समीक्षा: 'टेबल नं. 21' है दूसरा 'सच का सामना'
बैनर : नेक्स्ट जेन फिल्म्स प्रोडक्शन्स, इरोज इंटरनेशनल
निर्माता : सुनील लुल्ला, विकी राजानी
निर्देशक : आदित्य दत्त
कलाकार : परेश रावल, राजीव खंडेलवाल, टीना देसाई
समीक्षा: आज बहुचर्चित फिल्म 'टेबल नं. 21' रिलीज हुई है जिसमें टीवी चैनल के लोकप्रिय कलाकार राजीव खंडेलवाल की मुख्य भूमिका है। फिल्म एक गेम पर आधारित है जिसे देखकर आपको राजीव खंडेलवाल का विवादित शो ' सच का सामना' याद आ जायेगा। अंतर सिर्फ इतना है कि इस बार राजीव आपको सवाल पूछने वाली सीट में नहीं बल्कि सवाल देने वाली सीट पर दिखायी देंगे।
टीवी के कई रियलिटी शो और स्लमडॉग मिलेनियर की याद दिलाती इस फिल्म से किसी को भी बहुत ज्यादा उम्मीद तो नहीं थी लेकिन फिर भी यह फिल्म औसत से काफी ऊपर है। फिल्म में राजीव खंडेलवाल औऱ परेश रावल ने बढि़या काम किया है। फिल्म अगर बड़े कलाकारों को लेकर बनती औऱ इसका प्रमोशन बखूबी होता तो यह जरूर काफी बड़ी हिट हो सकती थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं इसलिए फिल्म औसत ही रह गयी। राजीव खंडेलवाल में एनर्जी काफी है जिसे वो अच्छी फिल्मों के जरिये लोगों के सामने पेश कर सकते हैं। परेशा रावल हमेशा की तरह बेहतरीन औऱ बेमिसाल है। हिरोईन टीना देसाई को अभी काफी कुछ सीखना है, उन्हीं का अभिनय थोड़ा सा फीका है। संगीत कुछ खास नहीं हैं। छोटे बजट की फिल्मों में टेबल नंबर 21.. ठीक-ठाक फिल्म है, जिसके लिए फिल्म आदित्य दत्त को धन्यवाद देना चाहिए। कुल मिलाकर औसत दर्जे की फिल्म है।
कहानी: फिल्म में राजीव और टीना पति-पत्नी है, उनकी शादी को पांच साल हो गया है। दोनों ही हमेशा आगे बढ़ने और पैसे कमाने की सोचते हैं।अचानक से वो एक लकी ड्रा जीत जाते हैं जिसके बाद वो इनाम के तौर पर एक पांच सितारा होटल में पहुंचते हैं। जहां उनकी मुलाकात परेश रावल से होती है। जो कि दोनों को एक गेम खेलने का ऑफर देता है औऱ कहता है कि अगर आप जीत गये तो आप 21 करोड़ जीत जायेंगे। यह गेम दोनों की जिंदगी से जुड़ा होता है। लेकिन यह गेम इतना आसान नहीं होता। इस गेम के जरिये दोनों के अतित के पन्ने खुलने लगते हैं जो कि दोनों की जिंदगी में भूचाल ले आते हैं।

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