर का मुद्दा साफ साफ शमिता ने उठाया था। अगर एक पहनी हुई अंडरवियर बेसिन के किनारे रखना सही है तो शमिता को ये सवाल उठाना ही नहीं चाहिए था। जब उन्हें पता चला कि वो नेहा का अंडरवियर है तो उन्होंने चुपचाप पूरा मामला शांत कर दिया था।

मामला शांत कराने की हुई कोशिश
एक यूज़र ने साफ कहा कि दिव्या का इस बात पर साथ देना बिल्कुल ही गलत और अकारण है। ये महिलाओं के सम्मान की बात थी। बहुत ही गलत था। राकेश ने भी दिव्या को बार बार ये समझाने की कोशिश की और कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए क्योंकि ये एक सेंसिटिव मुद्दा है। लेकिन दिव्या ने साफ कहा कि उन्हें ये माफी मांगने लायक कोई मुद्दा नहीं लगता।

किस किस की क्या है कमी?
इस पूरे मामले में सबको गलत ठहराते हुए एक यूज़र ने कुछ बातें साफ की - पहला, मीडिया को misogyny का मतलब समझना चाहिए, दूसरा - शमिता को अपने हाई फाई एटीट्यूड के बारे में कुछ करना चाहिए, दिव्या को अपनी गलतियां मांग कर माफी मांगना सीखना चाहिए, नेहा को कभी कभी ज़िदगी में शांत रहना चाहिए। घर के पुरूषों को इस मुद्दे को इतनी समझदारी से संभालने के लिए सलाम।


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