वॉर्डरोब मालफंक्शन : इस ‘शिकार’ के लिए जिम्मेदार कौन?

By कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद। वॉर्डरोब मालफंक्शन। सामान्यतः यह शब्द हमें बॉलीवुड और हॉलीवुड से जुड़ी खबरों में पढ़ने को मिलता है और इस शब्द से जुड़ी खबरों में प्रकाशित-प्रसारित फोटो या वीडियो भी लोग खूब दिलचस्पी के साथ देखा करते हैं। ऐसे समाचारों की विशेषता यह होती है कि जिस व्यक्ति से जुड़ी यह खबर होती है, उसे शिकार हुईं/शिकार हुआ के रूप में दर्शाया जाता है और इसमें अधिकांशतः महिला ही होती है और वो भी अभिनेत्रियाँ हीं, क्योंकि आम जनजीवन में कोई भी सामान्यतः इस तरह शिकार बनता ही नहीं है।

क्या है यह वॉर्डरोब मालफंक्शन? और क्यों अभिनेत्रियों या सेलिब्रिटियों के साथ इस शब्द के जुड़ने पर उन्हें शिकार के रूप में प्रचारित-प्रसारित किया जाता है? शाब्दिक अर्थ की गहराई में जाएँ, तो वॉर्डरोब मालफंक्शन का मतलब होता है अलमारी में खराबी। अब सोचिए जरा कि अलमारी में खराबी हो, तो उसके लिए जिम्मेदार किसे ठहराना चाहिए? अलमारी में खोट हो और उसमें से चोरी हो जाय, तो जिम्मेदार अमलारी को ठहराया जाना चाहिए या चोर को?

अब हम मुद्दे की बात पर आते हैं। सामान्यतः बॉलीवुड और हॉलीवुड जगत से जुड़े समाचारों में किसी अभिनेत्री के वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार होने की खबरें सुर्खियाँ बन जाती हैं। वे पढ़ी भी खूब जाती हैं। इसमें भी हाल ही में जी सिने अवॉर्ड्स समारोह मां यामी गौतम नामक मॉडल-सह-अभिनेत्री वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार बनीं। यामी कोई नई या पहली शिकार नहीं हैं। इससे पहले भी हॉलीवुड की पामेला एन्डर्सन से लेकर बॉलीवुड की मल्लिका शेरावत सहित अनेक अभिनेत्रियाँ इस वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार हो चुकी हैं।

परंतु ऐसी घटनाओं में अभिनेत्रियों का शिकार होने जैसी क्या बात है? अभिनेत्रियाँ या सेलिब्रिटियाँ यदि ऐसे किसी वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार बनती हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? वॉर्डरोब मालफंक्शन को लेकर सामान्यतः यह भी कहा जाता है कुछ सेलिब्रिटियाँ पब्लिसिटी स्टंट के लिए जान-बूझ बोझ कर ऐसा शिकार बनने को आतुर होती हैं, तो कुछ अनजाने में भी इस तरह का शिकार बन जाती हैं, परंतु बात फिर वहीं आती है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? यह सबसे बड़ा प्रश्न है।

फिर एक बार वॉर्डरोब मालफंक्शन के शाब्दिक अर्थ के साथ वास्तविकता को जोड़ते हैं। स्पष्ट है कि अलमारी में खराबी हो या खोट हो और फिर चोरी हो, तो जिम्मेदार चोर को नहीं ठहराया जा सकता। कोई यह नहीं कह सकता कि अलमारी चोर या चोरी का शिकार बनी। हमें अलमारी में सुधार कर लेना चाहिए।

हाँ, यदि अलमारी में खामी न हो और चोरी हो जाए, तो हम पुलिस व कानून-व्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं, परंतु अलमारी में ही खोट हो, तो पहले हमें अलमारी की खामी को सुधार लेना चाहिए।

यह बात बॉलीवुड-हॉलीवुड हस्तियों पर भी लागू होती है। वे यदि सचमुच क्षोभ का अनुभव करती हों और स्वयं शिकार न बनना चाहती हों, तो उन्हें सार्वजनिक समारोहों में धोखा दे जाने वाले कपड़े पहनने से परहेज करना चाहिए। यदि वे ऐसे दगाबाज कपड़े पहन कर सार्वजनिक समारोहों में आती हों, तो फिर वॉर्डरोब मालफंक्शन के लिए इस शब्द के शाब्दिक अर्थ के अनुसार तो उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जा सकता ह। उनकी फोटो खींचने वाले या उन्हें देखने वाले लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस प्रकार वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार बनने जैसे शीर्षक भी असार्थक और अतर्कसंगत ही कहलाएँगे।

आइए आपको दिखाते हैं वॉर्डरोल मालफंक्शन का कथित शिकार बनी हस्तियों की तसवीरें।

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