आदमी बड़ा हो या छोटा.. कहानी बड़ी होनी चाहिए- ढिश्कियाऊं फिल्म रिव्यू!
(सोनिका मिश्रा) बतौर एक्ट्रेस बॉलीवुड में अपना सिक्का जमाने वाली खूबसूरत अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी बतौर निर्माता पहली बार ढिश्कियाऊं फिल्म के साथ आ रही हैं। शिल्पा शेट्टी के प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्म ढिश्कियाऊं में उनके साथ कई फिल्मों में नज़र आ चुके एक्शन हीरो सन्नी देओल मुख्य भूमिका निभाएंगे। सन्नी देओल के अलावा फिल्म में हरमन बावेजा और आएशा खन्ना मुख्य भूमिका में हैं। शिल्पा शेट्टी के अनुसार फिल्म में सन्नी देओल की बजाय बाकी दोनों कलाकार छोटे हैं लेकिन फिल्म की कहानी और फिल्म के डायलॉग फिल्म की यूएसपी हैं। शिल्पा शेट्टी ने कहा कि आजकल की फिल्मों में वो अच्छे और दमदार डायलॉग मिस करती हैं और ढिश्कियाऊं फिल्म बनाने के पीछे यही एक वजह है। फिल्म में एक से बढ़कर एक पंच वाले डायलॉग हैं जो कि लोगों को बेहद पसंद आएंगे।
सन्नी देओल इससे पहले हैरी बावेजा की फिल्मों में काम कर चुके हैं। अब उनके बेटे हरमन बावेजा के साथ काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए सन्नी देओल ने बताया कि हरमन के साथ काम करने का एक्सपीरियंस बेहतरीन था। अपने से यंग लोगों के साथ काम करने का अपना ही मजा है। ढिश्कियाऊं फिल्म का टाइटल हरमन बावेजा का दिया हुआ है। फिल्म का नाम पहले कुछ और था लेकिन शिल्पा को वो टाइटल कुछ पसंद नहीं था। एक दिन हरमन के मुंह से ढिश्कियाऊं शब्द सुनकर शिल्पा ने फिल्म का टाइटल ही ढिश्कियाऊं रख दिया।
ढिश्कियाऊं फिल्म की कहानी है विकी कारतूस (हरमन बावेजा) की जो कि एक गैंगस्टर है। विकी शहर का सबसे बड़ा गैंगस्टर बनना चाहता है। इसमें उसका साथ देता है मोटा टोनी और उसका स्कूल का दोस्त। हरमन टोनी के जरिये शहर के सबसे बड़े गैंगस्टर के साथ काम करने लग जाता है। लेकिन शहर का गैंगस्टर बनने के चक्कर में विकी बहुत कुछ खो देता है। अपना प्यार मीरा, अपना दोस्त और गाइड मोटा टोनी। लेकिन वो हार नहीं मानता और टोनी की मौत का बदला लेने के लिए वो शहर के सबसे बड़े गैंगस्टर खलीफा के गैंग में शामिल होकर उसका भरोसा जीत लेता है। सन्नी देओल विकी को जेल मेिलता है। वहां से सन्नी देओल विकी की मदद करने के लिए आगे आता है और अंत तक उसकी मदद करते हुए उसे शहर के सबसे बड़े गैंगस्टर की कुर्सी पर पहुंचा देता है। लेकिन किस्मत ने विकी के लिए कुछ और ही चुना है। यहां तक पहुंच कर भी उसका सफर खत्म नहीं होता।
ढिश्कियाउं फिल्म का संगीत बहुत खास नहीं है लेकिन फिल्म के कुछ गाने जरुर अच्छे बन पड़े हैं। फिल्म में शुरुआत से लेकर अंत तक बहुत ही बेहतरीन तरीके से सस्पेंस बनाए रखा गया है। किसी को अंदाजा तक नहीं होता कि फिल्म में विलेन है कौन। डायलॉग की बात की जाए तो कुछ डायलॉग जरुर अच्छे हैं। हरमन ने इस फिल्म में काफी अच्छी कोशिश की है अपने किरदार के साथ न्याय करने की। हालांकि अपने रोमांटिक सीन्स के अलावा बाकी सीन्स में हरमन थोड़ा आउट ऑफ फोकस लगे हैं।
सन्नी देओल ने फिल्म में बीच बीच में आकर फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने का काम किया है। लेकिन सन्नी इस बार अपने दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सके।


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