#Review: रमन राघव, दो टूक बात, स्टार नवाज़...कश्यप की शानदार दुनिया
फिल्म - रमन राघव 2.0
WARNING:
- ये अनुराग कश्यप की दुनिया है इसलिए यहां किसी भी चीज़ को झेलने की क्षमता चाहिए, आपमें है...तो ही प्रवेश करें। वरना इंतज़ार करें, 2 हफ्तों में सबके एक भाईजान आएंगे।
- इस फिल्म की तुलना अनुराग कश्यप की अगली से करने के लिए फिल्म मत देखिए। अगली एक बेंचमार्क फिल्म थी, और अलग विषय पर थी।
- आखिरी के आधे घंटे में फिल्म का सस्पेंस इतना शानदार है कि आपको अपने पैसे वसूल लगेंगे।
कभी डर लगा है? लगा होगा। लेकिन सड़क चलते कभी किसी आदमी से डर लगा है? एक बार रमन राघव 2.0 देखकर आइए, लग जाएगा। पहली बात तो ये कि अनुराग कश्यप को बहुत दिन बात अपने फॉर्म में देखकर आपको सुकून मिलेगा।
हर एक सीन में आपकी नज़रें नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी से नहीं हटेंगी। इस फिल्म में उन्हें एकदम किसी सुपरस्टार से भी बेहतरीन तरीके से फिल्म की कहानी के साथ दंगा काटते देख बहुत खुश होने वाले हैं।
नवाज़ के चक्कर में विक्की कौशल जैसे ब्रिलियंट एक्टर भी थोड़ा इग्नोर होते नज़र आएंगे। लेकिन उनका किरदार ही फिल्म में ऐसा था, एक कमज़ोर इंसान जो अपनी कमज़ोरियों को और मज़बूत बनाने में जुटा हुआ है और उसका साथ देने के लिए है ड्रग्स।

फिल्म एक साइको थ्रिलर है। इसे नियो - नॉइर कहा गया है - New Black। फिल्म अंधेरी है, देखने में नहीं, सोचने में, समझने में और गहराई में जाने में! किसी को मारना क्या किसी के लिए रोज़मर्रा का काम हो सकता है? उठने बैठने खाने पीने जैसा? रमन के लिए है, क्योंकि उसे अपने राघव से मिलना है।
जानिए फिल्म की पूरी समीक्षा -


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