क्लास ऑफ '83 फिल्म रिव्यू: बॉबी देओल स्टारर इस क्राइम- ड्रामा में, ड्रामा की काफी कमी है
निर्देशक- अतुल सभरवाल
कलाकार- बॉबी देओल, अनूप सोनी, विश्वजीत प्रधान, जॉय सेनगुप्ता, भूपेंद्र जडावत, समीर परांजपे, हितेश भोजराज, पृथ्विक प्रताप, निनाद महाजनी
प्लैटफॉर्म- नेटफ्लिक्स
हुसैन जैदी के उपन्यास 'क्लास ऑफ '83' पर आधारित यह फिल्म मुंबई पुलिस और गैंगस्टर ड्रामा को कुछ अलग ढ़ंग से पेश करने की कोशिश करती है। बॉलीवुड में जहां ज्यादातर फिल्मों ने अंडरवर्ल्ड की दुनिया से रूबरू करवाया है, वहीं इस फिल्म ने दर्शकों को पुलिस प्रणाली से जोड़ने की कोशिश की है। लेकिन कहानी में नयापन नहीं है।

"पुलिस सिस्टम एक ऐसा सिक्का है जिसके दो साइड होते हैं, एक लॉ और दूसरा ऑर्डर.. कभी कभी ऑर्डर बनाए रखने के लिए लॉ को बलि चढ़ाना पड़ता है".. फिल्म की शुरुआत और अंत दोनों इसी संवाद के साथ होती है। और इसके बीच है कहानी- एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की, भ्रष्टाचार की, देश के कानून व्यवस्था की।


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