मशहूर सीरियल 'बालिका वधु' के डाइरेक्टर ठेले पर बेच रहे हैं सब्जी- कोरोना महामारी ने किया मजबूर
कोरोना महामारी ने सभी की कमर तोड़ दी है। लाखों नौकरियां जा चुकी हैं, सकल घरेलू उत्पाद नीचे गिरा जा रहा है। ऐसे में इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर भी इसका गहरा प्रभाव दिखा है। कई कलाकार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कुछ तो इस कदर बेबस हो गए कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर मदद मांगनी पड़ी।
वहीं, 'बालिका वधु', 'सुजाता' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे 25 से ज्यादा टीवी सीरियल के डायरेक्टर रह चुके रामवृक्ष गौड़ परिवार का पेट पालने के लिए सब्जी बेचकर गुजारा कर रहे हैं। रामवृक्ष अपने बच्चे के साथ होली पर गांव में आए थे। वापस जाते इसके पहले लॉकडाउन लग गया। फिलहाल रामवृक्ष उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपने घर में रह रहे हैं।

साल 2002 में अपने दोस्त की मदद से मुंबई पहुंचे रामवृक्ष ने टीवी के फिल्मों के लिए भी काम किया है। यशपाल शर्मा, मिलिंद गुणाजी, राजपाल यादव, रणदीप हुडा, सुनील शेट्टी जैसे बड़े कलाकारों की फिल्मों में वह असिस्टेंड डायरेक्टर भी रह चुके हैं।
डायरेक्शन में आने से पहले रामवृक्ष ने बिजली विभाग में काम किया। फिर टीवी प्रोडक्शन में आए। अनुभव बढ़ा तो काम भी मिलने लगे। लेकिन कोरोना महामारी में काम की कमी हो आई।
रामवृक्ष कहते हैं टीवी उद्योग में काफी अनिश्चितता रहती है। हालांकि मेरा काम अच्छा चलता था। काम खूब था। काम आता था तो प्रोडक्शन हाउस के हिसाब से साठ हजार से लेकर डेढ़ लाख प्रतिमाह कमा लेता था। अब तो सब्जी बेचने के काम में महीने में बमुश्किल बीस हजार कमाता हूं। ये काम मेरे लिए कोई नया नहीं है, मेरे परिवार में यही काम होता है। मैं मुंबई जाने से पहले यही करता था। काम कोई छोटा बड़ा नहीं होता है। मैं खुश हूं। मुंबई में हालात सुधरेंगे तो फिर से वापस फिर से उसी दुनिया में लौट जाउंगा।


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