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REVIEW: 'टाईगर जिंदा है'.. एक्शन, इमोशन, देशभक्ति और सलमान खान..

By Neeti Sudha
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Tiger Zinda Hai Public Review: Salman Khan | Katrina Kaif | Sajjad Delfrooz | Angad Bedi | FilmiBeat
Rating:
3.5/5
Star Cast: सलमान खान, कैटरीना कैफ, नवाब शाह, परेश रावल, गावी चहल
Director: अली अब्बास ज़फर

अवधि- 2 घंटा 41 मिनट

निर्माता- आदित्य चोपड़ा

लेखक- अली अब्बास जफर

अच्छी बातें- फिल्म की एक्शन कोरियोग्राफी, लोकेशंस, बैकग्राउंड स्कोर और किरदारों की शानदार अदाकारी

बुरी बातें- फिल्म की लंबाई, सलमान- सज्ज़ाद के बीच ठंडा क्लाईमैक्स सीन

जब सलमान खान स्क्रीन पर आता है तो कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं होता। बस एक 300 करोड़ की फिल्म होती है। जिसे आपको देखना होता है। टाईगर ज़िंदा है भी वही 300 करोड़ी फिल्म निकलेगी। 

अली अब्बास ज़फर की टाईगर ज़िंदा है में सबसे खास बात है फिल्म की बेहतरीन सपोर्टिंग कास्ट जो सलमान खान और कैटरीना कैफ को मौका ही नहीं देती कि फिल्म बिगड़ जाए। इस बार फिल्म बिगड़ती है लचर पटकथा से।

प्लॉट –

प्लॉट –

आईएसआईएल ने तिकरित में 25 भारतीय और 15 पाकिस्तानी नर्सों को अस्पताल में कैद कर रखा है। अमेरिका ने 7 दिनों की मोहलत दी है, जिसके बाद वह तिकरीत में एयर- स्ट्राइक करने वाला है। भारत के पास अपनी नर्सों को बचाने के लिए सिर्फ 7 दिनों का समय है। ऐसे में यदि कोई है जो यह असंभव मिशन को संभव कर सकता है.. तो वह है टाईगर। जी हां, इसी के साथ एंट्री होती है 'टाईगर' अका अविनाश राथौड़ (सलमान खान) की। जो अपनी पत्नी जोया (कैटरीना कैफ) और एक बच्चे के साथ ऑस्ट्रिया की वादियों में रहता है।

मिशन की शुरुआत होती है जब टाईगर भारत की तरफ से और जोया पाकिस्तान की तरफ से इराक में आतंकवादियों के ठिकाने तक पहुंच जाते हैं। मुख्य आतंकी और आईएसआईएल के चीफ अबु उस्मान (सज्ज़ाद डेलफ्रूज) तक पहुंचने का सफर काफी खतरनाक और पेचीदा होता है।

इसी दौरान इनकी मुलाकात होती है फिरदौस (परेश रावल) से। जो बगदादी की तेल रिफाइनरी में काम करता है। फिल्म के फर्स्ट हॉफ से सेकेंड हॉफ में इस किरदार में जो बदलाव आता है वह कहानी को आगे बढ़ाती है।

फिल्म में समय समय पर इंसानियत की कहानी गढ़ी गई है। वह भारत- पाकिस्तान के एजेंट्स का साथ काम करना हो.. या मानव बम बने आतंकवादी बच्चे के लिए टाईगर के दिल में प्यार और दया की भावना आना।

बहरहाल, फिल्म के सेकेंड हॉफ में मुख्य विलेन अबु उस्मान के साथ सलमान- कैटरीना की टकराव दिखाई गई है। अब तमाम मुसीबतों के बीच किस तरह टाईगर भारत और पाकिस्तानी नर्सों को आतंकियों के चंगुल से बचाकर ले जाता है.. इसकी कहानी है टाईगर जिंदा है।

