»   » जिंदगी में मस्त रहना है तो पढ़िये मस्तराम- फिल्म रिव्यू

जिंदगी में मस्त रहना है तो पढ़िये मस्तराम- फिल्म रिव्यू

Posted By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

स्टार- 3.5
निर्माता-संजीव सिंह पाल, अजय राय
निर्देशक- अखिलेश जैसवाल
कलाकार- राहुल बग्गा, तारा ऐशा बेरी

मस्तराम फिल्म के नाम से ही आपको पुराने समय में आने वाली मस्तराम किताबों की याद आ गयी होगी, जिनमें शब्दों के माध्यम से लोगों की सेक्स संबंधी इच्छाओं को तृप्त किया जाता था। ये सभी किताबें हालांकि सिर्फ लेखक की एक झूठी दुनिया पर आधारित होती थीं और इनकी कहानियां भी काल्पनिक होती थीं। लेकिन इन्हीं कहानियों के पीछे एक सच भी होता था जो कि कोई नहीं जानता। युवाओं में काफी मशहूर रही इन किताबों को ध्यान में रखकर निर्देशक अखिलेश जैसवाल ने एक काल्पनिक कहानी लिखी और उसपर मस्तराम फिल्म बनाई है जो कि हो सकता है कि हालांकि परिवार के संग देखने योग्य तो नहीं है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के रिस्पॉंस को लेकर इतना जरुर कहा जा सकता है कि ये हिट नहीं होगी मगर पिटेगी भी नहीं।

मस्तराम फिल्म की कहानी है एक छोटे शहर में एक बैंक में क्लर्क की नौकरी करने वाले राजाराम (राहुल बग्गा) और उसकी पत्नी रेनू (तारा ऐशा बेरी) की। राजाराम को कहानियां लिखने का बेहद शौक है। वो चाहता है कि कोई बुक पब्लिशर उनकी कहानियों को छापे। ताकि वो अपनी बैंक की नौकरी को छोड़कर अपना पसंदीदा काम कर सकें। एक दिन एक पब्लिशर राजाराम की पुस्तक छापने के लिए तैयार हो जाता है लेकिन वो राजाराम से कहता है कि उन्हें अपनी कहानियों में थोड़ा मसाला डालना होगा। सिंपल कहानियों को पढ़ने का शौक किसे होता है।

राजाराम मसालों की तलाश में काफी भटकते हैं और काफी सोचने के बाद वो ऐसे ऐसे मसाले अपनी कहानियों में डालते हैं कि उनकी कहानियां एक के बाद एक लोगों में पॉपुलर होती चली जाती हैं। यहीं से शुरु होता है राजाराम का पॉर्न पर आधारित कहानियां और किताबें लिखने का सिलसिला। राजाराम की जिंदगी में उनकी ये पॉर्न कहानियां क्या बदलाव लाती हैं ये तो आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।

निर्देशन

निर्देशन

मस्तराम के निर्देशक अखिलेश जैसवाल ने मस्तराम के रुप में एक नौजवान लेखक की जिंदगी को परदे पर उतारा है जोक कि अपनी कहानियों में पॉर्न मसालों को डालकर लोकप्रियता हासिल करता हैा। हालांकि फिल्म में कई जगह बी ग्रेड फिल्म की लिमिट भी क्रॉस होने जैसा प्रतीत हुआ लेकिन निर्देशक ने कई जगह फिल्म को ट्रेक से उतरने से संभाल लिया।

कहानी

कहानी

मस्तराम की कहानी काफी बेहतरीन और अलग हटकर है। लोगों को फिल्म की कहानी पसंद आएगी क्योंकि ये फिल्म उन फिल्मों में से नहीं है जिनमें पॉर्न और न्यूडिटी के साथ बोझिल कहानियां परोसी जाती हैं। काल्पनिक होने के बावजूद कहानी लोगों को बांधे रखेगी।

बी ग्रेड फिल्म का तड़का

बी ग्रेड फिल्म का तड़का

जैसा कि हमने कहा कि मस्तराम फिल्म कई बार बी ग्रेट फिल्म की लिमिट क्रॉस करने की कगार पर पहुंची लेकिन निर्देशक ने संभाल लिया। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के कुछ सीन्स दर्शकों को बी ग्रेड फिल्म के सीन्स का भी फील देंगी।

अभिनय

अभिनय

अभिनय की बात करें राहुल बग्गा ने बेहतरीन काम किया है। अपनी भोली सी सूरत और शक्ल से उन्होंने फिल्म में अपने किरदार में जान डाल दी है। दूसरी तरफ रेनु के किरदार में तारा काफी खूबसूरत दिखी हैं लेकिन अभिनय में थोड़ा चूक गयीं।

फिल्म देखें या नहीं

फिल्म देखें या नहीं

वैल फिल्म उन लोगों को भाएगी जो कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री के निर्देशकों से कुछ नया और अलग बनाने की ख्वाहिश रखते हैं। इस हफ्ते रिलीज हो रही तीनों फिल्में अलग अलग कंटेट के साथ रिलीज हो रही हैं। जिनमें से मस्तराम एक वास्तविक और काल्पनिक दोनों दुनिया का फील रखती है। परिवार के साथ तो ना जाएं लेकिन अपने दोस्तों के साथ जाकर निर्देशक की कुछ अलग सोच को इंज्वॉय किया जा सकता है।

English summary
Mastram movie is a story of a young writer who is a bank clerk but wants to write stories. One publisher aakes him to write stories with masala and then he starts writing Porn novels and stories. Rahil Bagga and Tara starer Mastram is a based on fiction.
Please Wait while comments are loading...