अमिताभ-धनुष की शमिताभ का फिल्म रिव्यू
Shamitabh Review-E-Fillum: अमिताभ बच्चन और धनुष की फिल्म शमिताभ पर्दे पर आ गई है। फिल्म देख कर आप जब सिनेमा हॉल से बाहर निकलेंगे तो आपके जहन में कई डाॅयलॉग होंगे, जिनमें यह डॉयलॉग भी जरूर होगा- "पानी को चढ़ने के लिए चाहिए विह्स्की.. विह्स्की को जरुरत नहीं किसी की.." अमिताभ बच्चन के इस डायलॉग में ही शमिताभ फिल्म का पूरा सार छुपा है। और सच पूछिए तो आज हम फिल्म रिव्यू नहीं रिव्यू-ए-फिल्लम परोस रहे हैं। और इसकी फिल्म का मस्त गीत इश्क-ए-फिल्लम है जो बिग बी ने गाया है।
समझने वाले को तो इशारा ही काफी है। फिल्म में अमिताभ बच्चन के किरदार ने कम ही समय में अपना जादू चला दिया और दर्शकों को प्रभावित कर बैठा। वहीं धनुष अपनी दूसरी फिल्म में अपना जादू बरकरार रख पाने में असफल रहे।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी दानिष (धनुष) और अमिताभ सिन्हा के इर्द गिर्द घूमती है। दानिष एक छोटे शहर का लड़का है, जो गूंगा है। अपनी मां के मरने के बाद दानिष मुंबई शहर आकर एक बड़ा स्टार बनना चाहता है। अक्षरा एक असिस्टेंट डायरेक्टर है जो कि दानिष के अंदर एक सुरस्टार की सारी क्वालिटी देखती है और उसे कामयाब बनाने के लिए एक ऐसी टेक्नॉलॉजी का सहारा लेती हो जिसके द्वारा दानिष अपने सामने बोल रहे किसी इंसान की आवाज में बोल सकता है।
फिर अक्षरा की मुलाकात होती है अमिताभ सिन्ह (अमिताभ बच्चन) से जो एक शराबी है। अक्षरा अमिताभ और दानिष को एक दूसरे से मिलवाती है और अमिताभ की आवाज दानिष के मुंह से बोलवाकर वो दानिष को सुपस्टार बना देती है। लेकिन फिर अमिताभ को दानिष से ईर्ष्या होने लगती है और दानिष व अमिताभ अपने अपने अहंकार के चलते अलग हो जाते हैं।
हालांकि जब दोनों को ये एहसास होता है कि एक दूसरे के बिना वो कुछ नहीं हैं तो फिर से वो एक होते हैं। फिल्म के बारे में और विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें स्लाइडर में।


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