निर्देशन-

निर्देशन-

अली अब्बास जफर ने 2016 में बॉलीवुड को सुल्तान जैसी बेहतरीन फिल्म दी है। लेकिन टाईगर जिंदा है के साथ उन्होंने संभव तौर पर एक लंबी छलांग लगाई है। फिल्म की पटकथा को उन्होंने पूरे 3 घंटों तक बांध कर रखा है। फिल्म में एक्शन, इमोशन, देशभक्ति, दोस्ती, रोमांस सभी मसाले सही अंदाज में पेश किये गए हैं। साथ ही उन्होंने सलमान खान फैंस का भी ध्यान रखा है। फिल्म में सलमान खान को बॉडी दिखाने का कई मौका दिया गया है।

फिल्म का फर्स्ट हॉफ जहां आपको काफी तेजी से भागता लगेगा, वहीं सेकेंड हॉफ में थोड़ी स्थिरता आ जाती है। कुछेक एक्शन सीन्स लंबे खींचे गए हैं, जिस वजह से फिल्म की लंबाई भी ज्यादा हो गई है। फिल्म के कुछ शुरुआती संवाद याद रखने लायक हैं, जैसे कि- शिकार तो सभी करते हैं, लेकिन टाईगर से बेहतर शिकार कोई नहीं करता। वहीं, समय समय पर उन्होंने ह्यूमर का हल्का सा डोज़ भी दिया है। अच्छी बात है कि अली अब्बास जफर ने कहीं भी कहानी के मुख्य मुद्दे के साथ छेड़छाड़ नहीं की है।

फिल्म के लोकेशंस भी काफी शानदार रहे हैं। कहना सही होगा कि अली अब्बास जफर ने फिल्म के हर फ्रेम को विशाल दिखाया है। आप फिल्म देखकर ही कह सकते हैं कि यह एक बिग बजट फिल्म है।

अदाकारी-

अदाकारी-

टाईगर के किरदार में सलमान खान जबरदस्त हैं। बड़े पर्दे पर उनकी मेहनत साफ झलकती है। अली अब्बास जफर ने हर फ्रेम में पूरी शिद्दत के साथ सलमान खान का इस्तेमाल किया है। एक से बढ़कर एक एक्शन सीन्स करते सलमान को देखकर थियेटर में फैंस तालियों और सीटियों की बौछार कर देंगे। वहीं, जोया के किरदार में कैटरीना सरप्राइज पैकेज हैं। हमें यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि कैटरीना को फिल्म के बेस्ट एक्शन सीन्स दिये गए हैं, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।

आईएसआईएल आतंकी प्रमुख अबु उस्मान बने सज्ज़ाद डेलफ्रूज ने अच्छा काम किया है। निर्देशक ने उन्हें हाव भाव से खूब खेलने का मौका दिया है। वहीं दो चेहरे वाले परेश रावल के किरदार से हमें थोड़ी और उम्मीद थी। निर्देशक उनके किरदार को थोड़ा और भुना सकते थे। बाकी के सपोर्टिंग किरदार भी अपने काम में बेहतरीन रहे हैं।

तकनीकि पक्ष-

तकनीकि पक्ष-

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। अली अब्बास जफर ने फिल्म के लोकेशंस को काफी देख परख पर चुना है, जो कि पर्दे पर कमाल दिख रहे हैं। स्क्रीनप्ले काफी कसी हुई है और आपको हर किरदार से जुड़ने का मौका देती है।

संगीत-

संगीत-

फिल्म का संगीत दिया है विशाल शेखर ने। दिल दिया गल्लां और स्वैग से स्वागत गाना फिल्म रिलीज से पहले ही लोगों के जुबां पर चढ़ चुका है। लिहाजा, फिल्म में भी आप इन गानों को एन्जॉय करेंगे। वहीं, फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी काफी जबरदस्त है, जिसे दिया है Julius Packiam ने।

देंखे या ना देंखे-

देंखे या ना देंखे-

यदि आप सलमान खान फैन हैं तो फिल्म जरूर देंखे (must watch) क्योंकि सलमान को तगड़े एक्शन सीन्स करते देखना प्रभावी है। वहीं, क्रिसमस का मौका है.. तो फैमिली के साथ देखे जाने के लिए यह अच्छा ऑप्शन है। फिल्म बच्चों के साथ साथ युवाओं को भी पसंद आएगी।

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    English summary
    Read the review of Salman Khan- Katrina Kaif's Tiger Zinda Hai here. Directed by Ali Abbas Zafar.

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