'थप्पड़' फिल्म रिव्यू: तापसी पन्नू की ये फिल्म पुरुषवादी सोच पर करारा तमाचा है
निर्देशक- अनुभव सिन्हा
कलाकार- तापसी पन्नू, पावेल गुलाटी, कुमुद मिश्रा, रत्ना पाठक शाह, दिया मिर्जा, तन्वी आज़मी, माया सराओ
बेटी के निर्णय से परेशान अमृता (तापसी) की मां (रत्ना पाठक शाह) अपने पति (कुमुद मिश्रा) से कहती है, ''परिवार के लिए औरतों को अपनी इच्छा का त्याग करना पड़ता है। यह मेरी मां ने मुझे सिखाया था, उन्हें उनकी मां ने.. और शायद उन्हें उनकी मां ने सिखाया होगा।'' इस संवाद से एक मां के साथ साथ एक महिला का अंतर्द्वंद्व भी साफ दिखता है। यह अंतर्द्वंद्व उस समाज की वजह से है, जो हर लड़की को सभ्यता, संस्कार, मर्यादा और सुदंरता का पाठ पठाते हैं। जहां अमृता (तापसी पन्नू) की तरह आदर्श बहू सुबह होते ही चाय बनाती है, पति को उठाती है, मनपसंद नाश्ता खिलाती है, सास का ब्लड- सुगर लेवल भी जांच लेती है और पति को कार तक छोड़ कर आती है.. हर दिन, मुस्कुराहट के साथ।
अपने सारे ख्वाबों को पीछे छोड़ चुकीं अमृता की अब सिर्फ दो ही ख्वाहिश है- इज्जत और प्यार। लेकिन जब उससे यह भी छिन जाता है, तो वह सवाल उठाती है और एक कठोर कदम लेती है। ऐसा कदम को इस पितृसत्ता समाज पर जोरदार तमाचा है।


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