लक बाय चांस: बालीवुड की पड़ताल

निर्देशक: जोया अख्तर
लेखक: जोया अख्तर
संगीत: शंकर अहसान लाय
कलाकार: फरहान अख्तर, रितिक रोशन, कोंकणा सेन शर्मा, ऋषि कपूर, ईशा शरवानी, जुही चावला, डिम्पल कपाडिया
फिल्म लक बाय चांस से फिल्म निर्देशन में कदम रखने जा रही जोया अख्तर ने एक बेहतरीन प्रयास किया है। यह फिल्म बालीवुड की सपनीली दुनियां की हकीकत को बाहर लाने के प्रयास में सफल रही है।
जोया ने फिल्म की पटकथा खुद लिखी है जो फिल्म को शुरूआत से अंत तक बांधे रखती है। फिल्म की मुख्य कहानी के साथ सभी पात्रों की व्यक्तिगत जीवन की कहानियां भी चलती रहती है जो फिल्म को और भी प्रभावी बनाती है।
कहानी: विक्रम ( फरहान अख्तर) एक अभिनेता बनने के इरादे से मुम्बई पहुंचता है। जहां उसका दोस्त अभिमन्यू (अर्जुन माथुर) उसकी हरसंभव मदद करता है जो कि टेलीविजन में काम करता है।
सोना मिश्रा (कोंकणा सेन शर्मा) पिछले कई सालों से अभिनेत्री बनने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उसने कुछ बी ग्रेड की फिल्मों में काम किया है और बेहतर भूमिकाओं की तलाश में कुछ भी करने को तैयार रहती है। विक्रम जानता है कि उसे कैसे अपना काम निकालना है। इसी बीच सोना और विक्रम में दोस्ती हो जाती है जो धीरे धीरे प्यार में बदल जाती है।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रोमी रोली ( ऋषि कपूर) नई फिल्म बनाने की घोषणा करता है जिसमें वो अभिनेता जफर खान ( रितिक रोशन) और नई अभिनेत्री निक्की ( ईशा शरवानी) को मुख्य भूमिकाओं में लेता है। निक्की बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री नीना (डिम्पल कपाडिया) की बेटी है।
रोमी रोली अंधविश्वासी होने के कारण ही अपनी फिल्म में जफर को लेता है क्योंकि रोमी ने उसके साथ जो पहली फिल्म बनाई थी वो सुपरहिट रही थी।
लेकिन वक्त कुछ ऐसे करवट लेता है कि जफर फिल्म में काम करने से मना कर देता है जिससे रोली को नए अभिनेता की तलाश होती है। विक्रम का भाग्य कुछ ऐसे करवट लेता है कि उसे फिल्म मे जफर का रोल मिल जाता है।
विक्रम जहां धीरे धीरे सफलता की ओर बढता है वहीं उसे व्यकित्गत जीवन में काफी कुछ सहना पड़ता है। उसका सोना से अलगाव हो जाता है। फिल्म की पूरी कहानी इन्ही सभी पात्रों के जीवन के उतार चढाव से होकर गुजरती है।
रोली की पत्नी की भूमिका में जुही चावला है। फिल्म में ओम शांति ओम की तरह एक गाना है जिसमें लगभग सभी फिल्मी सितारों पर डांस फिल्माया गया है।
जोया की पहली फिल्म है लेकिन अपनी पहली ही फिल्म में उन्होंने इतने जटिल विषय को काफी परपिक्वता से पेश किया है। जावेद अख्तर के लिखे गए संवाद बेहतरीन है। फिल्म में सर्कस के उपर फिल्माया गया गीत बहुत बेहतरीन है। शंकर अहसान लाय का संगीत थोड़ा और बेहतर होना चाहिए था।
फरहान अख्तर ने अपने सहज और नैसर्गिक अभिनय से जता दिया है कि वे आने वाले कल के स्टार साबित हो सकते है। वहीं कोकणा ने भी अपना दमदार अभिनय बरकरार रखा है। ऋषि कपूर ने भी लाजवाब अभिनय किया है। सभी कलाकारो ने बेहतर अभिनय किया है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो लक बाय चांस सभी मामलों मे बेहतरीन फिल्म है आप यह फिल्म जरूर देखने जाए।
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