For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

जनता रॉक्स जब सत्याग्रह टॉक्स- फिल्म रिव्यू

|

प्रकाश झा की फिल्म सत्याग्रह काफी सारे विवादों को जन्म देने के बाद आज सिनेमाहॉल में रिलीज हो रही है। प्रकाश झा की फिल्म सत्याग्रह में अजय देवगन, मनोज बाजपेयी, अमिताभ बच्चन, करीना कपूर और अमृता राव मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म जैसा कि प्रकाश झा और फिल्म के बाकी किरदारों ने बताया कि ये अन्ना हजारे मूवमेंट पर आधारित नहीं है। लेकिन फिल्म को देखने के बाद कहीं ना कहीं ऐसा महसूस हुआ कि फिल्म को बनाते समय अन्ना हजारे मूवमेंट कहीं ना कहीं फिल्म निर्माताओं की सोच मे था लेकिन बाद में फिल्म बनाते हुए उन्होंने ये सोचकर कि कहीं कुछ ज्यादा बवाल ना हो जाए फिल्म में काफी बदलाव करने की कोशिश की। लेकिन फिर भी अरविंद केजरीवाल और साथ ही अन्ना की मौजूदगी कहीं ना कहीं हीं जरुर महसूस हो रही थी। जहां तक बाद है फिल्म के सफल होने की तो सत्याग्रह कहीं ना कहीं थोड़ी बोर जरुर लगी है और फिल्म कुछ भी ऐसा नहीं है जो कि यंग जेनरेशन के खून को खौला देगा या उनमें बदलाव की चिंगारी पैदा कर देगा।

सत्याग्रह एक पिता द्वारका आनंद (अमिताभ बच्चन) की कहानी है जो कि अपने बेटे को एक एक्सीडेंट में खो देता है। अमिताभ एक बहुत ही ईमादार स्कूल के रिटायर्ड प्रिंसिपल के किरदार में हैं। जो कि किसी भी काम के लिए रिश्वत या घूस में विश्वास नहीं करते ना ही अपने आस पास वालों को ये सब करने देते हैं। उसका बेटा एक इंजीनियर है जो कि देश के लिए कुछ करना चाहता है और पूरी इमानदारी के साथ देश के लिए कुछ अच्छे हाइवे और अच्छे रास्ते बनाना चाहता है। लेकिन राजनीती के चलते कुछ ऐसे घपले होते हैं जिनकी वजह से उसका काम काफी प्रभावित होता है और उसके काम पर ही प्रश्नचिह्न लग जाते हैं। लेकिन उसे पता चलता है कि कुछ राजनीतिज्ञ मिलकर ये घपले कर रहे हैं ताकि पैसे अपनी जेब में डाल सकें।

आखिरकार वो एक गुप्त फाईल बनाता है और सारे कच्चे चिट्ठे लिखकर सीएम को भेजता है। लेकिन वो फाइल लीक हो जाती है और आखिरकार उसे जान से मारने की धमकियां मिलने लगती हैं। फिर एक दिन उसका मर्डर करा दिया जाता है और उसे एक्सीडेंट का नाम दिया जाता है।

मानव देता है द्वारका आनंद का साथ

मानव देता है द्वारका आनंद का साथ

मानव, द्वाराका नाथ के बेटे का बचपन का करीबी दोस्त है। अपने दोस्त के मरने के बाद मानव वापस आता है और द्वारका आनंद जी की मदद करने की कोशिश करता है। सरकार द्वारा द्वारका के बेटे की मौत पर 25 लाख रुपये देने की घोषणा की जाती है लेकिन वो पैसे उन्हें नहीं मिलते क्योंकि सरकारी ऑफिस में बिना रिश्वत कोई काम नहीं करता।

द्वारका आनंद का कलेक्टर को चांटा

द्वारका आनंद का कलेक्टर को चांटा

द्वारका आंनंद रोज रोज सरकार दफ्तरों के चक्कर काट काटकर थक जाते हैं और आखिरकार कलेक्टर को खरी खोटी सुनाते हुए उसे थप्पड़ जड़ देते हैं। इसके बाद कलेक्टर द्वारका को जेल में बंद कर देते हैं और उसके बाद पूरे शहर में शुरु होता है आंदोलन जो कि मानव शुरु कराता है ताकि वो द्वारका जी को जेल से बाहर निकाल सके।

द्वारका जी का आंदोलन

द्वारका जी का आंदोलन

आखिकार जब हद से ज्यादा लोग इस आंदोलन में जुड़ जाते हैं तो बलराम सिहं (मनोज बाजपेयी) जो कि उस एरिया के नेता हैं खुद आकर इस आंदोलन को खत्म करने की कोशिश करते हैं और द्वारका जी को जेल से बाहर निकालकर उन्हें 25 लाख रुपये का चेक ऑफर करते हैं लेकिन द्वारका जी कहते हैं कि ये चेक वो तब तक नहीं लेंगे जब तक उनके जैसे ही लाखों को उनकी हक की रकम नहीं मिल जाती। इसके लिए वो सरकार को 30 दिन का वक्त देते हैं।

बलराम की राजनीती

बलराम की राजनीती

बलराम द्वारका की इस धमकी को काफी हल्के में लेता है औऱ कहता है कि सरकार मुट्ठी भर लोगों के अनुसार नहीं चलती है। वो कुछ ना कुछ करके द्वारका जी के इस आंदोलन को रुकवाने का प्रयास करते हैं और आखिरकार ये आंदलोन सत्याग्रह का रुप धारण कर लेता है। द्वारका जी आमरण अनशन पर बैठ जाते हैं और राजनेता अपनी अपनी राजनीती चलाने लगते हैं।

मानव की कोशिश

मानव की कोशिश

मानव पूरी कोशिश करता है कि वो द्वारका जी का ये अनशन तुड़वा दे लेकिन द्वारका जी इस अनशन को तोड़ने के लिए तब तक तैयार नहीं होंगे जब तक सरकार आकर उनकी मांगें पूरी ना कर दे। आखिरकार ये सत्याग्रह एक ऐसा रुप धारण कर लेता है कि लोग अहिंसा पर उतर आते हैं और राजनेता भी इस सत्याग्रह को तुड़वाने के लिए और अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर हद को पार कर जाते हैं।

क्या सफल होगा ये सत्याग्रह

क्या सफल होगा ये सत्याग्रह

अब क्या द्वारका जी का शुरु किया गया ये सत्याग्रह सफल होगा और क्या सरकार की नीचे से ऊपर तक भ्रष्ट हो चुकी कड़ी में कुछ सुधार होगा। ये जानने के लिए आपको सिनेमाहॉल में जाकर सत्याग्रह देखनी होगी। लेकिन फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर अगर सफल होने की बात है तो फिल्म का निर्देशन इतना ढ़ीला है कि हो सकता है कि लोगों को ये फिल्म कुछ ज्यादा ही बोर लगे। हालांकि मनोज बाजपेयी ने पूरी फिल्म को अपने कंधों पर उठा रखा है। उन्हीं पर पूरी फिल्म टिकी हुई है।

English summary
Satyagraha movie starring Amitabh bachchan, Manoj Bajpai, Kareena Kapoor Khan and Ajay Devgan in leads role is story of a man who is a firm believer of Gandhian principles. Satyagraha movie deals with the movement of the middle-class to re-negotiate democracy.

रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more