..................... Review: Inkaar is really real and beautiful film directed by Sudhir Mishra. | समीक्षा: 'इंकार' की तारीफ से 'इंकार' नहीं... - Hindi Filmibeat

समीक्षा: 'इंकार' की तारीफ से 'इंकार' नहीं...

समीक्षा: लंबे अरसे के बाद पर्दे पर एक ऐसी फिल्म आयी है जिसकी कहानी कुछ कहती है।जिसका सारा श्रेय अगर किसी को जाता है तो वो है सुधीर मिश्रा। जिनकी कलम ने फिल्म में कमाल का काम किया है। इस बात के लिए वो बधाई के पात्र हैं। फिल्म को उन्होंने जिस तरह से लिखा है उसी तरह से दर्शाया भी है। जिसके लिए उन्हें शाबाशी दी जा सकती है। फिल्म रिलीज होने के पहले कुछ लोगों ने कहा था कि फिल्म फैशन और हिरोईन जैसी ही होगी लेकिन नहीं सुधीर मिश्रा ने वाकई में लीक से हटकर फिल्म बनायी है। जिसमें कुछ संदेश है और आज के समाज की कुछ कड़वी सच्चाई भी है।

फिल्म में आज के परिवेश में ऑफिस में होने वाले यौनशोषण को खूबसूरती से चित्रित किया गया है।सुधीर की फिल्म में एक बात साफ है कि उनकी हिरोईन बेचारी नहीं हैं बल्कि महात्वाकांक्षी है जो कि वाकई फिल्म को औरों से अलग करता है। फिल्म को सुंदरता से प्रदर्शित किया गया है। जाहिर है कि फिल्म बहुत बोल्ड विषय पर है इसलिए फिल्म में कई बोल्ड सींस भी है। कुछ तो सींस फिल्म की कहानी कहते हैं लेकिन कुछ बेकार भी है।

अर्जुन रामपाल का काम बेहतरीन है, उन्होंने अपने आप को सुधीर मिश्रा के हवाले कर दिया है जिसके कारण वो सफल हुए हैं तो वहीं चित्रांगदा ने बला की खूबसूरती बिखेरने के साथ-साथ गजब का अभिनय भी किया है। दीप्ति नवल ने हमेशा की तरह कमाल किया है।फिल्म एक विशेष दर्शकवर्ग को जरूर पसंद आयेगी। फिल्म की कहानी, संगीत और संवाद सब मिलाकर फिल्म इंकार औसत से ऊपर है। इसलिए फिल्म के बारे में कहा जा सकता है कि इस बार सुधीर मिश्रा चूके नहीं हैं, इस बार उनकी फिल्म अवार्ड के साथ बॉक्सऑफिस पर कमाई भी कर सकती है।

कहानी: फिल्म में राहुल( अर्जुन रामपाल) एक एड एजेंसी की सीईओ है। जिसकी मुलाकात एक टैलेंटड कॉपी राईटर माया(चित्रांगदा सिंह) से होती है। राहुल, माया से काफी प्रभावित होता है। वो उसे अपनी कंपनी में जॉब दिला देता है। धीरे-धीरे राहुल-माया प्रेमी-प्रेमिका बन जाते हैं। लेकिन तभी कहानी में ट्विस्ट आता है। माया को कंपनी अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल होने का ऑफर देती है।

लेकिन राहुल, माया को इस ऑफर को स्वीकार करने से रोकता है लेकिन माया, राहुल की बात नहीं मानती है। यहीं से राहुल-माया के बीच में अहम की लड़ाई शुरू हो जाती है। तभी अचानक एक दिन माया, राहुल पर यौनशोषण का आरोप लगा देती है। मामला बाहर ना जाये इसके लिए इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनायी जाती है जिसकी हेड दीप्ती नवल होती है जो कि सच और झूठ का पता लगाती है।

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