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Review : दिमाग घर छोड़ दीजिए.. आपको खूब हंसाएंगे 3-3 पोस्टर ब्वॉयज.. मिलेगा सरप्राइज

Written By: madhuri
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Rating:
3.0/5

कास्ट : सनी देओल, बॉबी देओल, श्रेयश तलपड़े
निर्देशक : श्रेयश तलपड़े
प्रोड्यूसर : सनी साउंड्स प्राइवेट लिमिटेड, श्रेयश तलपड़े, दीप्ती तलपड़े
लेखक : बंटी राठौर, परितोष पेंटर
क्या है खास : फिल्म के कॉमेडी मूमेंट्स
क्या है बकवास : उपदेशों से भरा क्लाइमैक्स
कब लें ब्रेक : इंटरवल
शानदार पल : जेपी दत्ता की बॉर्डर की तर्ज पर फिल्म में एक सीन है, जो आपको लोट-पोट कर हंसने को मजबूर कर देगा।

Poster Boys Public Review | Sunny Deol | Bobby Deol | Shreyas Talpade | FilmiBeat
प्लॉट

प्लॉट

फिल्म के कुछ मिनटों तक हमें जंघेती वासिस जगावर चौधरी (सनी देओल), विनय शर्मा (बॉबी देओल) और अर्जुन सिंह से मिलवाया जाता है। जंघेती वासिस जगावर चौधरी एक एक्स आर्मी मैन है, जो सेल्फी ऑब्सेस्ड हैं। वहीं विनय शर्मा एक भुलक्कड़ स्कूल टीचर हैं, जो बार-बार सबकुछ भूल जाते हैं और अर्जुन सिंह रिकवरी एजेंट हैं।

ये तीनों तब मुश्किल में पड़ जाते हैं, जब उनकी तस्वीरें गलती से PSA द्वारा पुरुष नसबंदी के प्रमोशन में इस्तेमाल हो जाती हैं। इसी गलतफहमी के चलते जगावर की बहन की शादी टूट जाती है, विनय को तलाक का नोटिस थमा दिया जाता है और अर्जुन की शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया जाता है।

नसबंदी नहीं करवाने के बावजूद हर तरफ उनका मजाक बन जाता है और पूरे गांव में उन्हें बेइज्जत किया जाता है। वहीं इसके बाद ये 'पोस्टर ब्वॉयज' एक साथ आते हैं और साथ में पता लगाने की कोशिश करते हैं कि इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है।

निर्देशन

निर्देशन

बता दें कि ये फिल्म पोश्टर ब्वॉयज का रीमेक है। सनी और बॉबी देओल स्टारर इस फिल्म में खूब सारा पागलपन है। इस पागलपन और कंफ्यूजन के बावजूद फिल्म परफेक्ट सिचुएशनल कॉमेडी के चलते बेहद एंटरटेनिंग है। श्रेयर तलपड़े का निर्देशन में डेब्यू बेहद शानदार है।

वहीं दूसरी तरफ फिल्म कहीं-कहीं ओवर ड्रामेटिक हो जाती है और क्लाइमैक्स में ढ़ेर सारा उपदेश देखने को मिलता है। जो कि फिल्म के फ्लो में फिट नहीं बैठता।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

सनी देओल और बॉबी देओल को इस तरह खुद पर कॉमेडी करते देखना काफी एंटटेनिंग है। कई सीन्स में बॉबी देओल की फोन की रिंगटोन ही बहुत हंसाती है, जो उनकी फिल्म सोल्जर की है। और तो और सनी देओल की कई पुरानी फिल्म से डायलॉग लेकर बॉबी देओल खुद उनके सामने वो डॉयलॉग बोलते हुए काफी फनी लगते हैं।

वहीं श्रेयश तलपड़े भी आपको बहुत हंसाएंगे। हालांकि सोनाली कुलकर्णी का परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा।

तकनीकि पक्ष

तकनीकि पक्ष

पोस्टर ब्वॉयज में कहीं भी तकनीकि पक्ष की भागीदारी नहीं देखने को मिलती है। वहीं सेट और तकनीकि पक्ष को नोटिस करने की जरूरत ही नहीं पड़ती क्योंकि आप हंसने और बार-बार धमाकेदार वन लाइनर को इंजॉय करने में ही व्यस्त रहते हैं। एडिटिंग और सिनेमैटोग्राफी काफी अच्छी है।

म्यूजिक

म्यूजिक

म्यूजिक की बात करें तो, उतना कुछ खास नहीं है। वहीं कुडियां शहर दियां कुछ हद तक याद रह जाता है।

वर्डिक्ट

वर्डिक्ट

लाफ्टर इस बेस्ट मेडिसिन..काम की उलझनों और बोरिंग शेड्यूल से ब्रेक लेकर अगर आपको लाइट कॉमेडी और ढ़ेर सारी हंसी चाहिए तो आपको पोस्टर ब्वॉयज देखने जरूर जाना चाहिए।

English summary
Poster Boys Movie Review story and plot..know everything here
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