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    Mohalla Assi Review: धर्म, आस्था और राजनीति से सजी है सनी देओल की 'मोहल्ला अस्सी'

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    Rating:
    2.5/5
    Star Cast: सनी देओल, रवि किशन, साक्षी तनवर, सौरभ शुक्ला, मुकेश तिवारी
    Director: चंद्रप्रकाश द्विवेदी

    जो मज़ा बनारस में, वह ना पेरिस में न फारस में

    वैश्वीकरण के चपेट में आ रही बनारस और धर्म, आस्था के नाम पर पाखंड करने वालों पर करारी चोट करती है फिल्म मोहल्ला अस्सी। धर्मनाथ पांडेय (सनी देओल) संस्कृत के अध्यापक हैं, शिवभक्त हैं और साथ ही घाट पर तीर्थयात्रियों के काम भी करते हैं। धर्मनाथ अपनी सिद्धांतों पर अडिग है। उन्होंने ना सिर्फ अपने घर को, बल्कि पूरे मोहल्ले को बाज़ारवाद की हवा से दूर रखा है।

    बनारस में कई विदेशी चेहरे नजर आते हैं जो अस्सी में रहने का ठिकाना ढूंढते हैं। लेकिन ब्राह्मणों के इस मोहल्ले में विदेशियों का रहना अस्वीकार्य है। धर्मनाथ पांडेय के अनुसार विदेशियों ने अस्सी घाट को बाजार बना दिया है। गाइड बने गिन्नी (रवि किशन) को धर्मनाथ कहते हैं गंगा हमारे लिए नदी नहीं है, मैया है.. और मैं गंगा को विदेशियों का स्विमिंग पूल नहीं बनने दूंगा।

    Mohalla Assi

    लेकिन एक समय आता है जब धर्मनाथ को भी सासांरिक माया में फंसकर सिद्धांथों से समझौता करना पड़ता है। हमारे मूल्यों को वैश्वीकरण ने किस तरह प्रभावित किया है यह फिल्म में निर्देशक ने सख्ती से समझाया है।

    ब्राह्मणों का मोहल्ला भोले बाबा का घर है। तो मोहल्ले में पप्पू के चाय की दुकान एक राजनीतिक गलियारा। वहां की प्रकृति समझाते हुए निर्देशक कहते हैं- 'हिंदुस्तान में संसद दो जगह चलती है एक दिल्ली में और दूसरी मोहल्ला अस्सी के चाय की दुकान पर।' राजनीति से जुड़े कुछ दमदार और निर्भीक संवाद यहां सुनाई पड़ेंगे।

    Mohalla Assi

    मोहल्ला अस्सी सालों से सेंसर में अटकी पड़ी थी। कई बार कैंची चली, कुछ संवाद बीप किये गए। कई बदलाव आए और फिर जाकर फिल्म सिनेमाघर तक पहुंची। ऐसे में डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी मोहल्ला अस्सी की कहानी कई जगह दम तोड़ती दिखती है। जिन्हें भारतीय राजनीति, धर्म, संस्कृति में रुचि है, उन्हें एक बार यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

    Mohalla Assi

    साक्षी तंवर, रवि किशन, फैज़ल रशीद अपने किरदारों में सच्चे हैं। चाय की दुकान पर बैठकी लगाने वाले सौरभ शुक्ला, मुकेश तिवारी, राजेंद्र मेहता, अखिलेंद्र मिश्रा, मिथिलेश चतुर्वेदी भी प्रभावी हैं। सनी देओल सेकेंड हॉफ के इमोशनल सीन्स में ज्यादा रियल लग पाते हैं। अमोद भट्ट का संगीत फिल्म को नया रंग नहीं दे पाता। हमारी ओर से फिल्म को 2.5 स्टार। बता दें, यह फिल्म काशीनाथ सिंह के उपन्यास 'काशी का अस्सी' पर आधारित है।

    English summary
    Sunny Deol and Sakshi Tanwar starre film Mohalla Assi is satirical take on politics and globalisation. Read the review .
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