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Machine Movie Review: कियारा-मुस्तफा की इस लव स्टोरी में कुछ भी 'मस्त' नहीं

By Madhuri
|

Rating:
1.0/5
Star Cast: मुस्तफा, कियारा आडवाणी, रोनित राॅय, जॉनी लीवर, सुप्रिया कार्णिक
Director: अब्‍बास बर्मावाला

शानदार पॉइंट -खूबसूरत लोकेशन

निगेटिव पॉइंट - परफॉर्मेंस, प्लॉट, डायलोग और बाकी सबकुछ

machine-movie-review-story-plot-and-rating-mustafa-burmawala-kiara-advani

अब्बास मस्तान ने फिल्म मशीन को मुस्तफा बर्मावाला को लॉन्च करने के लिए बनाया गया है। मुस्तफा ने फिल्म को डूबने से बचाने के लिए पूरी मेहनत की है लेकिन वो अपने कैरेक्टर के साथ कनेक्ट नहीं कर पाते। उनकी एक्टिंग भी कुछ खास कमाल की नहीं है। कियारा आडवाणी पूरी फिल्म में गाउन, ड्रेस, आई लैश और खूबसूरत दिखने पर ध्यान दी हैं। एहसान शंकर और कार्ला डेनिस ने भी अपना काम अच्छे से किया है लेकिन तारीफ रोनित रॉय की करनी होगी जिन्होंने फिल्म को संभालने की कोशिश है। जॉनी लीवर भी अपने मजाक और पंच से फिल्म में ह्युमर देने की कोशिश करते हैं।

 प्लॉट

प्लॉट

फिल्म की शुरूआत उत्तर भारत से होती है जहां सारा थापर (कियारा आडवानी) एक अनाथालाय में चैरिटी करती है।अगले ही पल कार दौ़ड़ाते नजर आती हैं। एक जगह पर कार फिसल जाती है और अपने साथ साथ एक दूसरी कार का भी एक्सिडेंट होने से बचाती है। ऐसे उसकी मुलाकात रंश (मुस्तफा) से होती है। बस रंश की नजर मुस्तफा पर रहची है और मिलते हीं उसके ड्राइविंग सीट पर बैठता है और हॉस्टल पहुंचाता है। उनकी अगली मुलाकात एक कार रेसिंग में होती है जिसमें दोनों हिस्सा लेते हैं और बाजीगर स्टाइल में रंश जीत भी जाता है। सारा उससे इसका राज पूछती है और रंश का डायलोग होता "मैं ब्रेक पर पांव नहीं रखता ..क्योंकि मुझे मौत से डर नहीं लगता", इस डायलोग के बाद आप भी यही चाहते कि काश ये सीन होता ही नहीं।

 प्लॉट

प्लॉट

इसके बाद प्लॉट में आप स्टॉकर, रोमियो-जुलियट नाटक, गाने, रंग बिरंगे कपड़े देखेंगे।सारा के पापा (रोनित रॉय) की हामी के बाद जल्दी ही दोनों शादी कर लेते हैं।शादी शुदा ये जोड़ा हनीमून पर जाता है। रोमांटिक गाना होता है, दोनों के रोमांटिक सीन होता है और अचानक रंश सारा को पहाड़ की उच्चाईयों से धक्का दे देता है। बाकी कहानी में आपको पता चलेगा कि रंश के क्या इरादे हैं और उसके क्राइम करने के पीछे क्या कारण होता है।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

थ्रिलर फिल्मों के लिए मशहूर अब्बास मस्तान की ये फिल्म देखकर आपको थोड़ा दुख भी होगा। मशीन भी आपको उनकी पिछली फिल्मों की याद दिलाएगी लेकिन फिल्म आपको पकड़कर रखने में कामयाब नहीं हो पाती । फिल्म के बोझिल डायलोग सुनकर आप किसी तरह फिल्म खत्म कर पाएंगी। फिल्म के कैरेक्टर भी काफी तर्कहीन हैं और स्थिती तो उससे भी ज्यादा तर्कहीन। कुल मिलाकर फिल्म डिजास्टर है।इसके बाद हमें लगता है ज्यादा कुछ कहने की जरुरत नहीं है।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

थ्रिलर फिल्मों के लिए मशहूर अब्बास मस्तान की ये फिल्म देखकर आपको थोड़ा दुख भी होगा। मशीन भी आपको उनकी पिछली फिल्मों की याद दिलाएगी लेकिन फिल्म आपको पकड़कर रखने में कामयाब नहीं हो पाती । फिल्म के बोझिल डायलोग सुनकर आप किसी तरह फिल्म खत्म कर पाएंगी। फिल्म के कैरेक्टर भी काफी तर्कहीन हैं और स्थिती तो उससे भी ज्यादा तर्कहीन। कुल मिलाकर फिल्म डिजास्टर है।इसके बाद हमें लगता है ज्यादा कुछ कहने की जरुरत नहीं है।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

इस फिल्म को मुस्तफा को लॉन्च करने के लिए बनाया गया है। मुस्तफा की कोशिश पूरी फिल्म में दिखी है कि उन्होंने फिल्म को डूबने से बचाने के लिए पूरी मेहनत की है लेकिन वो अपने कैरेक्टर के साथ कनेक्ट नहीं कर पाते। उनकी एक्टिंग भी कुछ खास कमाल की नहीं है।कियारा आडवाणी पूरी फिल्म में गाउन, ड्रेस, आई लैश और खूबसूरत दिखने पर ध्यान दी हैं। एहसान शंकर और कार्ला डेनिस ने भी अपना काम अच्छे से किया है लेकिन तारीफ रोनित रॉय की करनी होगी जिन्होंने फिल्म को संभालने की कोशिश है। जॉनी लीवर भी अपने मजाक और पंच से फिल्म में ह्युमर देने की कोशिश करते हैं।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

फिल्म के बोझिल डायलोग ज्यादातर फेसबुक पोस्ट की तरह लगते हैं दैसे " मैं तुम्हारे होठों की लिपस्टिक तो खराब करूंगा लेकिन तुम्हारे आंखो का काजल कभी नहीं" और "5 मिनट के लिए किसी का फोन मिल जाए तो उसकी जात, पात, औकात सब पता चल जाती है।" फिल्म का एक और डायलोग है "First Love burns the Brightest"। फिल्म बनाते समय ये ध्यान रखना चाहिए था कि ये 2017 है।फिल्म में एक बात जो अच्छी है वो हैं इसके लोकेशन जिसमें आप खो जाएंगे। 148 मिनट की फिल्म में आप अपने धीरज की परीक्षा ले लेंगे।

म्यूजिक

म्यूजिक

पता नहीं बॉलीवुड कब पुराने गानों के साथ खिलवाड़ करना बंद करेगा? 'एक चतुर नार' या 'तू चीज बड़ी है मस्त मस्त' सुनकर आप म्यूजिकल कोमा में चले जाएंगे। ये पुराने क्लासिक गानों के साथ जो हुआ नहीं होना चाहिए था। बाकी गाने भी याद रखने लायक नहीं है।

Verdict

Verdict

हम आपको सलाह देंगे अगर आप मशीन देखने की सोच रहे हैं अपने दिल,दिमाग साइड रख दें। नहीं देखने वाले अक्षय-रवीना की तू चीज बड़ी है मस्त मस्त याद रखें तो बेहतर होगा।

English summary
Keeping your brain, heart and other functional organs aside is highly advisable if you EVER plan to plunge yourself in this abyss. For those who are lucky enough to escape from its clutches, let's just stick to Akshay Kumar- Raveena Tandon's Tu Cheez Badi Hai Mast Mast song instead!
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