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REVIEW...अच्छी कोशिश..टाइगर-नवाजुद्दीन भी हिट..लेकिन फिर भी गड़बड़

Written By: Shweta
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Rating:
2.0/5

कास्ट- टाइगर श्रॉफ, निधी अग्रवाल, नवाजुद्दीन सिद्दीकी
डायरेक्टर - सब्बीर खान
प्रोड्यूसर - विकी रजानी
लेखक - अमाल किंग
शानदार पॉइंट - नवाजुद्दीन सिद्दीकी, टाइगर श्रॉफ का डांस, एक्शन सीक्वेंस
निगेटिव पॉइंट - कहानी,म्यूजिक, डायरेक्शन
शानदार मोमेंट - एक सीन में नवाजुद्दीन निधी को अपने डांस से इंप्रेस करने की कोशिश करते हैं वो काफी मजेदार है।

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प्लॉट

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फिल्म में 1995 से शुरू होती है। हम माइकल (रोनित रॉय) को देखते हैं, एक बैकग्राउंड डांसर जो गोविंदा के गोरिया चुरा ना मेरा जिया पर मुंबई के एक शूट में डांस कर रहा होता है। उसे कहा जाता है कि उम्र की वजह से वो बेहतरीन डांस नहीं कर रहा है और बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। बारिश के बीच रात में नशे में दुखी माइकल को एक अनाथ बच्चा दिख जाता है जिसे वो अपना लेता है।

प्लॉट

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वो बच्चा मुन्ना (टाइगर श्रॉफ) अपने पापा कि तरह माइकल जैक्सन को अपना आइडियल मानता है। उसकी मुलाकात दिल्ली के बदमाश मनिंदर फौजी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से होती है।मनिंदर मुन्ना को अपने डांस टीचर के तौर पर रखता है।वो डॉली (निधी अग्रवाल) से प्यार करता है जो एक कल्ब डांसर है। डॉली को वो अपने डांस से इंप्रेस करना चाहता है।
इसके बाद मेकर्स फिल्म में कुछ ब्रोमांस और लव ट्राएंगल का तड़का लगाते हैं। इसके बाद डैडी ट्रैक, डॉन्स कॉम्पिटिशन देखने मिलता है। सालों पुरानी कहानी को एक बार फिर पर्दे पर उतारा गया है।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

ये सब्बीर खान की टाइगर श्रॉफ के साथ हीरोपंती और बागी के बाद तीसरी फिल्म है लेकिन डायरेक्टर टाइगर श्रॉफ को नए तरीके से नहीं पेश कर पाए। फिल्म में टाइगर शर्टलेस या बिना बटन लगाएशर्ट पहने और अपने एब्स फ्लॉन्ट करते नजर आएंगे।स्टेज पर डांस करते और गुंडो को पीटते नजर आएंगे। लेकिन आगे क्या? इस बार सिर्फ एक ही अंतर है कि उन्हें डायलोग अलग बोलते हैं जैसे "मुन्ना झगड़ा नहीं करता..मुन्ना सिर्फ पीटता है" फिल्म में एक दो नहीं कई कमियां हैं। सबसे बड़ी कमी है फिल्म में टाइम फ्रेम गलत दिखाया गया है। इंट्रो सीन में मुन्ना छोटा होता है और उसके पीछे ऐ दिल है मुश्किल के बिलबोर्ड लगे होते हैं। इतना ही नहीं फिल्म के दूसरे हाफ में हम टाइगर और निधी को चेक लेते देखते हैं जिसमें 21/07/2017 लिखा हुआ होता है।फिल्म में कई तर्कहीन सीन हैं।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

टाइगर श्रॉफ डांसिंग मशीन हैं और उन्हें पता है कि विलेन की हड्डियां तोड़नी है। निधी अग्रवाल का काफी कमजोर रोल है और उन्हें अपने एक्सप्रेशन पर काफी काम करने की जरूरत है। फिल्म में उन्हें सिर्फ ग्लैमरस दिखाया गया है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी के कैरेक्टर से अधिक उन्हें टाइगर से डांस सीखने की जरूरत थी। भगवान का शुक्र है कि फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं जो डूबती को नैया को अपनी एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग की वजह से बचाने की पूरी कोशिश करते हैं।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

हरि के वेदांतम की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के हिसाब से अच्छी है। मनन सागर ने भी अच्छी एडिटिंग की है।

म्यूजिक

म्यूजिक

मुन्ना माइकल में कोई भी ऐसा गाना नहं है कि जो फिल्म के बाद भी आप गुनगुना सकें। कुछ गाने जबरदस्ती फिल्म में डाले हुए लगते हैं।

Verdict

Verdict

इस फिल्म के मेकर्स ने कहा था कि वो इस फिल्म के जरिए पॉप किंग माइकल जैक्सन को ट्रिब्यूट देना चाहते हैं। बदकिस्मती से ये उतनी दमदार नहीं है। एक सीन है जिसमें टाइगर कहते हैं कि"मैं प्रूव करना चाहता हूं कि माइकल हमेशा जिंदा रहेंगे" लेकिन मुन्ना माइकल एक बुरी कोशिश है।

Munna Michael MOVIE REVIEW : Tiger Shroff - Nawazuddin DANCE CHEMISTRY Interesting | FilmiBeat
English summary
Munna Michael review story plot and rating,know how the movie is,
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